आधी रात को ट्रैक पर आ धमका 400 किलो का भालू: ट्रेन टकराकर डिरेल, रातभर जंगल में फंसे रहे 34 पैसेंजर्स

Last Updated:November 02, 2026, 17:31 IST
जापान के उत्तरी इलाके होक्काइडो में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां असाहिकावा से वाक्कनाई जा रही एक एक्सप्रेस ट्रेन अचानक पटरी पर आए भालू से टकरा गई. इस जोरदार टक्कर के बाद ट्रेन पटरी से नीचे उतर गई. गनीमत रही कि ट्रेन में सवार सभी 34 यात्री और क्रू मेंबर्स पूरी तरह सुरक्षित रहे. हालांकि हादसे के बाद सभी को रातभर ट्रेन में ही फंसे रहना पड़ा.जापान में भयानक एक्सीडेंट: भालू की टक्कर से हिली पूरी ट्रेन, जंगल के बीच फंसे रहे 34 लोग. (AI Generated Image)
जापान के उत्तरी हिस्से होक्काइडो में एक बेहद चौंकाने वाला हादसा हुआ है. रात के अंधेरे में तेज रफ्तार से दौड़ रही एक एक्सप्रेस ट्रेन अचानक पटरी पर आए भालू से सीधे टकरा गई. यह टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रेन का इंजन और डिब्बे पटरी से उतर गए. ट्रेन असाहिकावा से वाक्कनाई शहर की तरफ जा रही थी. इस ट्रेन में 34 पैसेंजर्स और क्रू मेंबर्स सवार थे. गनीमत यह रही कि इस जोरदार झटके के बावजूद किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई. हालांकि टक्कर के बाद जंगल के बीच ट्रेन पूरी तरह रुक गई. इसके चलते सभी मुसाफिरों को पूरी रात ट्रेन की बोगियों में ही गुजारनी पड़ी. अगली सुबह राहत टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी पैसेंजर्स को सुरक्षित बाहर निकाला.
आधी रात को जंगल के बीच अचानक क्या हुआ था?
लोकल मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह हादसा रात करीब 10 बजकर 50 मिनट पर हुआ. ट्रेन अपनी तय स्पीड से ट्रैक पर आगे बढ़ रही थी. इसी दौरान एक भारी-भरकम भालू सामने आ गया. ड्राइवर के इमरजेंसी ब्रेक लगाने से पहले ही जोरदार टक्कर हो गई. झटके के साथ ट्रेन पटरी से नीचे उतर गई. बोगियों की बिजली गुल होने से अंदर बैठे लोग बुरी तरह डर गए.
सुनसान इलाके में होने के कारण फौरन मदद पहुंचना मुमकिन नहीं था. ऐसे में यात्रियों को अगली सुबह तक ट्रेन के भीतर ही इंतजार करना पड़ा. शनिवार सुबह करीब 9 बजकर 30 मिनट पर सभी को दूसरी जगह शिफ्ट किया गया. हालांकि यह साफ नहीं हो सका कि टक्कर के बाद भालू जिंदा बचा या नहीं.
जापान में क्यों बढ़ रहे हैं भालुओं के जानलेवा हमले?
जापान में हाल के दिनों में जंगली भालुओं का खौफ तेजी से बढ़ा है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि गांवों से लोगों के शहरों में बसने की वजह से जंगल खाली हो रहे हैं. खेती छोड़ने से जंगली जानवर रिहायशी इलाकों की तरफ बढ़ रहे हैं. क्लाइमेट चेंज के चलते जंगलों में खाने की भारी कमी हो गई है. इस वजह से भालू अक्सर स्कूलों, सुपरमार्केट्स और सूपर स्टोर्स में घुस रहे हैं.
पिछले साल भालुओं के हमलों में रिकॉर्ड 13 लोगों की जान चली गई थी. वहीं इस साल अप्रैल से जून के बीच पांच लोगों की मौत दर्ज की गई. जापानी सरकार के आंकड़ों के अनुसार देश में ब्राउन बेयर की संख्या 12 हजार के पार पहुंच गई है.
बेकाबू हालात से निपटने के लिए सेना बुलानी पड़ी
होक्काइडो द्वीप पर पाए जाने वाले भूरे भालू आकार में बेहद विशाल होते हैं. एक वयस्क नर भालू की लंबाई करीब दो मीटर और वजन 400 किलो तक होता है. ऐसे भारी जानवर से टकराने पर ट्रेन का डिरेल होना स्वाभाविक था. हालात को देखते हुए टोक्यो सरकार ने 20 साल बाद एशियन भालुओं के शिकार की इजाजत फिर से दी है.
इसके तहत शहरों और नदियों के आसपास दिखने वाले भालुओं को मारा जा सकेगा. इससे पहले अकिता प्रांत में बिगड़ते हालात को संभालने के लिए सेना के जवानों को तैनात करना पड़ा था. वहां भालू दिखने की घटनाएं छह गुना बढ़कर 8 हजार के पार पहुंच गई थीं. प्रशासन अब रेलवे ट्रैक के आसपास भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने पर विचार कर रहा है.
About the Authorदीपक वर्माDeputy News Editor
दीपक वर्मा की गिनती डिजिटल मीडिया के सबसे तेज और उभरते हुए चेहरों में होती है. वह न्यूज18 हिंदी के साथ डिप्टी न्यूज एडिटर के तौर पर जुड़े हैं. दीपक ने अपने करियर में कई बड़े मुकाम हासिल किए हैं…
New Delhi,Delhi
First Published :
November 02, 2026, 17:31 IST
जापान में क्यों बढ़ रहे हैं भालुओं के जानलेवा हमले?
जापान में हाल के दिनों में जंगली भालुओं का खौफ तेजी से बढ़ा है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि गांवों से लोगों के शहरों में बसने की वजह से जंगल खाली हो रहे हैं. खेती छोड़ने से जंगली जानवर रिहायशी इलाकों की तरफ बढ़ रहे हैं. क्लाइमेट चेंज के चलते जंगलों में खाने की भारी कमी हो गई है. इस वजह से भालू अक्सर स्कूलों, सुपरमार्केट्स और सूपर स्टोर्स में घुस रहे हैं.
पिछले साल भालुओं के हमलों में रिकॉर्ड 13 लोगों की जान चली गई थी. वहीं इस साल अप्रैल से जून के बीच पांच लोगों की मौत दर्ज की गई. जापानी सरकार के आंकड़ों के अनुसार देश में ब्राउन बेयर की संख्या 12 हजार के पार पहुंच गई है.
बेकाबू हालात से निपटने के लिए सेना बुलानी पड़ी
होक्काइडो द्वीप पर पाए जाने वाले भूरे भालू आकार में बेहद विशाल होते हैं. एक वयस्क नर भालू की लंबाई करीब दो मीटर और वजन 400 किलो तक होता है. ऐसे भारी जानवर से टकराने पर ट्रेन का डिरेल होना स्वाभाविक था. हालात को देखते हुए टोक्यो सरकार ने 20 साल बाद एशियन भालुओं के शिकार की इजाजत फिर से दी है.
इसके तहत शहरों और नदियों के आसपास दिखने वाले भालुओं को मारा जा सकेगा. इससे पहले अकिता प्रांत में बिगड़ते हालात को संभालने के लिए सेना के जवानों को तैनात करना पड़ा था. वहां भालू दिखने की घटनाएं छह गुना बढ़कर 8 हजार के पार पहुंच गई थीं. प्रशासन अब रेलवे ट्रैक के आसपास भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने पर विचार कर रहा है.
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