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IAS Shikhar Agrawal | Shikhar Agrawal APO | Shikhar Agrawal Case | IAS शिखर अग्रवाल की पत्नी | IPS प्रशाखा माथुर

Last Updated:October 30, 2026, 22:57 IST

IAS Shikhar Agrawal Case : राजस्थान में आईएएस शिखर अग्रवाल और आईपीएस प्रशाखा माथुर द्वारा 40 विला और कॉटेज खरीदने का मामला तूल पकड़ रहा है. करीब 6.15 करोड़ रुपये की इन संपत्तियों को लीज पर देकर मोटी कमाई के आरोपों पर अब जांच शुरू कर दी गई है. सामने आई जानकारी के मुताबिक, विला और कॉटेज खरीदने के बाद इन्हीं संपत्तियों को संबंधित कंपनी को लीज पर दे दिया गया. इस लीज से हर साल करीब 1.80 करोड़ रुपये किराया मिलने की बात भी कही जा रही है.

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IAS शिखर अग्रवाल के बाद IPS पत्नी प्रशाखा माथुर की भी बढ़ सकती हैं मुश्किलेंZoomराजस्थान में IAS-IPS दंपति की संपत्तियों पर विवाद, जांच शुरू.

जयपुर. राजस्थान में IAS-IPS दंपति की ओर से विला और कॉटेज खरीदने का मामला अब नया मोड़ लेता दिख रहा है. IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल के बाद उनकी IPS पत्नी प्रशाखा माथुर की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. मामला शिखर अग्रवाल, प्रशाखा माथुर और उनके परिजनों के नाम पर करीब 40 संपत्तियां खरीदे जाने से जुड़ा है. आरोप है कि ढाई साल के दौरान एक ही कंपनी से 20 विला और 20 कॉटेज खरीदे गए. इन संपत्तियों की कुल कीमत करीब 6.15 करोड़ रुपये बताई जा रही है.

इस मामले में संपत्तियों की खरीद के साथ ही उन्हें लीज पर देने का पहलू भी चर्चा में है. सामने आई जानकारी के मुताबिक, विला और कॉटेज खरीदने के बाद इन्हीं संपत्तियों को संबंधित कंपनी को लीज पर दे दिया गया. इस लीज से हर साल करीब 1.80 करोड़ रुपये किराया मिलने की बात भी कही जा रही है. अब संपत्ति खरीदने के तरीके, लीज से होने वाली कमाई और अधिकारियों की ओर से दिए गए अचल संपत्ति विवरण को लेकर सवाल उठ रहे हैं.

जांच के दायरे में खरीद और लीज का पूरा मामलामामले में अब यह देखा जा रहा है कि संपत्तियां किस तरह खरीदी गईं, खरीद के बाद उन्हें उसी कंपनी को लीज पर देने की व्यवस्था क्या थी और इससे मिलने वाली रकम का ब्योरा क्या है. IPS प्रशाखा माथुर की भूमिका पर भी नजर होने की बात सामने आ रही है. आरोपों को जांच में साबित होना बाकी है. संपत्तियों की खरीद या लीज से जुड़ी किसी गड़बड़ी को फिलहाल अंतिम रूप से स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता.

कार्मिक विभाग ने 28 अक्तूबर को किया APOशिखर अग्रवाल को 28 अक्टूबर को कार्मिक विभाग के आदेश से APO किया गया था. APO का मतलब है कि अधिकारी को फिलहाल किसी नियमित पद पर तैनात नहीं रखा गया है और नई पोस्टिंग के आदेश का इंतजार है. अग्रवाल इससे पहले उद्योग एवं वाणिज्य, MSME, सार्वजनिक उपक्रम और निवेश से जुड़े अहम विभागों में अतिरिक्त मुख्य सचिव के तौर पर जिम्मेदारी संभाल चुके हैं.

इन पदों पर भी रह चुके हैं शिखर अग्रवाल
शिखर अग्रवाल राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम यानी RIICO के अध्यक्ष, राजस्थान लघु उद्योग निगम यानी RAJSICO के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक और निवेश प्रोत्साहन ब्यूरो से जुड़ी जिम्मेदारियां भी संभाल चुके हैं. इसके अलावा दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर और भिवाड़ी इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट अथॉरिटी से जुड़े कामों में भी उनकी भूमिका रही है.

IAS शिखर के मामले ने पकड़ा राजनैतिक तूलअग्रवाल के APO होने के बाद मामला राजनीतिक बयानबाजी का विषय भी बना था. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की थी. उन्होंने रिसॉर्ट नीलामी और महिंद्रा SEZ से जुड़े मामलों का भी जिक्र किया था. वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पलटवार करते हुए डोटासरा को अपना रिकॉर्ड देखने की सलाह दी थी और कांग्रेस शासनकाल के अधिकारियों व मंत्रियों पर कार्रवाई का हवाला दिया था.

About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer

आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…

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Jaipur,Jaipur,Rajasthan

First Published :

October 30, 2026, 22:57 IST

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