National

UP Chunav 2027: पहले पंडित, अब अग्रवाल… अखिलेश यादव ने फिर बदली PDA की परिभाषा, जानिए इसके मायने

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव बयान पर बयान दे भी रहे हैं और बदल भी रहे हैं. पहले ‘P’ में पंडित को शामिल करने की बात की थी, अब ‘A’ से अग्रवाल समाज को साधने वाला दांव खेल दिया है. सपा अब अपने पारंपरिक पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक समीकरण के साथ दूसरे सामाजिक समूहों तक पहुंच बनाने का संदेश दे रही है. अगस्त 2026 में अखिलेश PDA में ‘P’ का अर्थ पंडित भी बता चुके हैं. अब अग्रवाल-अग्रवंशी समाज को इसमें शामिल करने की बात कहकर उन्होंने अपने सामाजिक गठबंधन की व्यापकता पर जोर दिया है.

आगरा में सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल की जीत के बाद अखिलेश यादव ने PDA की परिभाषा का दायरा बढ़ाने वाला संदेश दिया है. उन्होंने बीजेपी कार्यकर्ताओं पर आकाश अग्रवाल के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब PDA में ‘A’ का मतलब अग्रवाल-अग्रवंशी भी है. अखिलेश का दावा है कि अग्रवाल समाज के साथ आने से समाजवादी पार्टी का जनाधार और मनोबल कई गुना बढ़ा है.

यूपी चुनाव 2027 में क्या मायावती-अखिलेश फिर आएंगे एक साथ?

अखिलेश यादव ने X पर क्या लिखा?

अखिलेश यादव ने 28 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ‘PDA’ में ‘A’ का मतलब अब तो ‘अग्रवाल-अग्रवंशी’ भी है. डॉ. आकाश अग्रवाल जी के साथ भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों ने जिस प्रकार आंखों में आंसू लाने व कपड़े फाड़ने का दुर्व्यवहार किया है, उससे समस्त अग्रहरि समाज ‘पीड़ित, दुखी, अपमानित’ होकर बेहद आहत है.’

उन्होंने आगे लिखा कि अग्रवाल समाज के साथ आने से सपा की ताकत कई गुना बढ़ गई है. उनके मुताबिक, शैक्षिक और व्यावसायिक रूप से सशक्त इस समाज के जुड़ने से पार्टी का जनाधार और मनोबल भी बढ़ा है. अखिलेश ने इसी संदर्भ में कहा कि अब PDA की लड़ाई वास्तव में ‘5 प्रतिशत भाजपाई बनाम 95 प्रतिशत PDA’ की हो गई है. उन्होंने डॉ. राम मनोहर लोहिया के आदर्शों को भी याद किया.

PDA का मतलब पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक, लेकिन…

समाजवादी पार्टी की राजनीति में PDA का मतलब पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक रहा है. अखिलेश यादव ने इसे बीजेपी के खिलाफ व्यापक सामाजिक गठबंधन के रूप में पेश किया है. लेकिन 2027 के चुनाव से पहले वह इस संक्षिप्त नाम के जरिए दूसरे समुदायों को भी जोड़ने का राजनीतिक संदेश दे रहे हैं.

यूपी चुनाव 2027 में इसके क्या मायने हैं?

सपा की रणनीति के लिहाज से अग्रवाल समाज का उल्लेख महत्वपूर्ण है. यह समुदाय व्यापार और व्यवसाय से जुड़ी पहचान रखता है और परंपरागत रूप से बीजेपी के समर्थक सामाजिक समूहों की चर्चा में भी आता रहा है. ऐसे में अखिलेश का इसे PDA से जोड़ना यह संदेश देने की कोशिश है कि सपा का सामाजिक गठबंधन किसी एक जाति या वर्ग तक सीमित नहीं है. हालांकि, अग्रवाल समाज के सभी मतदाताओं के सपा के साथ आने का निष्कर्ष केवल इस बयान से नहीं निकाला जा सकता.

बीजेपी के सामाजिक आधार को चुनौती देने का प्रयास

अखिलेश ने अपने पोस्ट में बीजेपी कार्यकर्ताओं पर डॉ. आकाश अग्रवाल के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया. उन्होंने इसी कथित घटना को अग्रहरि समाज की पीड़ा और राजनीतिक भागीदारी से जोड़ा. इस तरह सपा नेतृत्व ने स्थानीय चुनावी विवाद को सामाजिक सम्मान के बड़े सवाल के रूप में पेश किया है.

पंडित और अग्रवाल-अग्रवंशी से क्या हासिल करेंगे अखिलेश?

पंडित और अग्रवाल-अग्रवंशी को PDA की व्याख्या में शामिल करने से सपा यह संदेश देना चाहती है कि सामाजिक न्याय की उसकी राजनीति में नए समुदायों के लिए भी जगह है. लेकिन इस संदेश की वास्तविक राजनीतिक उपयोगिता इस बात पर निर्भर करेगी कि पार्टी इन समुदायों के मुद्दों, प्रतिनिधित्व और संगठनात्मक भागीदारी को किस तरह आगे बढ़ाती है.

चुनाव के दिन मीडिया के कैमरों के सामने फूट फूटकर रोने वाले सपा के आकाश अग्रवाल के सिर आखिरकार सज गया जीत का सेहरा.

आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में डॉ. आकाश अग्रवाल की जीत के बाद अखिलेश यादव ने न केवल उन्हें बधाई दी, बल्कि पार्टी के अन्य विजयी उम्मीदवारों से भी शांति बनाए रखने की अपील की. उन्होंने विजय जुलूस न निकालने और जीत का संदेश सोशल मीडिया के माध्यम से पहुंचाने को कहा. अखिलेश ने आशंका जताई कि जुलूस के दौरान माहौल बिगाड़ने की कोशिश हो सकती है और सपा पर आरोप लगाए जा सकते हैं. यह आशंका भी उनके अपने राजनीतिक बयान का हिस्सा थी. इससे साफ है कि सपा नेतृत्व इस जीत को केवल एक निर्वाचन क्षेत्र के नतीजे के रूप में नहीं, बल्कि विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक संदेश देने के अवसर के रूप में भी इस्तेमाल कर रहा है.

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj