Rajasthan

300 मंदिर, गुफा का रोमांच और हाथी पहाड़ का नजारा

Last Updated:April 19, 2026, 19:18 IST

Naralai Village, Pali : पाली जिले का नारलाई गांव अपने 300 से अधिक प्राचीन मंदिरों, प्राकृतिक सुंदरता और अनोखी गुफाओं के लिए प्रसिद्ध है. यहां भंवर गुफा, हाथी पहाड़ और ऐतिहासिक धरोहरें पर्यटकों को आकर्षित करती हैं. आस्था, रोमांच और सुकून का यह संगम नारलाई को राजस्थान के खास पर्यटन स्थलों में शामिल करता है.

पाली जिले का नारलाई गांव राजस्थान के सबसे प्राचीन ‘मंदिरों के गांवों’ में गिना जाता है. यहां छोटे-बड़े करीब 300 मंदिर स्थित हैं, जो अपनी आध्यात्मिक शांति और स्थापत्य कला के लिए प्रसिद्ध हैं. गोडवाड़ क्षेत्र की गोद में बसा यह गांव न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यहां की प्राकृतिक खूबसूरती भी पर्यटकों को अपनी ओर खींचती है.

नारलाई की सबसे बड़ी विशेषता यहां स्थित ‘भंवर गुफा’ है. यह गुफा किसी मानव निर्मित इंजीनियरिंग का परिणाम नहीं, बल्कि कुदरत की देन है. यहां दो विशालकाय पहाड़ इस तरह खड़े हैं जैसे आपस में टकराने वाले हों, लेकिन उनके बीच एक संकरी दरार नुमा रास्ता बना हुआ है. इस कुदरती रास्ते से गुजरना किसी रोमांचक फिल्म के सीन जैसा महसूस होता है, जो सीधा भवरेश्वर महादेव के दरबार तक ले जाता है.

नारलाई का सबसे प्रमुख आकर्षण ‘हाथी पहाड़’ (Elephant Hill) है. इस विशाल पहाड़ी पर प्रसिद्ध जयकलनाथ महादेव का गुफा मंदिर स्थित है. यहां पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को लगभग 700 से 800 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं. चोटी पर पहुंचने के बाद जब श्रद्धालु महादेव के दर्शन करते हैं, तो उन्हें पूरे गोडवाड़ क्षेत्र का एक विहंगम और अद्भुत नजारा दिखाई देता है.

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आध्यात्मिक यात्रा के दौरान यहां का आदिनाथ जैन मंदिर अपनी कलात्मकता से सबको चकित कर देता है. 22वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ जी को समर्पित यह मंदिर अपनी शानदार पत्थर की नक्काशी के लिए जाना जाता है. जैन धर्म के अनुयायियों के साथ-साथ यह मंदिर वास्तुकला प्रेमियों के लिए भी एक विशेष शोध का विषय है.

गांव के भीतर श्री आई माताजी का भव्य मंदिर स्थित है, जो सीरवी समाज की आराध्य देवी हैं. यह मंदिर न केवल ग्रामीणों की आस्था का केंद्र है, बल्कि यहां आने वाले हर श्रद्धालु के मन में भक्ति का भाव जगा देता है. नारलाई गांव के धार्मिक ताने-बाने में इस मंदिर का एक विशेष और महत्वपूर्ण स्थान है.

धार्मिक स्थलों के अलावा, नारलाई अपनी ऐतिहासिक धरोहरों के लिए भी विख्यात है. यहाँ का ‘रावला नारलाई’ एक ऐतिहासिक महल है, जिसे अब एक हेरिटेज होटल में तब्दील कर दिया गया है. यह स्थान विदेशी पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है, जहाँ वे राजस्थानी संस्कृति, विलासिता और पहाड़ियों के बीच शांत वातावरण का आनंद लेते हैं.

First Published :

April 19, 2026, 19:18 IST

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