चुनावी काम में लापरवाही पर बड़ा एक्शन, दो प्रिंसिपल और एक शिक्षक सस्पेंड, नोटिस का जवाब नहीं देना भी पड़ा भारी

Last Updated:October 26, 2026, 22:41 IST
Dausa News: दौसा जिले में चुनावी प्रशिक्षण से गैरहाजिर रहने और नोटिस का जवाब न देने पर जिला निर्वाचन अधिकारी सौम्या झा के निर्देश पर दो प्रिंसिपल और एक शिक्षक को सस्पेंड कर दिया गया है. चुनाव के दौरान अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाने के लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि मतदान से जुड़े काम तय नियमों के अनुसार पूरे किए जा सकें. ऐसे में प्रशिक्षण में शामिल होना जरूरी माना जाता है.
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दौसा में चुनावी प्रशिक्षण से गैरहाजिर रहना दो प्रिंसिपल और एक शिक्षक को पड़ा भारी
दौसा. राजस्थान के दौसा जिले में चुनावी काम से जुड़े प्रशिक्षण में गैरहाजिर रहना तीन शिक्षकों को भारी पड़ गया. जिला प्रशासन ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए दो प्रिंसिपल और एक शिक्षक को सस्पेंड कर दिया है. निलंबित किए गए कर्मचारियों में महुआ के स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल के प्रिंसिपल दिनेश मीणा, दीवांचली कला के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रिंसिपल मनोहर लाल मीणा और खेमावास के राजकीय संस्कृत विद्यालय के शिक्षक मीठालाल मीना शामिल हैं.
यह कार्रवाई जिला निर्वाचन अधिकारी सौम्या झा के निर्देश पर की गई है. सामने आई जानकारी के मुताबिक, तीनों कर्मचारी चुनावी कार्य से जुड़े प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहे थे. इसके बाद उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया, लेकिन उन्होंने नोटिस का जवाब भी नहीं दिया. इसी के चलते उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई.
चुनावी प्रशिक्षण में नहीं पहुंचे थे तीनों कर्मचारी
चुनाव से जुड़े काम में कर्मचारियों की भूमिका अहम होती है. चुनाव के दौरान अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाने के लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि मतदान से जुड़े काम तय नियमों के अनुसार पूरे किए जा सकें. ऐसे में प्रशिक्षण में शामिल होना जरूरी माना जाता है. दौसा जिले में सामने आए इस मामले में दो स्कूलों के प्रिंसिपल और एक शिक्षक प्रशिक्षण में शामिल नहीं हुए थे. इसे चुनावी काम में लापरवाही के तौर पर लिया गया. इसके बाद संबंधित कर्मचारियों से जवाब मांगा गया, लेकिन नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर प्रशासन ने अगला कदम उठाया.
महुआ के स्कूल के प्रिंसिपल दिनेश मीणा सस्पेंडनिलंबित किए गए कर्मचारियों में पहला नाम स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल, महुआ के प्रिंसिपल दिनेश मीणा का है. चुनावी कार्य से जुड़े प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहने और नोटिस का जवाब नहीं देने के कारण उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है. दिनेश मीणा के निलंबन की कार्रवाई जिला निर्वाचन अधिकारी सौम्या झा के निर्देश पर हुई है. इस कार्रवाई के बाद चुनावी ड्यूटी से जुड़े प्रशिक्षण में कर्मचारियों की मौजूदगी को लेकर प्रशासन के सख्त रुख का संकेत मिला है.
दीवांचली कला के प्रिंसिपल पर भी कार्रवाईदूसरे कर्मचारी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, दीवांचली कला के प्रिंसिपल मनोहर लाल मीणा हैं. उन्हें भी प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहने और नोटिस का जवाब नहीं देने के कारण सस्पेंड किया गया है. इस मामले में खास बात यह है कि कार्रवाई केवल एक स्कूल तक सीमित नहीं रही. अलग-अलग स्कूलों में पदस्थ दो प्रिंसिपल और एक शिक्षक को एक ही तरह के मामले में निलंबित किया गया है. तीसरे कर्मचारी राजकीय संस्कृत विद्यालय, खेमावास के शिक्षक मीठालाल मीना हैं. उन्हें भी चुनावी प्रशिक्षण में गैरहाजिर रहने और नोटिस का जवाब नहीं देने के कारण सस्पेंड किया गया है. इस तरह दौसा जिले में चुनावी काम से जुड़े प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहने के मामले में कुल तीन कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई है. इनमें दो प्रिंसिपल और एक शिक्षक शामिल हैं.
जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देश पर हुई कार्रवाईतीनों कर्मचारियों के निलंबन की कार्रवाई जिला निर्वाचन अधिकारी सौम्या झा के निर्देश पर की गई. मामले में सामने आए तथ्यों के अनुसार, प्रशिक्षण में अनुपस्थिति के बाद संबंधित कर्मचारियों को नोटिस दिया गया था. लेकिन नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर निलंबन का फैसला लिया गया. चुनावी काम के दौरान कर्मचारियों को सौंपी गई जिम्मेदारियों और प्रशिक्षण को अहम माना जाता है. ऐसे में इस तरह की कार्रवाई से दूसरे कर्मचारियों को भी अपने चुनावी दायित्वों को लेकर सतर्क रहने का संदेश जा सकता है.
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आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…
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First Published :
October 26, 2026, 22:41 IST



