Indo Pacific News: समंदर में बारूदी सुरंगों का काल बनेंगे भारत-जापान, ‘वीर गार्जियन’ के बाद अब नए मिशन की तैयारी

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हिंद-प्रशांत में चीन पर नकेल;समंदर में बारूदी सुरंगों का काल बनेंगे भारत-जापान
Last Updated:October 28, 2026, 18:06 IST
India Japan Defence Partnership: हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समंदर से लेकर आसमान तक रणनीतिक दबदबा कायम करने के लिए भारत और जापान ने अपने रक्षा रिश्तों को नई रफ्तार दे दी है. फिलीपींस के सेबू में क्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जापानी रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता में जंगी जहाजों के साझा निर्माण और समुद्री बारूदी सुरंगों को निष्क्रिय करने की तकनीक पर बड़ा तालमेल बना है.राजनाथ सिंह ने जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी के साथ भी अहम बैठक की.
India Japan Defence Partnership: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 28 अक्टूबर को फिलीपींस के सेबू में ADMM-Plus बैठक के दौरान जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइज़ुमी से मुलाकात की. दोनों नेताओं ने भारत और जापान के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की. बैठक में समुद्री सुरक्षा, नौसेना के जहाजों के डिजाइन और निर्माण में संभावित संयुक्त सहयोग और बारूदी सुरंगों का मुकाबला करने की क्षमता बढ़ाने पर बात हुई. इसके अलावा, दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच सहयोग बढ़ाने और रक्षा उद्योगों के बीच साझेदारी मजबूत करने पर भी जोर दिया गया.
टोक्यो में भारत-जापान डिफेंस इंडस्ट्री फोरम का आयोजन हुआ था, जिसमें दोनों देशों की करीब 40 कंपनियों ने हिस्सा लिया. दोनों मंत्रियों ने इस साल के अंत में टोक्यो में भारत-जापान विदेश और रक्षा मंत्रियों की 2+2 बैठक और रक्षा मंत्रियों की अलग बैठक आयोजित करने की दिशा में बातचीत तेज करने पर भी सहमति जताई. राजनाथ सिंह ने कहा कि स्वतंत्र, खुले और शांतिपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए भारत और जापान की साझा प्रतिबद्धता बेहद अहम है.
राजनाथ सिंह और जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी ने अगस्त में हुई पिछली मुलाकात के बाद द्विपक्षीय रक्षा सहयोग में हुई प्रगति पर संतोष जताया. उन्होंने भारत-जापान विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने के नए रास्ते तलाशने पर सहमति जताई. बैठक में दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा से जुड़े सहयोग को आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया. इसमें समुद्री बारूदी सुरंगों का पता लगाने और उन्हें निष्क्रिय करने की क्षमताओं को मजबूत करने पर चर्चा हुई. इसके साथ ही जापान की तकनीकी विशेषज्ञता और भारत की उत्पादन क्षमता का लाभ उठाकर नौसैनिक जहाजों के निर्माण और डिजाइन के क्षेत्र में संयुक्त विकास की संभावनाओं पर भी विचार किया गया.
इस दिशा में भारतीय नौसेना के उप प्रमुख की जापान यात्रा को भी महत्वपूर्ण माना गया. दोनों पक्षों का उद्देश्य ऐसा सहयोग विकसित करना है, जो उनकी रणनीतिक जरूरतों के साथ-साथ समुद्री अभियानों की आवश्यकताओं को भी पूरा करे. बैठक में भारत और जापान की वायु सेनाओं के बीच सहयोग को मजबूत करने पर हुई प्रगति की भी समीक्षा की गई. हाल ही में भारत-जापान वायु सेना अभ्यास ‘वीर गार्जियन 26’ के दौरान पहली बार जापान के लड़ाकू विमान भारत आए थे.
इस अभ्यास के साथ जापान की वायु आत्मरक्षा सेना के प्रमुख की भारत यात्रा भी हुई थी. दोनों देशों ने इन गतिविधियों को वायु सेनाओं के बीच सहयोग बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना. इसके अलावा, टोक्यो स्थित भारतीय दूतावास में भारत-जापान रक्षा उद्योग मंच का सफल आयोजन भी चर्चा का विषय रहा. इसमें दोनों देशों की करीब 40 कंपनियों ने हिस्सा लिया. इस मंच के माध्यम से रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग और साझेदारी की संभावनाओं को आगे बढ़ाया गया.
इस साल टोक्यो में होगी अहम रक्षा वार्ताराजनाथ सिंह और शिंजिरो कोइजुमी ने इस साल के अंत में टोक्यो में भारत-जापान विदेश एवं रक्षा मंत्रियों की चौथी ‘2 प्लस 2’ वार्ता और दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों की बैठक आयोजित करने की दिशा में चर्चा तेज करने पर सहमति जताई. ‘2 प्लस 2’ वार्ता में दोनों देशों के विदेश और रक्षा मंत्री शामिल होते हैं. यह व्यवस्था रणनीतिक, कूटनीतिक और रक्षा मामलों पर व्यापक चर्चा का अवसर देती है. बैठक के बाद राजनाथ सिंह ने कहा कि दोनों पक्षों ने भारत-जापान विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने के नए रास्तों पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि स्वतंत्र, खुले और शांतिपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए भारत और जापान की साझा प्रतिबद्धता बेहद महत्वपूर्ण है.
About the Authorराकेश रंजन कुमार
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…
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New Delhi,Delhi
First Published :
October 28, 2026, 18:06 IST
इस अभ्यास के साथ जापान की वायु आत्मरक्षा सेना के प्रमुख की भारत यात्रा भी हुई थी. दोनों देशों ने इन गतिविधियों को वायु सेनाओं के बीच सहयोग बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना. इसके अलावा, टोक्यो स्थित भारतीय दूतावास में भारत-जापान रक्षा उद्योग मंच का सफल आयोजन भी चर्चा का विषय रहा. इसमें दोनों देशों की करीब 40 कंपनियों ने हिस्सा लिया. इस मंच के माध्यम से रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग और साझेदारी की संभावनाओं को आगे बढ़ाया गया.
इस साल टोक्यो में होगी अहम रक्षा वार्ताराजनाथ सिंह और शिंजिरो कोइजुमी ने इस साल के अंत में टोक्यो में भारत-जापान विदेश एवं रक्षा मंत्रियों की चौथी ‘2 प्लस 2’ वार्ता और दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों की बैठक आयोजित करने की दिशा में चर्चा तेज करने पर सहमति जताई. ‘2 प्लस 2’ वार्ता में दोनों देशों के विदेश और रक्षा मंत्री शामिल होते हैं. यह व्यवस्था रणनीतिक, कूटनीतिक और रक्षा मामलों पर व्यापक चर्चा का अवसर देती है. बैठक के बाद राजनाथ सिंह ने कहा कि दोनों पक्षों ने भारत-जापान विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने के नए रास्तों पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि स्वतंत्र, खुले और शांतिपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए भारत और जापान की साझा प्रतिबद्धता बेहद महत्वपूर्ण है.
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