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Solar Eclipse 2026: 12 August Solar Eclipse| सूरज को निगल जाएगा चांद धरती पर होगा घुप अंधेरा और बरसने लगेंगे टूटते तारे दूर नहीं वो दिन

Last Updated:August 06, 2026, 09:35 IST

Total Surya Grahan 2026: इस साल का दूसरा सबसे बड़ा सूर्यग्रहण सिर्फ कुछ दिन दूर है. ये इतना अद्भुत नजारा होगा कि देखने वाले इसे लाइफटाइम याद रखेंगे. दिन के वक्त आसमान काला हो जाएगा और अंधेरा छा जाएगा. इसी दिन आकाश में ग्रहों के छल्ले दिखेंगे और चांद की रोशनी धीमी होने की वजह से टूटते सितारे बरसते हुए नजर आएंगे. ये दिन धरती के लोग जल्द ही देखेंगे क्योंकि ये वक्त दूर नहीं है.

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सूरज को निगल जाएगा चांद, धरती पर होगा घुप अंधेरा, दूर नहीं वो दिनZoomधरती पर छा जाएगा 2 मिनट तक अंधेरा.

सोचिए… दोपहर के समय अचानक सूरज गायब हो जाए, चारों ओर अंधेरा छा जाए और कुछ मिनटों के लिए ऐसा लगे जैसे रात उतर आई हो. 12 अगस्त 2026 को दुनिया के कई हिस्सों में ऐसा ही दुर्लभ नजारा देखने को मिलने वाला है. इस दिन धरती के कुछ हिस्सों में पूर्ण सूर्यग्रहण होगा, जिसे 1999 के बाद मेनलैंड यूरोप की सबसे बड़ी खगोलीय घटना मानी जा रही है. दिलचस्प बात यह है कि यह दिन सिर्फ सूर्यग्रहण तक सीमित नहीं रहेगा. उसी सुबह आसमान में छह ग्रहों का प्लानेट ऑफ अलाइनमेंट यानि छल्ले दिखाई देंगे. इसके बाद रात में पर्सियड उल्का वर्षा अपने चरम पर होगी. चांद की रोशनी कम होने के कारण टूटते तारों का नजारा और भी शानदार दिखने की उम्मीद है.

यह सूर्यग्रहण साइबेरिया और आर्कटिक क्षेत्र से शुरू होकर ग्रीनलैंड, आइसलैंड और फिर स्पेन तक पहुंचेगा. चंद्रमा की छाया पृथ्वी पर एक संकरी पट्टी की तरह आगे बढ़ेगी और जहां- जहां यह गुजरेगी, वहां कुछ मिनटों के लिए दिन, रात में बदल जाएगा. सबसे रोमांचक नजारा आइसलैंड के पश्चिमी तट के पास खुले समुद्र में देखने को मिलेगा, जहां पूर्ण सूर्यग्रहण करीब 2 मिनट 18 सेकंड तक रहेगा. वहीं स्पेन के बिल्बाओ, वैलेंसिया, जारागोजा, ए कोरुना और पाल्मा जैसे शहरों में भी लोग इस अद्भुत पल के गवाह बनेंगे.

क्या भारत में भी दिखेगा अद्भुत नजारा?

इसका सीधा जवाब है नहीं. भारत के लोगों को यह सूर्यग्रहण दिखाई नहीं देगा, लेकिन अमेरिका, कनाडा, यूरोप के कई हिस्सों और अफ्रीका के कुछ इलाकों में आंशिक सूर्यग्रहण देखा जा सकेगा. एक ही दिन में अंतरिक्ष प्रेमियों को तीन बड़े खगोलीय नजारे देखने का मौका मिलेगा. इस ऐतिहासिक पल को रिकॉर्ड करने के लिए नासा और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) भी पूरी तैयारी में हैं. वैज्ञानिक विशेष गुब्बारे, हाई-एल्टीट्यूड जेट विमान और आधुनिक उपकरणों की मदद से सूर्यग्रहण का अध्ययन करेंगे.

कई देशों के लिए लाएगा खुशियां 

इस अनोखी घटना ने पर्यटन उद्योग में भी जबरदस्त उत्साह पैदा कर दिया है. स्पेन और आइसलैंड के होटल लगभग भर चुके हैं. फ्लाइट बुकिंग में पिछले साल की तुलना में करीब 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. कई क्रूज कंपनियां खास यात्राएं चला रही हैं ताकि लोग समुद्र  बीच से इसे अनुभव कर सकें. इनके लिए ये किसी मौके से कम नहीं है और इन देशों की अर्थव्यवस्था को भी फायदा हो रहा है. अगर आप उन देशों में मौजूद हैं जहां यह सूर्यग्रहण दिखाई देगा, तो इसे देखने के लिए विशेष सोलर इक्लिप्स चश्मा पहनना जरूरी होगा. बिना सुरक्षा के सीधे सूरज को देखना आंखों के लिए नुकसानदायक हो सकता है.

12 अगस्त 2026 का दिन सिर्फ एक खगोलीय घटना नहीं होगा, बल्कि विज्ञान, पर्यटन और प्रकृति के अद्भुत मेल का ऐसा मौका बनेगा, जिसे दुनिया लंबे समय तक याद रखेगी. कुछ मिनटों के लिए अंधेरे में डूबता दिन और फिर लौटती सूरज की रोशनी, यह नजारा सचमुच जीवन में एक बार मिलने वाले अनुभव जैसा होगा.

About the AuthorPrateeti Pandey

में इंटरनेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं. टीवी पत्रकारिता का भी अनुभव है और इससे पहले Zee Media Ltd. में कार्य किया. डिजिटल वीडियो प्रोडक्शन की जानकारी है. टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के साथ-साथ अंतरर…

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August 05, 2026, 14:30 IST

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