Agriculture: सवाई माधोपुर के बाद अब वैर-भुसावर में अमरूद की खेती बनी कमाई का मजबूत आधार, दूसरे राज्यों तक कारोबार

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भरतपुर के वैर-भुसावर में अमरूद की बंपर बागवानी, आखिर क्यों खास है यहां का फल?
Last Updated:October 29, 2026, 09:47 IST
Bharatpur Weer Bhusawar Guava Farming: राजस्थान में सवाई माधोपुर के बाद भरतपुर जिले के वैर-भुसावर का अमरूद अपनी खास मिठास, बड़े आकार और बेहतरीन स्वाद के लिए मशहूर हो रहा है. क्षेत्र में हजारों बीघा में अमरूद की बागवानी की जा रही है, जो किसानों की आय का प्रमुख जरिया है. उद्यान अधिकारी लेखराज मीणा के अनुसार, अनुकूल मिट्टी और जलवायु के कारण यहां गुणवत्तापूर्ण अमरूद पैदा होते हैं, जिनकी मांग राजस्थान के साथ-साथ अन्य राज्यों की मंडियों में भी खूब रहती है.
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सवाई माधोपुर: राजस्थान में अमरूद की बागवानी की जब भी बात होती है, तो सवाई माधोपुर का नाम सबसे पहले जेहन में आता है. लेकिन अब सवाई माधोपुर के बाद भरतपुर जिले का वैर-भुसावर क्षेत्र भी अमरूद उत्पादन में अपनी एक अलग और विशिष्ट पहचान बना चुका है. यहां पैदा होने वाले अमरूद अपनी बेहतरीन मिठास, बड़े आकार, आकर्षक रंग और लाजवाब स्वाद के लिए जाने जाते हैं. यही वजह है कि वैर-भुसावर के अमरूद की मांग न केवल राजस्थान के अलग-अलग जिलों में, बल्कि देश के कई राज्यों के बाजारों में भी सालभर बनी रहती है.
वैर-भुसावर क्षेत्र में हजारों बीघा कृषि भूमि पर किसान बड़े पैमाने पर अमरूद की बागवानी कर रहे हैं. यह बागवानी स्थानीय किसानों के लिए रोजगार और आर्थिक समृद्धि का एक बेहद मजबूत और विश्वसनीय साधन बन चुकी है. यहां उत्पादित अमरूद अपनी खास विशेषताओं के कारण मंडियों में आते ही हाथों-हाथ बिक जाते हैं. बाहरी राज्यों से आने वाले व्यापारी भी सीजन शुरू होते ही वैर-भुसावर के बागों में अमरूद की खरीदारी के लिए सीधे संपर्क करते हैं, जिससे किसानों को उपज का उचित मूल्य मिल जाता है.
अनुकूल मिट्टी और जलवायु से मिलता है अमरूद को अनूठा स्वादवैर-भुसावर क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, उपजाऊ मिट्टी और अनुकूल जलवायु अमरूद की खेती के लिए अत्यंत उपयुक्त मानी जाती है. इन प्राकृतिक परिस्थितियों के कारण यहां अमरूद के पौधों का विकास तेजी से होता है और फलों में मिठास व रसीलापन अधिक रहता है. उद्यान अधिकारी लेखराज मीणा ने बताया कि सवाई माधोपुर के बाद भरतपुर का वैर-भुसावर क्षेत्र अमरूद उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है. यहां के अमरूद का सुंदर रंग, बड़ा आकार और प्राकृतिक मिठास इसे राज्य के अन्य क्षेत्रों से अलग बनाती है.
भरतपुर की बागवानी को मिल रही नई पहचानवैर-भुसावर का स्वादिष्ट अमरूद अब भरतपुर जिले की पहचान में एक नया अध्याय जोड़ रहा है. कृषि और उद्यान विभाग की वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर किसान अब और अधिक गुणवत्तापूर्ण फसल ले रहे हैं. बेहतर पैदावार और बाजार में लगातार बढ़ती मांग के चलते अमरूद की बागवानी क्षेत्र के किसानों के लिए एक संभावनाओं से भरपूर व्यवसाय साबित हो रही है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Bharatpur,Bharatpur,Rajasthan
First Published :
October 29, 2026, 09:47 IST



