Rajasthan

माउंट आबू का अनोखा ज्ञान गुफा मंदिर, जहां हाथों में मंजीरे बजाते दिखते हैं 21 फीट ऊंचे हनुमानजी

Last Updated:October 30, 2026, 08:05 IST

Gyan Gufa Temple Mount Abu: राजस्थान के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू के देलवाड़ा मार्ग पर स्थित ज्ञान गुफा हनुमान मंदिर अपनी खास मान्यताओं के लिए जाना जाता है. यहाँ एक ऊंचे स्थान पर स्थापित 21 फीट ऊंची हनुमान जी की विशाल प्रतिमा आकर्षण का केंद्र है, जिसमें वे हाथों में मंजीरे बजाते हुए रामधुन में लीन दिखाई देते हैं. इस मंदिर तक पहुँचने के लिए श्रद्धालुओं को 111 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं. यह स्थान प्राचीन काल से साधु-संतों की तपस्या स्थली रहा है, जहाँ 102 वर्ष की महंत बद्री दास माता जी ने भी लंबी तपस्या की थी.

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माउंट आबू: राजस्थान के एकमात्र पर्वतीय पर्यटन स्थल आबूराज (माउंट आबू) में कई ऐसे धार्मिक स्थल मौजूद हैं, जो अपनी अनूठी परंपराओं और स्थानीय मान्यताओं के लिए जाने जाते हैं. इन्हीं में से एक बेहद ख़ास स्थल है देलवाड़ा क्षेत्र में स्थित ज्ञान गुफा हनुमान मंदिर. प्राकृतिक गुफाओं, घनी पहाड़ियों और शांत वातावरण के बीच स्थित यह मंदिर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए विशेष आस्था का केंद्र बना हुआ है. इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ स्थापित 21 फीट ऊंची हनुमान जी की विशाल प्रतिमा है, जिसमें बजरंगबली को हाथों में मंजीरे बजाते हुए भगवान श्रीराम की भक्ति और रामधुन में पूरी तरह लीन दिखाया गया है.

ज्ञान गुफा मंदिर की पहाड़ी पर स्थित हनुमान जी की यह विशाल प्रतिमा लगभग 1 किलोमीटर दूर से ही स्पष्ट नजर आने लगती है. मंदिर के मुख्य प्रांगण तक पहुँचने के लिए श्रद्धालुओं को करीब 111 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं. हनुमान जी का यह रूप उनके अनन्य रामभक्त होने की भावना को जीवंत रूप से दर्शाता है. प्रतिमा के समीप ही सफेद संगमरमर से निर्मित एक बेहद सुंदर रामचंद्र मंदिर भी स्थित है, जहाँ भगवान श्रीराम, माता सीता, भ्राता लक्ष्मण और हनुमान जी की भव्य मूर्तियां स्थापित हैं. इसके साथ ही प्रवेश द्वार पर तराशे गए पत्थर के हाथी मंदिर के सौंदर्य को और बढ़ाते हैं.

साधु-संतों की प्राचीन तपस्या स्थली और महंत बद्री दास माता का योगदानज्ञान गुफा का इतिहास केवल पर्यटन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्राचीन काल से ही साधु-संतों के लिए ध्यान और कठिन साधना का केंद्र रहा है. स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, मंदिर की पूर्व महंत बद्री दास माता जी ने अपना संपूर्ण जीवन इसी स्थान पर ईश्वर की भक्ति और तपस्या में समर्पित कर दिया था. उन्होंने 102 वर्ष की आयु में इसी पवित्र भूमि पर अपनी देह त्यागी थी. उनके जीवन और साधना से जुड़ी स्मृतियां आज भी इस आश्रम और मंदिर परिसर में रची-बसी हैं. समय के साथ यह प्राकृतिक गुफा एक दिव्य आश्रम और प्रसिद्ध हनुमान मंदिर के रूप में विकसित हो चुकी है.

कैसे पहुंचे और क्या है इस पवित्र धाम की मान्यताभक्तों का विश्वास है कि ज्ञान गुफा में हनुमान जी साक्षात रूप में निवास करते हैं और यहाँ आने वाले सभी श्रद्धालुओं के दुखों को हरकर उनकी मनोकामनाएं पूरी करते हैं. वर्तमान में इस धाम की देखरेख महंत नरसिंह दास महाराज और ट्रस्ट मंडल द्वारा कुशलतापूर्वक की जा रही है. स्थानीय टूरिस्ट गाइड चिंटू यादव के अनुसार, माउंट आबू मुख्य शहर से देलवाड़ा जाने वाले रास्ते पर स्थित होने के कारण यहाँ पहुँचना बेहद आसान है. विश्व प्रसिद्ध देलवाड़ा जैन मंदिर आने वाले पर्यटक आसानी से निजी वाहन या स्थानीय टैक्सी के जरिए यहाँ दर्शन के लिए पहुँच सकते हैं.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…

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Sirohi,Sirohi,Rajasthan

First Published :

October 30, 2026, 08:05 IST

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