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वैभव सूर्यवंशी-अभ‍िषेक शर्मा को वनडे में मौका दो…चयनकर्ताओं पर भड़के युवराज स‍िंह, बोले- नहीं चुना तो टैलेंट का होगा कत्ल

नई द‍िल्‍ली. युवराज सिंह ने बड़ा बयान देकर बीसीसीआई चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन का ध्यान अपनी ओर खींचा है. युवराज का मानना है कि यदि भारत को अपनी बेंच स्ट्रेंथ और युवा प्रतिभा के साथ न्याय करना है, तो अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी जैसे प्रतिभावान खिलाड़ियों को जल्द से जल्द वनडे टीम में शामिल किया जाना चाहिए. हालांकि, उन्होंने इस चर्चा में विकेटकीपर ईशान किशन का भी नाम लिया, लेकिन ईशान पहले से ही सीमित ओवरों के सेटअप का हिस्सा रहे हैं।

युवराज सिंह (Yuvaraj Singh) ने पीटीआई से बातचीत करते हुए बेबाकी से कहा कि वह अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma) को वनडे फॉर्मेट में खेलते हुए देखना चाहते हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर हम अभिषेक, ईशान किशन (Ishan Kishan) और वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) जैसे खिलाड़ियों को 50 ओवर के क्रिकेट में नहीं चुन रहे हैं, तो कहीं न कहीं हम देश की प्रतिभा के साथ न्याय नहीं कर रहे हैं. युवराज ने यह भी माना कि टीम में पहले से ही कई महान खिलाड़ी मौजूद हैं और सभी के लिए अंतिम एकादश या 15 सदस्यीय दल में जगह बनाना बेहद कठिन है, लेकिन इन युवाओं के हालिया प्रदर्शन को देखते हुए इन्हें जल्द से जल्द टीम के स्क्वाड में जगह मिलनी चाहिए.

वर्तमान में अभिषेक शर्मा टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दुनिया के शीर्ष रैंकिंग वाले बल्लेबाज हैं और पिछले कुछ वर्षों से इस फॉर्मेट में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं. इसके बावजूद, वह केवल एक ही प्रारूप (टी20) तक सीमित नजर आते हैं और अभी तक वनडे या टेस्ट सेटअप से काफी दूर हैं. दूसरी ओर, कम उम्र में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सनसनी फैलाने वाले वैभव सूर्यवंशी के लिए भी टी20 टीम में जगह बनाना आसान नहीं रहा है. जापान में हुए एशियाई खेलों के बाद से उन्होंने केवल दो ही मैच खेले हैं. जहां उन्होंने न्यूज़ीलैंड दौरे पर चोटिल ईशान किशन की जगह ली थी, हालांकि शुक्रवार को खेले गए एक औपचारिकता वाले मैच से उन्हें बाहर कर दिया गया था.

कड़ा मुकाबला और चयन के सामने चुनौतियांअभिषेक और सूर्यवंशी दोनों के लिए सबसे बड़ी बाधा भारतीय टीम में पहले से मौजूद कड़ा मुकाबला है. रोहित शर्मा और शुभमन गिल वर्तमान में पारी की शुरुआत कर रहे हैं. इस सलामी जोड़ी ने भारत को 2023 के वनडे विश्व कप के फाइनल तक पहुंचाया था और माना जा रहा है कि वे अफ्रीका में होने वाले 2027 के विश्व कप में भी टीम के ओपनर बने रह सकते हैं. भारत में प्रतिस्पर्धा का स्तर इतना ऊंचा है कि यशस्वी जायसवाल, जिन्होंने अपने शुरुआती छह वनडे मैचों में ही दो शानदार शतक जड़ दिए हैं, वे भी फिलहाल नियमित रूप से अंतिम एकादश में जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं.

घरेलू क्रिकेट के आंकड़े और चयन के पेचयुवराज सिंह की मांग के इतर अगर आंकड़ों और घरेलू क्रिकेट के प्रदर्शन पर नजर डालें, तो अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी दोनों के लिए चुनौतियां अलग-अलग हैं. अभिषेक शर्मा का घरेलू लिस्ट-ए (50 ओवर) क्रिकेट में बल्लेबाजी औसत 33.78 का है। उन्होंने 68 पारियों में कुल 2196 रन बनाए हैं, जिसमें 4 शतक और 8 अर्धशतक शामिल हैं. यह औसत टी20 प्रारूप के लिहाज से काफी अच्छा माना जा सकता है, लेकिन वनडे क्रिकेट में टॉप ऑर्डर में जगह पाने के लिए यह पर्याप्त नहीं आंका जा रहा है. इसके अलावा, उन्होंने मध्यक्रम में बल्लेबाजी करते हुए भी अपनी दावेदारी को मजबूती देने वाला कोई खास प्रदर्शन नहीं किया है.

वहीं दूसरी ओर, युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने अभी तक बहुत अधिक 50 ओवर के मुकाबले नहीं खेले हैं, लेकिन उनके आंकड़े बेहद प्रभावशाली हैं. उन्होंने अपने अब तक के करियर में 564 रन बनाए हैं, जिसमें उनका औसत 43.38 का रहा है और सबसे खास बात उनका 176.80 का हैरान कर देने वाला स्ट्राइक रेट है, जो उनकी तूफानी बल्लेबाजी शैली को दर्शाता है. भारतीय क्रिकेट इस समय जिस दौर से गुजर रहा है, वहां टैलेंट की कोई कमी नहीं है, लेकिन सीमित स्थानों के कारण चयनकर्ताओं के सामने सिरदर्द लगातार बढ़ता जा रहा है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या युवराज सिंह की इस सलाह पर चयन समिति विचार करती है और आने वाले समय में इन युवाओं को वनडे फॉर्मेट में मौका मिलता है या नहीं.

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