त्योहारों पर मिठाइयों का स्वाद कहीं सेहत पर न पड़ जाए भारी, किडनी स्टोन से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान

अंबाला: त्योहारों का मौसम आते ही घरों में लड्डू, काजू कतली, गुलाब जामुन और तरह-तरह के पकवानों की खुशबू छा जाती है. लोग परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर मिठाइयों का आनंद लेते हैं. लेकिन इस दौरान खानपान की अनदेखी सेहत पर भारी पड़ सकती है. खासकर कम पानी पीना, ज्यादा नमक और मीठे पेय पदार्थों का सेवन किडनी स्टोन यानी गुर्दे की पथरी का खतरा बढ़ा सकता है. बता दें कि अंबाला शहर नागरिक अस्पताल में कार्यरत होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. रजिता ने त्योहारों के दौरान खानपान और पर्याप्त पानी पीने पर ध्यान देने की सलाह दी है.
कम पानी पीने से बढ़ सकता है किडनी स्टोन का खतरा
लोकल 18 को ज्यादा जानकारी देते हुए डॉ. रजिता बताती हैं कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है. त्योहारों के दौरान लोग मिठाइयों और तली-भुनी चीजों पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन पानी पीना भूल जाते हैं. इससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है. जब पेशाब में कैल्शियम, ऑक्सलेट और अन्य खनिजों की मात्रा अधिक हो जाती है और पानी की कमी के कारण पेशाब गाढ़ा हो जाता है, तो क्रिस्टल बनने की आशंका बढ़ जाती है. यही क्रिस्टल धीरे-धीरे पथरी का रूप ले सकते हैं.
किडनी स्टोन के इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
डॉ. रजिता ने कहा कि जिन लोगों को पहले किडनी स्टोन हो चुका है, उन्हें खानपान को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. हालांकि, पथरी होने के पीछे पारिवारिक इतिहास, कुछ बीमारियां और खानपान से जुड़ी आदतें भी जिम्मेदार हो सकती हैं. उन्होंने बताया कि किडनी स्टोन के कुछ लक्षण ऐसे होते हैं, जिन्हें समय रहते पहचानना जरूरी है.
अगर पीठ के निचले हिस्से, कमर या पेट के एक तरफ अचानक तेज दर्द उठता है और दर्द लहरों की तरह आता-जाता है, तो यह पथरी का संकेत हो सकता है.
पेशाब में जलन और खून आना भी हो सकता है पथरी का संकेत
इसके अलावा पेशाब करते समय जलन या दर्द, पेशाब में खून आना, बदबूदार पेशाब, मतली और उल्टी जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं. यदि दर्द के साथ बुखार, ठंड लगना या पेशाब करने में परेशानी हो, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए. ऐसे लक्षणों को केवल सामान्य दर्द समझकर टालना खतरनाक हो सकता है.
किडनी स्टोन से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में पिएं पानी
डॉ. रजिता ने बताया कि पर्याप्त पानी पीना चाहिए और दिनभर नियमित अंतराल पर पानी पीते रहना चाहिए. कई लोगों के लिए 8 से 10 गिलास पानी एक उपयोगी शुरुआती लक्ष्य हो सकता है, लेकिन पानी की जरूरत मौसम, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य के अनुसार बदलती है. अगर डॉक्टर ने किसी स्वास्थ्य समस्या के कारण पानी पीने की मात्रा सीमित करने की सलाह दी है, तो उसका पालन करना चाहिए.
मिठाई और ज्यादा नमक खाने से करें परहेज
डॉक्टर ने सलाह दी कि त्योहारों पर मिठाइयों का आनंद जरूर लें, लेकिन उन्हें सीमित मात्रा में खाएं. ज्यादा चीनी और मीठे पेय पदार्थों से बचें. इसके साथ ही रोजाना के भोजन में अतिरिक्त नमक लेने से भी परहेज करें, क्योंकि ज्यादा नमक का सेवन कुछ प्रकार की किडनी स्टोन की आशंका बढ़ा सकता है.
फल-सब्जियां खाएं और रोजाना टहलने की डालें आदत
डॉ. रजिता ने बताया कि संतुलित आहार में ताजे फल और सब्जियां शामिल करनी चाहिए. हालांकि, पथरी के प्रकार के अनुसार कुछ खाद्य पदार्थों में बदलाव करने की जरूरत हो सकती है. इसके अलावा रोजाना टहलना और शारीरिक गतिविधि बनाए रखना भी अच्छी आदत है. रात के खाने के बाद हल्की वॉक करना भी फायदेमंद हो सकता है.
पथरी के लक्षण दिखने पर कराएं जांच, खुद से न लें दवा
डॉक्टर ने बताया कि बार-बार कमर दर्द या पेशाब संबंधी परेशानी होने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. डॉक्टर जरूरत के अनुसार खून और पेशाब की जांच के साथ अल्ट्रासाउंड या सीटी स्कैन कराने की सलाह दे सकते हैं. छोटी पथरी कुछ मामलों में अपने आप निकल सकती है, जबकि बड़ी पथरी या पेशाब का रास्ता रोकने वाली पथरी के लिए विशेष उपचार की जरूरत पड़ सकती है.
त्योहारों का आनंद लें, लेकिन सेहत की अनदेखी न करें
डॉ. रजिता ने पथरी से बचाव के लिए खानपान और पानी पीने की आदतों पर ध्यान देने की सलाह दी है. हालांकि, किसी भी जड़ी-बूटी, होम्योपैथिक दवा या घरेलू नुस्खे से पथरी खत्म होने का दावा करने से पहले योग्य चिकित्सक से परामर्श करना जरूरी है. त्योहारों का आनंद जरूर लें, लेकिन अपनी सेहत की अनदेखी न करें.



