IAS शिखर अग्रवाल मामले में सरकार का बड़ा एक्शन, गोयल फैशन्स को मिलने वाली करोड़ों की सरकारी लाभों पर रोक

Last Updated:November 02, 2026, 22:10 IST
IAS Shikhar Agrawal Case: राजस्थान सरकार ने IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल से जुड़े अनंता रिसॉर्ट विला मामले में गोयल फैशन्स प्राइवेट लिमिटेड को मिलने वाले राजकीय आर्थिक लाभों पर ACB की जांच पूरी होने तक रोक लगा दी है. कंपनी को सरकार की ओर से दिए गए आर्थिक प्रोत्साहन और दूसरी रियायतें भी चर्चा में आ गई हैं. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के संज्ञान में मामला आने के बाद आयुक्त उद्योग एवं वाणिज्य की ओर से कंपनी को मिलने वाले राजकीय परिलाभों पर रोक लगाने के आदेश जारी किए गए हैं.
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जयपुर. IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल से जुड़े अनंता रिसॉर्ट विला प्रकरण में राजस्थान सरकार ने गोयल फैशन्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने कंपनी को पहले से मंजूर राजकीय आर्थिक लाभों के वितरण पर रोक लगा दी है. यह रोक भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की प्रारंभिक जांच पूरी होने तक जारी रहेगी. यानी जांच पूरी होने तक कंपनी को निवेश प्रोत्साहन और सरकारी छूट का फायदा नहीं मिल सकेगा.
यह मामला अलवर जिले के अजबगढ़ स्थित रिसॉर्ट परियोजना से जुड़ा है. इसी परियोजना में IAS शिखर अग्रवाल और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर 20 विला खरीदे जाने की बात सामने आई थी. अब इस मामले में जांच का दायरा केवल विला खरीद तक सीमित नहीं रह गया है. कंपनी को सरकार की ओर से दिए गए आर्थिक प्रोत्साहन और दूसरी रियायतें भी चर्चा में आ गई हैं. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के संज्ञान में मामला आने के बाद आयुक्त उद्योग एवं वाणिज्य की ओर से कंपनी को मिलने वाले राजकीय परिलाभों पर रोक लगाने के आदेश जारी किए गए हैं.
27 मार्च 2026 को मिला था विशेष आर्थिक पैकेजगोयल फैशन्स प्राइवेट लिमिटेड को अजबगढ़ रिसॉर्ट परियोजना के लिए 27 मार्च 2026 को विशेष आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज मंजूर किया गया था. इसके तहत कंपनी को कई तरह की सरकारी रियायतें देने का प्रावधान था. इनमें सबसे बड़ा लाभ राज्य कर में मिलने वाली सब्सिडी और बिजली शुल्क में छूट का था. स्वीकृत पैकेज के अनुसार कंपनी को 10 साल तक राज्य कर में 75 प्रतिशत अनुदान मिलना था. इसके साथ ही विद्युत शुल्क में 100 प्रतिशत छूट का प्रावधान किया गया था. इसका मतलब था कि कंपनी को बिजली शुल्क के मोर्चे पर पूरी राहत मिल सकती थी. इसके अलावा स्टाम्प ड्यूटी, जमीन के उपयोग में बदलाव यानी भूमि रूपांतरण शुल्क और कर्मचारियों के वेतन पर अनुदान जैसी रियायतें भी पैकेज में शामिल थीं. इस तरह सरकार की ओर से कंपनी को निवेश के लिए कई तरह के आर्थिक लाभ दिए गए थे.
जांच पूरी होने तक नहीं मिलेंगे सरकारी फायदेअब सरकार ने इन मंजूर लाभों के वितरण पर रोक लगा दी है. एसीबी की प्रारंभिक जांच पूरी होने तक कंपनी इन सरकारी रियायतों का लाभ नहीं ले सकेगी. फिलहाल यह कदम आर्थिक प्रोत्साहन के वितरण को रोकने के तौर पर उठाया गया है. इस कार्रवाई के बाद कंपनी को मिले विशेष आर्थिक पैकेज पर भी सवाल खड़े हो गए हैं. पूरे रियायती पैकेज को निरस्त करने की तैयारी की बात सामने आ रही है. हालांकि, फिलहाल सामने आए आदेश में राजकीय परिलाभों के वितरण पर रोक लगाने की बात है. पूरे पैकेज को रद्द करने का अंतिम फैसला होने की जानकारी नहीं दी गई है. यानी अभी दो बातें अलग-अलग हैं. पहली, कंपनी को मिलने वाली सरकारी छूट और अनुदान पर रोक लग चुकी है. दूसरी, पूरे आर्थिक पैकेज को निरस्त करने की आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है.
शिखर अग्रवाल पर पद के दुरुपयोग के आरोपों की जांचइस पूरे मामले में IAS शिखर अग्रवाल की भूमिका भी जांच के दायरे में है. उन पर पद का दुरुपयोग करने और खुद के साथ ही अपने परिजनों के नाम पर रिसॉर्ट में संपत्तियां खरीदने के आरोप हैं. एसीबी इन आरोपों की जांच कर रही है. अजबगढ़ स्थित अनंता रिसॉर्ट में 20 विला की खरीद का मामला सामने आने के बाद से ही यह प्रकरण चर्चा में है. अब गोयल फैशन्स को मिले विशेष आर्थिक पैकेज पर सरकार की कार्रवाई ने मामले को एक नया मोड़ दे दिया है.
अब जांच के नतीजों पर टिकी निगाहेंसरकार के ताजा कदम के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि एसीबी की प्रारंभिक जांच में क्या सामने आता है. जांच पूरी होने तक गोयल फैशन्स प्राइवेट लिमिटेड को स्वीकृत सरकारी आर्थिक लाभ नहीं मिलेंगे. वहीं, कंपनी को दिए गए पूरे पैकेज को लेकर भी आगे फैसला हो सकता है. फिलहाल 10 साल तक मिलने वाले 75 प्रतिशत राज्य कर अनुदान, बिजली शुल्क में पूरी छूट और दूसरी रियायतों पर रोक लग चुकी है. जांच के नतीजे आने के बाद ही साफ होगा कि कंपनी को दिया गया आर्थिक पैकेज आगे जारी रहेगा या उसे पूरी तरह निरस्त करने की कार्रवाई होगी.
About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…
Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
November 02, 2026, 22:10 IST



