रात भर जागते रहे 27 जिलों के गांव, कहीं मना जश्न तो कहीं हुआ विवाद

जयपुर. राजस्थान पंचायत चुनाव 2026 के तीसरे चरण में 27 जिलों की ग्राम पंचायतों में गुरुवार को सरपंच और वार्ड पंचों के लिए मतदान हुआ. 27 जिलों की 3716 ग्राम पंचायतों में वोट डाले गए. जिसमें सरपंच के 3716,वार्ड पंच के 34,218 पदों के लिए चुनाव हुआ. इसके लिए प्रदेश में 11,869 मतदान केंद्र बनाए गए थे. शाम को मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद कई जगह मतगणना कराई गई और देर रात तक चुनाव परिणाम सामने आते रहे. नतीजों के बाद कहीं समर्थकों ने जीत का जश्न मनाया तो कहीं हार-जीत की रंजिश, फर्जी मतदान के आरोप और आपसी विवाद ने माहौल तनावपूर्ण कर दिया.
जालोर, दौसा, टोंक और झुंझुनूं से हंगामे, मारपीट और पुलिस कार्रवाई की खबरें सामने आई. कई गांवों में देर रात तक तनाव की स्थिति बनी रही और पुलिस-प्रशासन को मोर्चा संभालना पड़ा. कोटपूतली-बहरोड़ जिले के नीमराना क्षेत्र के गुगलकोटा गांव में सरपंच चुनाव की मतगणना के बाद जमकर हंगामा हो गया. चुनाव में हार से नाराज प्रत्याशी के समर्थकों पर उत्पात मचाने और पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई करने का आरोप है. हालात बिगड़ते देख पुलिस ने मोर्चा संभाला और उपद्रव कर रहे लोगों को खदेड़ने के लिए लाठियां फटकारी. पुलिस की कार्रवाई के बाद मौके पर स्थिति नियंत्रित हुई. घटना के बाद पुलिस ने करीब एक दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है. मतगणना के बाद हुए इस हंगामे से गांव में तनाव का माहौल बन गया.
दौसा में भी पंचायत चुनाव के दौरान कई जगह हुआ हंगामा
दौसा जिले में भी पंचायत चुनाव के दौरान विवाद के मामले सामने आए. सिकंदरा की ब्राह्मण बैराडा पंचायत में सरपंच प्रत्याशी के साथ मारपीट की घटना हुई. आरोप है कि अज्ञात लोगों ने लाठी-सरियों से प्रत्याशी पर हमला किया और उनकी गाड़ी के शीशे तोड़ दिए. इस दौरान प्रत्याशी को भी चोटें आईं. मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर उन्हें बचाया. पुलिस के अनुसार, मतदान शुरू होने से पहले घटना की सूचना मिली थी, लेकिन पीड़ित प्रत्याशी की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई. दौसा के नांदरी मतदान केंद्र पर भी दो पक्षों के बीच विवाद हो गया. मतदान केंद्र के अंदर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते टकराव में बदल गया. पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया. इसके बाद बूथ के बाहर भी दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए. एसपी कुंदन कंवरिया और कलेक्टर सौम्या झा पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रहे. आसपास के क्षेत्रों से अतिरिक्त पुलिस बल भी मौके पर भेजा गया.
झुंझुनूं में चुनावी रंजिश ने पंजाब के युवक की ले ली जान
सबसे गंभीर मामला झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ क्षेत्र के देलसर कलां गांव से सामने आया. यहां सरपंच चुनाव की रंजिश में दो पक्षों के बीच देर रात खूनी संघर्ष हो गया. विवाद तोगड़ा कलां ग्राम पंचायत के चुनाव को लेकर विगत बुधवार को हुआ था. बताया जा रहा है कि कैंपर गाड़ियों की भिड़ंत के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए. इसके बाद लाठी-डंडों और पत्थरबाजी से मारपीट शुरू हो गई. संघर्ष में तीन लोग घायल हुए, जिनमें से एक युवक की मौत हो गई. मृतक पंजाब के होशियारपुर जिले का निवासी बताया जा रहा है. उसका शव झुंझुनूं जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया. घायलों को नवलगढ़ अस्पताल पहुंचाया गया. सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और हालात संभाले. पुलिस ने कई गाड़ियां जब्त की हैं और कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. मुकुंदगढ़ थानाधिकारी गोपाल सिंह के अनुसार, दोनों पक्षों के लोगों को चोटें आई थीं. मामले की जांच जारी है.
जालोर में फर्जी मतदान को लेकर हुआ हंगामा
जालोर जिले के चितलवाना में सरपंच चुनाव के दौरान फर्जी मतदान के आरोपों को लेकर ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया. ग्रामीणों ने बड़े स्तर पर फर्जी वोटिंग होने का आरोप लगाते हुए मतदान प्रक्रिया रुकवा दी. इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने की कोशिश की. इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच तनाव बढ़ गया. ग्रामीणों ने पुलिस पर लाठीचार्ज करने और एकतरफा कार्रवाई के आरोप लगाए. उनका कहना था कि प्रशासन की मिलीभगत से फर्जी मतदान कराया जा रहा है. लाठीचार्ज के बाद माहौल और गर्मा गया. इसी दौरान एडिशनल एसपी आवड़दान चारण की गाड़ी के शीशे टूटने की भी जानकारी सामने आई. ग्रामीणों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए.
फर्जी मतदान के आरोपों के चलते ग्रामीणों ने मतदान रुकवाया
जालोर के ही झाब में फर्जी मतदान के आरोपों के चलते ग्रामीणों ने मतदान रुकवा दिया था. ग्रामीणों के हंगामे के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने समझाइश की. इसके बाद दोबारा वोटिंग शुरू कराई गई. इस मामले में पुलिस ने कुछ युवकों को हिरासत में भी लिया. वहीं टोंक की कुरेड़ा ग्राम पंचायत में भी फर्जी मतदान के आरोपों के बाद हंगामा हुआ. मौके पर पहुंची पुलिस ने एक युवक को पकड़ लिया. हालांकि, इसके बाद मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से जारी रही. इस तरह तीसरे चरण के पंचायत चुनाव में जहां नतीजों के बाद कई गांवों में जीत का जश्न देखने को मिला, वहीं चुनावी रंजिश और फर्जी मतदान के आरोपों ने कई जगह हालात बिगाड़ दिए. देर रात तक पुलिस और प्रशासन की टीमें संवेदनशील इलाकों में निगरानी करती रही.



