अमेरिका के दुश्मन ने उतारा समुद्री दैत्य, 5000 टन वजन, बैलिस्टिक मिसाइलों से लैस, उड़ा देगा फाइटर जेट के चीथड़े

Last Updated:June 24, 2026, 11:43 IST
North Korea Warship US Tension: अमेरिका के पड़ोसी देश ने एक ऐसी हाहाकारी चीज समुद्र में उतार दी है, जो निश्चित तौर पर उनके लिए मुसीबत बन सकती है. ईरान के यूरेनियम को लेकर अमेरिका की सिरदर्दी खत्म नहीं हुई है, लेकिन उनके पड़ोस में वो देश करीब 60 परमाणु हथियार बना चुका है, जिसका मुखिया अपने गुस्से और सनक के लिए मशहूर है. ऐसे में उसका डिस्ट्रॉयर तैनात करना सामान्य बात नहीं है.
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उत्तर कोरिया ने उतारा समुद्री दैत्य. (रॉयटर्स)
अमेरिका ने ईरान के साथ अपने युद्ध को खत्म करने के लिए समझौते की कोशिशें तेज कर दी हैं. वहीं दूसरी ओर उसके एक और दुश्मन ने समंदर में ऐसा जाल बिछाया है, जो निश्चित तौर से डोनाल्ड ट्रंप के सिर में दर्द पैदा कर देगा. उत्तर कोरिया ने अपने नौसैनिक बल को अब तक सबसे मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है. किम जोंग उन ने 5000 टन वजन वाला एक नया डिस्ट्रॉयर तैनात कर दिया है, जिसका नाम है – चोए ह्योन. मंगलवार को पश्चिमी बंदरगाह नाम्पो में आयोजित एक समारोह में किम जोंग उन ने खुद इस युद्धपोत को नौसेना में शामिल किया और अपनी समुद्री ताकत को सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा दिया.
स्टेट मीडिया KCNA के मुताबिक किम जोंग उन ने इस मौके पर कहा कि यह युद्धपोत उनके देश की नौसेना को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है. उन्होंने कहा – ‘समुद्र की रक्षा करने वाली हमारी नौसेना का समय अब बीत चुका है. अब हमारी नौसेना परमाणु हथियारों से लैस एक पूर्ण सामरिक बल बन चुकी है.’ किम जोंग उन के मुताबिक ये कदम नॉर्थ कोरिया की परमाणु ताकत किसी भी असरकारी ऑपरेशन के लिए तैयार रहेगी.
समंदर में ताकतवर हुआ उत्तर कोरिया
उत्तर कोरियाई मीडिया का दावा है कि चोए ह्योन युद्धपोत एंटी-एयरक्राफ्ट , एंटी-शिप हथियारों और परमाणु क्षमता वाली बैलिस्टिक तथा क्रूज मिसाइलों से लैस है. इस युद्धपोत को उत्तर कोरिया के पश्चिमी तट की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है. किम जोंग उन ने इसे देश की बढ़ती नौसैनिक और परमाणु क्षमता का प्रतीक बताया. उनके मुताबिक उत्तर कोरिया की नेवी को परमाणु हथियारों से लैस करने की योजना बिना किसी बाधा के आगे बढ़ रही है.
उत्तर कोरिया पहले ही कह चुका है कि ‘चो ह्योन सबसे शक्तिशाली हथियारों से लैस’ है. किम ने इस साल इस श्रेणी के जहाजों का कई बार निरीक्षण किया है. उत्तर कोरिया का कहना है कि जल्द ही ऑपरेशन के लिए डिस्ट्रॉयर ‘कांग कोन’ को भी तैनात किया जाएगा. ये सिलसिला यहीं नहीं रुकेगा, इसके बाद 10,000 टन के रणनीतिक युद्धपोत भी लॉन्च किए जाएंगे.
किम जोंग उन का टार्गेट है कि हर साल दो ऐसे सरफेस शिप बनाने चाहिए जो चो ह्योन से और अच्छे हों. इतना ही नहीं उन्होंने दक्षिण कोरिया के साथ-साथ अमेरिका की मिलिट्री मॉडर्नाइजेशन की कोशिशों का हवाला देते हुए कहा कि ये कोशिशें इलाके को ‘परमाणु युद्ध के कगार पर’ धकेल रही हैं.
उत्तर कोरिया के पास कौन से घातक हथियार?
SIPRI की रिपोर्ट की मानें तो नॉर्थ कोरिया के पास इस वक्त इतना फिसाइल मटीरियल मौजूद है कि वो हर साल 6 से 7 न्यूक्लियर हथियार बना सकता है. दावा किया जाता है कि इस छोटे से देश के बाद 50-60 परमाणु हथियार मौजूद हैं. उत्तर कोरिया का न्योंगब्योंग न्यूक्लियर सेंटर उच्च संवर्धन वाला यूरेनियम बनाता है. उत्तर कोरिया ने कई ICBM मिसाइलें बनाई हैं, जिसमें ह्वासोंग-17 और ठोस ईंधन से चलने वाली ह्वासोंग-18 शामिल हैं जिनकी मारक क्षमता 15000 किलोमीटर से ज्यादा है. यही अमेरिका की सिरदर्दी है कि नॉर्थ कोरिया की मिसाइलों की रेंज वॉशिंगटन तक है और उसके परमाणु हथियारों का जखीरा भरा हुआ है.
रूस-चीन से मिल रही है मदद
दक्षिण कोरिया के अधिकारी और विशेषज्ञों का मानना है कि यह युद्धपोत बनाने में रूस की मदद ली गई है. दोनों देशों के बीच हाल के वर्षों में सैन्य संबंध काफी मजबूत हुए हैं. उत्तर कोरिया ने परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी बनाने का काम भी तेज कर दिया है. फरवरी में हुई वर्कर्स पार्टी कांग्रेस में उन्होंने अगले पांच साल के सैन्य लक्ष्यों में नौसैनिक क्षमता को प्रमुखता दी थी. 2019 में अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता विफल होने के बाद किम ने अपने परमाणु हथियारों को तेजी से बढ़ाया है और रूस व चीन के साथ संबंध और गहरे किए हैं.
About the AuthorPrateeti Pandey
में इंटरनेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं. टीवी पत्रकारिता का भी अनुभव है और इससे पहले Zee Media Ltd. में कार्य किया. डिजिटल वीडियो प्रोडक्शन की जानकारी है. टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के साथ-साथ अंतरर…और पढ़ें
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