न उम्र की बंदिश, न सपनों की सीमा, 21 साल की भावना मेघवाल ने हासिल किया सरपंच का पद, जिले में खुशी की लहर

Last Updated:November 02, 2026, 14:38 IST
Bhawana Meghwal Sarpanch: पाली जिले की देसूरी पंचायत समिति की गांथी ग्राम पंचायत से 21 साल की बीएससी छात्रा भावना मेघवाल ने 225 वोटों के अंतर से सरपंच पद का चुनाव जीत लिया है. वह राजस्थान की सबसे युवा सरपंच बन गई हैं.
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पाली. हमारे देश के ग्रामीण इलाकों में आज भी एक पुरानी रूढ़िवादी सोच घर किए हुए है, जहाँ अक्सर बेटियों की दुनिया को चूल्हे-चौके या कम उम्र में ही शादी के बंधन में बांधकर सीमित कर दिया जाता है. लेकिन जब हौसले बुलंद हों और कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, तो बेटियां इन तमाम बंदिशों को तिनके की तरह उड़ाकर रख देती हैं. राजस्थान के पाली जिले की एक बेटी ने सरपंच चुनाव जीतकर यह साबित कर दिखाया है कि बेटिया किसी से कम नही है.
पाली जिले में आने वाले देसूरी पंचायत समिति की नवसृजित ग्राम पंचायत गांथी की एक युवा बेटी ने समाज की पुरानी सोच से बाहर निकलकर इतिहास रचने का काम किया है, जिसकी गूंज आज पूरे प्रदेश में है. महज 21 साल 1 महीने की उम्र में बीएससी की पढ़ाई करने वाली भावना मेघवाल ने सरपंच पद पर शानदार जीत दर्ज की है.
225 वोटों के बड़े अंतर से दर्ज की ऐतिहासिक जीतपंचायत चुनाव के दौरान गांथी ग्राम पंचायत का यह मुकाबला बेहद दिलचस्प रहा. मैदान में उतरे प्रतिद्वंद्वी को पछाड़ते हुए युवा नेत्री भावना मेघवाल ने 225 वोटों के भारी अंतर से जीत का परचम लहराया. खास बात यह है कि कम उम्र और राजनीति का लंबा अनुभव न होने के बावजूद जनता ने उन पर जो भरोसा जताया, उसने यह साबित कर दिया कि आज की जनता डिग्री से ज्यादा जनता के प्रति समर्पण को अहमियत देती है. भावना इस जीत के साथ ही जिले की सबसे कम उम्र की सरपंच बनने का गौरव हासिल कर चुकी हैं.
सादगी और संस्कारों से जीता बुजुर्गों का दिलजीत के बाद का नज़ारा बेहद भावुक और अनूठा था. चुनाव जीतने की खुशी और जश्न के माहौल के बीच भावना ने अपनी जीत का श्रेय किसी राजनीतिक रसूख को नहीं, बल्कि अपनी सादगी और जनता के आशीर्वाद को दिया. परिणाम आने के बाद जब वह जनता के बीच पहुँचीं, तो उन्होंने सबसे पहले हाथ जोड़कर और झुककर गाँव के बुजुर्गों को प्रणाम किया. उनकी इस सादगी ने वहाँ मौजूद हर शख्स का दिल जीत लिया.
“मैं आपकी बेटी हूँ, मिलकर करेंगे गाँव का विकास”गाँववालों को संबोधित करते हुए नवर्निवाचित सरपंच भावना मेघवाल ने बेहद परिपक्वता और अपनेपन के साथ बात रखी. उन्होंने साफ कहा कि जनता के सहयोग के बिना कोई भी बड़ा बदलाव मुमकिन नहीं है. उन्होंने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा, “बिना किसी झिझक के अपनी समस्याएँ लेकर आइए, मैं आपकी सरपंच नहीं, बल्कि आपकी अपनी बेटी हूँ. हम सब मिलकर अपने गांथी गाँव को विकास की एक नई ऊँचाई पर ले चलेंगे.” उनका यह अपनापन और खुला संवाद गाँव के हर व्यक्ति को भा गया.
कम उम्र में बड़ी जिम्मेदारी, शिक्षा और राजनीति का अनूठा तालमेलफिलहाल बीएससी (B.Sc.) की पढ़ाई कर रहीं भावना मेघवाल ने यह साबित कर दिया है कि अगर हौसले बुलंद हों, तो पढ़ाई और जनसेवा दोनों को एक साथ बेहतरीन तरीके से संभाला जा सकता है. उनकी इस बड़ी उपलब्धि से न सिर्फ पाली जिले बल्कि पूरे राजस्थान की युवा पीढ़ी और खासकर बेटियों को एक नई प्रेरणा मिली है. हर तरफ यही चर्चा है कि कम उम्र में यह बड़ी जिम्मेदारी संभालते हुए भावना गांथी पंचायत की तकदीर और तस्वीर दोनों बदलने का माद्दा रखती हैं.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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November 02, 2026, 14:38 IST



