होर्मुज में बवाल के बीच पुतिन का मास्टर गेमप्लान, ईरान जंग पर चीन में बनेगा प्लान! – Russian president Vladimir Putin China visit hormuz crisis

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होर्मुज में बवाल के बीच पुतिन का मास्टरस्ट्रोक, क्या पलट जाएगा पूरा गेम?
Last Updated:April 15, 2026, 12:32 IST
Vladimir Putin China Visit: पश्चिम एशिया में क्राइसिस को लेकर वैश्विक हालात हर पल बदल रहे हैं. अब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन चीन की यात्रा पर जा रहे हैं. पुतिन की बीजिंग यात्रा का महत्व इसलिए और भी बढ़ जाता है, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी चीन जाने वाले हैं. एनर्जी क्राइसिस के बीच इन हाईप्रोफाइल दौरों की अहमियत को समझा जा सकता है. 
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन चीन की यात्रा करने वाले हैं. (फाइल फोटो/Reuters)Vladimir Putin China Visit: ईरान जंग के बीच बड़ी खबर सामने आ रही है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन चीन का दौरान करने वाले हैं. फिलहाल( हाईप्रोफाइल विजिट का शेड्यूल तैयार किया जा रहा है. पुतिन ऐसे समय में चीन की यात्रा पर जा रहे हैं, जब वेस्ट एशिया में गंभीर तनाव की स्थिति बनी हुई है. अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर अटैक के बाद पूरी दुनिया में उथल-पुथल का आलम है. होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने की वजह से तेल और गैस की आपूर्ति बुरी तरह से प्रभावित हुआ है. इससे एशिया से लेकर यूरोप तक के देशों पर असर पड़ा है. अमेरिका ने ईरानी पोर्ट की घेरेबंदी करने का ऐलान कर हालात को और भी तनावपूर्ण और संवेदनशील बना दिया है. इन तमाम हालात को देखते हुए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बीजिंग यात्रा अपने आप में काफी अहम है.
वैश्विक ऊर्जा बाजार में बढ़ती अनिश्चितताओं के बीच रूस ने चीन को ऊर्जा आपूर्ति बढ़ाने का संकेत दिया है. रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव (Sergei Lavrov) ने बुधवार को बीजिंग में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि रूस, चीन सहित उन सभी देशों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार है, जो समान और पारस्परिक लाभ के आधार पर सहयोग करना चाहते हैं. लावरोव ने बताया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) की चीन यात्रा साल 2026 की पहली छमाही में प्रस्तावित है. रूसी अखबार ‘Vedomosti’ ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि यह दौरा 18 मई से शुरू होने वाले सप्ताह में हो सकता है. इस संभावित यात्रा को दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है.
ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए रूस तैयार
इस बीच, चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping ने बीजिंग में लावरोव से मुलाकात की. बैठक के दौरान शी जिनपिंग ने रूस के साथ गहरी दोस्ती और सहयोग पर जोर देते हुए कहा कि दोनों देशों को एक-दूसरे पर भरोसा बनाए रखना चाहिए, आपसी सहयोग को और मजबूत करना चाहिए और पारस्परिक हितों की रक्षा करनी चाहिए. यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति और भू-राजनीतिक तनावों को लेकर चिंता बढ़ रही है. लावरोव ने कहा कि मध्य पूर्व में जारी संकट के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो रही है, लेकिन रूस इस कमी को पूरा करने में सक्षम है. उन्होंने स्पष्ट किया कि रूस के पास पर्याप्त संसाधन हैं, जिनके जरिए वह चीन और अन्य सहयोगी देशों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा कर सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि रूस और चीन के पास ऐसे सभी साधन मौजूद हैं, जिनसे वे वैश्विक ऊर्जा बाजार में किसी एक देश पर निर्भरता से बच सकते हैं.
लावरोव के रडार पर कौन
रूसी विदेश मंत्री ने परोक्ष रूप से अमेरिका की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि कुछ देश मध्य पूर्व में संघर्ष के जरिए वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि रूस और चीन इस तरह के प्रयासों से निपटने में सक्षम हैं और दोनों देश मिलकर एक संतुलित और स्थिर ऊर्जा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं. रूस और चीन के बीच ऊर्जा सहयोग में वृद्धि से वैश्विक ऊर्जा बाजार पर व्यापक असर पड़ सकता है. खासकर ऐसे समय में जब कई देश ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं, रूस का यह प्रस्ताव चीन के लिए राहत भरा साबित हो सकता है. वहीं, पुतिन की प्रस्तावित यात्रा से दोनों देशों के संबंधों में और मजबूती आने की उम्मीद है, जो वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर भी प्रभाव डाल सकती है.
About the AuthorManish Kumar
बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें
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First Published :
April 15, 2026, 11:55 IST



