डायबिटीज और बीपी के मरीज करवा चौथ का व्रत कैसे रखें? जानिये सुरक्षा और सावधानियां

करवा चौथ का व्रत आस्था और विश्वास का पर्व है. इस दिन कई महिलाएं सूर्योदय से चंद्रदर्शन तक निर्जला व्रत रखती हैं. हालांकि, डायबिटीज (मधुमेह) और हाई ब्लड प्रेशर (बीपी) के मरीजों के लिए लंबे समय तक भूखे-प्यासे रहना स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा कर सकता है. ऐसे में व्रत रखने से पहले कुछ जरूरी सावधानियां बरतना बेहद आवश्यक है.
डॉक्टर की सलाह जरूर लें
यदि आप डायबिटीज या हाई बीपी की मरीज हैं, तो व्रत रखने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें. हर व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति अलग होती है, इसलिए डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही व्रत का निर्णय लेना बेहतर रहता है.
सरगी में पौष्टिक भोजन करें
सरगी के समय ऐसा भोजन लें जो लंबे समय तक ऊर्जा प्रदान करे. इसमें दलिया, ओट्स, मल्टीग्रेन रोटी, दूध, दही, सूखे मेवे और फल शामिल किए जा सकते हैं. अधिक चीनी और तली-भुनी चीजों से बचना चाहिए. इससे ब्लड शुगर को संतुलित रखने में मदद मिलती है.
पर्याप्त पानी पिएं
व्रत शुरू होने से पहले पर्याप्त मात्रा में पानी पी लें. शरीर में पानी की कमी होने पर बीपी प्रभावित हो सकता है और कमजोरी महसूस हो सकती है. नारियल पानी, छाछ या बिना चीनी वाले पेय भी सरगी के समय लिए जा सकते हैं.
दवाओं का समय समझें
डायबिटीज और बीपी के मरीज नियमित रूप से दवाएं लेते हैं. व्रत के दौरान दवा के समय में बदलाव की जरूरत पड़ सकती है. बिना डॉक्टर की सलाह के दवाओं को बंद या उनके समय में बदलाव न करें.
शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें
यदि व्रत के दौरान चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी, पसीना आना, धुंधला दिखाई देना, सिरदर्द या घबराहट जैसी समस्याएं महसूस हों, तो तुरंत स्वास्थ्य पर ध्यान दें. यह लो ब्लड शुगर या बीपी में उतार-चढ़ाव का संकेत हो सकता है.
ज्यादा शारीरिक मेहनत न करें
व्रत के दौरान शरीर को अतिरिक्त ऊर्जा की आवश्यकता होती है. ऐसे में भारी व्यायाम, लंबी यात्रा या अत्यधिक शारीरिक मेहनत से बचना चाहिए. पर्याप्त आराम करना भी जरूरी है.
व्रत खोलते समय रखें ध्यान
चांद देखने के बाद व्रत खोलते समय एकदम से भारी भोजन न करें. सबसे पहले पानी, नारियल पानी या फल लें. इसके बाद हल्का और संतुलित भोजन करें. इससे ब्लड शुगर और पाचन तंत्र पर अचानक दबाव नहीं पड़ता. करवा चौथ का व्रत आस्था और विश्वास का पर्व है. इस दिन कई महिलाएं सूर्योदय से चंद्रदर्शन तक निर्जला व्रत रखती हैं. हालांकि, डायबिटीज (मधुमेह) और हाई ब्लड प्रेशर (बीपी) के मरीजों के लिए लंबे समय तक भूखे-प्यासे रहना स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा कर सकता है. ऐसे में व्रत रखने से पहले कुछ जरूरी सावधानियां बरतना बेहद आवश्यक है.



