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ऑपरेशन उमर चाचा D: बठिंडा जेल से निकला और ISI के जाल में फंसा, जानिए कौन है कुलवंत सिंह जिसे पंजाब पुलिस ने दबोचा

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बठिंडा जेल से निकला, ISI के जाल में फंसा, कौन है कुलवंत जिसे पुलिस ने दबोचा

Last Updated:October 29, 2026, 04:56 IST

पंजाब के जलालाबाद ग्रेनेड हमले में मुख्य फरार आरोपी बताए जा रहे कुलवंत सिंह की गिरफ्तारी से आईएसआई नेटवर्क का एक नया नेटवर्क सामने आया है. फिरोजपुर के अलीके गांव का रहने वाला कुलवंत करीब आठ महीने बठिंडा जेल में बंद रहा और अगस्त 2026 में बाहर आया था. उसके खिलाफ पंजाब में 10 से ज्यादा आपराधिक मुकदमे दर्ज बताए गए हैं. जांच में पाकिस्तान में मौजूद बताए जा रहे शहजाद भट्टी और उमर चाचा से कनेक्‍शन की पड़ताल हो रही है. जानिए क्या है ‘ऑपरेशन उमर चाचा D’ और श्रीगंगानगर के 8 किलो RDX केस से इसका कनेक्शन.बठिंडा जेल से निकला, ISI के जाल में फंसा, कौन है कुलवंत जिसे पुलिस ने दबोचाZoomजलालाबाद ग्रेनेड हमले में मुख्य फरार आरोपी बताए जा रहे कुलवंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद पंजाब पुलिस ISI नेटवर्क, शहजाद भट्टी और उमर चाचा से कनेक्‍शन की जांच कर रही है.

Operation Umar Chacha D: बठिंडा जेल की सलाखों के पीछे करीब आठ महीने गुजारे. अगस्त में जेल से बाहर आया और फिर एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने पंजाब से लेकर राजस्थान तक सुरक्षा एजेंसियों के माथे पर सिकन ला दी. पंजाब के फाजिल्का जिले के जलालाबाद में पुलिस स्टेशन के पास हुए हैंड ग्रेनेड हमले में मुख्य फरार आरोपी बताए जा रहे कुलवंत सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

अब इस गिरफ्तारी के साथ ISI नेटवर्क, पाकिस्तान में बैठे शहजाद भट्टी और उमर चाचा नाम के हैंडलर से जुड़े कनेक्‍शन की पड़ताल की जा रही है. केंद्रीय सुरक्षा एजेंसी और पंजाब पुलिस ने इस कुख्‍यात की धरकपड़ के लिए ‘ऑपरेशन उमर चाचा D’ के नाम से ज्‍वाइंट ऑपरेशन शुरू किया था. बताया जा रहा है कि कुलवंत सिंह का इस्तेमाल ड्रग्स की खरीद-फरोख्त से लेकर विस्फोटकों की सप्लाई तक के नेटवर्क में किया जा रहा था.

कौन है कुलवंत सिंह, जिसकी गिरफ्तारी से खुल सकती हैं कई कड़ियां?पुलिस सूत्रों के अनुसार, कुलवंत सिंह मूल रूप से पंजाब के फिरोजपुर जिले के अलीके गांव का रहने वाला है. पंजाब में उसके खिलाफ 10 से ज्यादा आपराधिक मुकदमे दर्ज है. इनमें ज्यादातर मामले ड्रग्स की खरीद-फरोख्त से जुड़े बताए जा रहे हैं. कुलवंत करीब आठ महीने तक बठिंडा जेल में बंद रहा था. अगस्त 2026 में जेल से बाहर आने के बाद वह एक बार फिर जांच एजेंसियों के रडार पर आया. उस पर आरोप है कि जेल में रहने के दौरान ही उसके कनेक्‍शन पाकिस्तान में मौजूद बताए जा रहे शहजाद भट्टी के नेटवर्क से जुड़ गए. जलालाबाद ग्रेनेड हमले में उसे मुख्य फरार आरोपी बताया गया है. इतना ही नहीं, राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में करीब आठ किलो आरठीएक्‍स की बरामदगी के मामले में भी वह वांटेड था.

13 सितंबर की रात जलालाबाद में क्या हुआ था?13 सितंबर 2026 की रात करीब 1 बजकर 46 मिनट पर पंजाब के फाजिल्का जिले के जलालाबाद में सिटी पुलिस स्टेशन की सीमा के पास हैंड ग्रेनेड हमला हुआ था. घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. शुरुआती कार्रवाई में गुरप्रीत उर्फ गोरी और मनप्रीत सिंह उर्फ मनी को गिरफ्तार किया गया. इनसे पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ी और दूसरे संदिग्धों के नाम सामने आए. 16 सितंबर को रामनदीप कौर और गुरप्रीत सिंह उर्फ विक्की को भी गिरफ्तार कर लिया गया. इसके बाद सुखविंदर उर्फ सुखा और लखविंदर उर्फ लाड़ी के नाम सामने आए. जांच की एक अहम कड़ी लखविंदर उर्फ लाड़ी का नाम भी है, जो राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में दर्ज आरडीएक्‍स बरामदगी के मामले में वांटेड था. अब पुलिस के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि इन सभी आरोपियों के बीच क्या संबंध था और ग्रेनेड हमले की साजिश में किसकी क्या भूमिका रही.

‘उमर चाचा’ कौन है, जिसके नाम पर ऑपरेशन का कोड बताया जा रहा है?इस पूरे मामले में ‘उमर चाचा’ नाम की चर्चा इसलिए अहम है, क्योंकि सुरक्षा एजेंसियों को मिले इनपुट में उसे आईएसआई का हैंडलर बताया जा रहा है. दावा है कि वह पाकिस्तान से भारत में सक्रिय कुछ लोगों के कनेक्‍शन में था और ड्रग्स व विस्फोटकों की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क को निर्देश देता था. जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कुलवंत सिंह का इस हैंडलर से सीधा कनेक्‍शन था या वह दूसरे लोगों के जरिए इस नेटवर्क से जुड़ा था. साथ ही, बातचीत के लिए किन माध्यमों का इस्तेमाल होता था, निर्देश कहां से मिलते थे और पैसों का लेनदेन किस तरह किया जाता था.

शहजाद भट्टी का नाम कैसे सामने आया?पाकिस्तान में बैठे शहजाद भट्टी का नाम भी इस नेटवर्क की जांच में सामने आया है. सूत्रों के मुताबिक, कुलवंत सिंह के कनेक्‍शन भट्टी के नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं. इस नेटवर्क के जरिए भारत में सक्रिय लोगों का इस्तेमाल कर ड्रग्स की खरीद-फरोख्त, विस्फोटकों की सप्लाई और हमले जैसी साजिशों को अंजाम दिया जा रहा था. भारत सरकार की ओर से भट्टी के खिलाफ यूएपीए के तहत कार्रवाई की बात भी सामने आई है.

8 किलो RDX की बरामदगी से कैसे जुड़ रही जांच?इस मामले का एक और गंभीर पहलू राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले से आरडीएक्‍स की बरामदगी है. रावला थाने में दर्ज एफआईआर में करीब आठ किलो आईडीएक्‍स बरामद होने का जिक्र है. कुलवंत सिंह को इस मामले में भी वांटेड बताया गया है. लखविंदर उर्फ लाड़ी का नाम भी इसी केस में सामने आया है. दावा किया जा रहा है कि विस्फोटक की खेप पाकिस्तान से भेजी गई थी और इसमें कुलवंत की भूमिका थी. पुलिस के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती है कि क्या श्रीगंगानगर में बरामद विस्फोटक और जलालाबाद हमले में इस्तेमाल ग्रेनेड के बीच कोई सीधा संबंध है.

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October 29, 2026, 04:56 IST

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