Success Story: एक सीट देखकर सबने छोड़ा मैदान, चूरू के मनीष ने मारी बाजी, अब मिलेगी सरकारी नौकरी

Last Updated:November 02, 2026, 13:09 IST
Success Story: चूरू के 26 वर्षीय मनीष कुमार ने साबित कर दिया कि कम पद देखकर मौका नहीं छोड़ना चाहिए. उत्तर प्रदेश शिक्षक भर्ती में इंग्लिश लिटरेचर की सिर्फ एक सीट थी, जिस पर मनीष अकेले आवेदक बने। अब उनका चयन सरकारी शिक्षक के पद पर हो गया है. उनकी कहानी युवाओं के लिए बड़ी सीख है.मनीष कुमार
चूरू. सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए चूरू के एक छोटे से गांव के युवक की सफलता की कहानी किसी प्रेरणा से कम नहीं है. अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं में पदों की संख्या कम देखकर अभ्यर्थी आवेदन करने से ही पीछे हट जाते हैं, लेकिन चूरू जिले के गांव घण्टेल के 26 वर्षीय मनीष कुमार ने ऐसा नहीं किया. उन्होंने एक पद देखकर भी हिम्मत नहीं हारी और आवेदन कर दिया. अब उनकी इसी कोशिश का नतीजा है कि उनका सरकारी शिक्षक के पद पर चयन हो गया है.
खास बात यह है कि उत्तर प्रदेश में हुई शिक्षक भर्ती के तहत करीब 62 हजार पदों में इंग्लिश लिटरेचर विषय के लिए महज एक पद था. इस एक पद को देखकर अधिकांश अभ्यर्थियों ने आवेदन करने की हिम्मत नहीं दिखाई. वहीं, मनीष ने इस अवसर को हाथ से नहीं जाने दिया. उन्होंने आवेदन किया और इस पद के लिए इकलौते अभ्यर्थी बन गए, अब भर्ती का परिणाम जारी हुआ तो उनका चयन हो गया.
सितंबर 2025 में हुई परीक्षा
मनीष कुमार ने बताया कि इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया वर्ष 2024 में हुई थी, जबकि परीक्षा सितंबर 2025 में आयोजित की गई थी. अब परिणाम जारी होने के बाद उनके चयन की खुशखबरी मिली है, इस पद का पे ग्रेड 4600 रुपए है. मनीष हाल ही में पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया के लिए चूरू सदर थाने पहुंचे थे, उन्होंने वर्ष 2025 में बीएड की पढ़ाई भी पूरी की है.
पढ़ाई, परिवार का आशीर्वाद और ईश्वर की कृपा को दिया श्रेय
अपनी इस सफलता का श्रेय मनीष ने नियमित पढ़ाई, परिवार के आशीर्वाद और ईश्वर की कृपा को दिया है. उनका कहना है कि युवाओं को किसी भी भर्ती में पदों की संख्या कम देखकर आवेदन करने से पीछे नहीं हटना चाहिए. कई बार अभ्यर्थी विज्ञप्ति में किसी विषय या श्रेणी के लिए एक-दो पद देखते ही मान लेते हैं कि इतने कम अवसर में उनका चयन होना मुश्किल है. इसी सोच के कारण वे आवेदन तक नहीं करते.
एक सीट भी बन सकती है सरकारी नौकरी का रास्ता
मनीष का मानना है कि युवाओं को हर अवसर को गंभीरता से लेना चाहिए, क्या पता जिस एक पद को देखकर दूसरे अभ्यर्थी आवेदन करने से पीछे हट गए हों, वही किसी दूसरे युवा के लिए सरकारी नौकरी पाने का रास्ता बन जाए. उनकी कहानी यह संदेश देती है कि सफलता के लिए सिर्फ अवसरों की संख्या नहीं, बल्कि सही समय पर उठाया गया कदम भी मायने रखता है. इसलिए सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं को कम पद देखकर निराश होने के बजाय अपनी योग्यता के अनुसार हर भर्ती में आवेदन जरूर करना चाहिए.
About the Authorमोनाली पाल
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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Churu,Rajasthan
First Published :
November 02, 2026, 13:06 IST



