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Lohagarh Fort Bharatpur: लोहागढ़ किले में विराजे भोलेनाथ, युद्ध पर जाने से पहले राजा भी टेकते थे शीश

Last Updated:October 30, 2026, 15:55 IST

Lohagarh Fort Bharatpur: भरतपुर के ऐतिहासिक लोहागढ़ किले में स्थित प्राचीन शिव मंदिर आस्था और इतिहास का अनूठा संगम है. मान्यता है कि युद्ध पर जाने से पहले महाराजा भगवान शिव के दर्शन कर आशीर्वाद लेते थे. आज भी यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं.Amazon Prime DayTop Deals Inside

भरतपुर. शहर का ऐतिहासिक लोहागढ़ किला अपनी वीरता, शौर्य और गौरवशाली इतिहास के लिए देशभर में प्रसिद्ध है. इसी किले के अंदर स्थित प्राचीन शिव मंदिर आज भी श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. यह मंदिर धार्मिक महत्व के साथ-साथ भरतपुर के ऐतिहासिक अतीत की भी महत्वपूर्ण पहचान है, मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और पूजा-अर्चना करने पहुंचते हैं. स्थानीय मान्यताओं के अनुसार इस प्राचीन शिव मंदिर का निर्माण महाराजा जसवंत सिंह ने करवाया था मंदिर को लेकर यह भी मान्यता प्रचलित है कि पुराने समय में जब भरतपुर के राजा युद्ध के लिए निकलते थे तो उससे पहले भगवान शिव के दर्शन कर उनका आशीर्वाद लेते थे युद्ध जैसे कठिन समय में भगवान शिव के प्रति उनकी श्रद्धा और विश्वास इस मंदिर से जुड़ी ऐतिहासिक परंपरा को दर्शाता है.

लोहागढ़ किले के भीतर स्थित होने के कारण इस मंदिर का महत्व और भी खास हो जाता है. एक ओर किले की मजबूत दीवारें भरतपुर के शौर्य, पराक्रम और ऐतिहासिक गौरव की कहानी बयां करती हैं तो दूसरी ओर यह प्राचीन शिव मंदिर यहां की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संजोए हुए है. मंदिर परिसर में पहुंचने वाले श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं और पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं. खास बात यह है.कि समय के साथ शहर में काफी बदलाव आया है लेकिन इस मंदिर के प्रति लोगों की आस्था आज भी पहले जैसी बनी हुई है.

स्थानीय नागरिकों के साथ बाहर से आने वाले पर्यटक भी लोहागढ़ किले की ऐतिहासिक धरोहरों को देखने के दौरान इस मंदिर में दर्शन करने पहुंचते हैं.भरतपुर का यह प्राचीन शिव मंदिर आज भी इतिहास और आस्था का अनूठा संगम बना हुआ है. मंदिर की मान्यताएं और इससे जुड़ी परंपराएं नई पीढ़ी को भी भरतपुर के गौरवशाली अतीत से परिचित कराती हैं. यही वजह है कि यह मंदिर आज भी शहर के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों में अपनी विशेष पहचान बनाए हुए है और लोग यहां पर पूजा अर्चना करने और सुबह-शाम दर्शन करने के लिए आते हैं.

About the Authorमोनाली पाल

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…

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Bharatpur,Rajasthan

First Published :

October 30, 2026, 15:55 IST

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