Rajasthan

ब्याह- शादी में कितने लोगों को ‘जीमण’ करवाओगे? कहां और कैसे खिलाओगे अब सबकुछ बताना होगा सरकार को

जयपुर. राजस्थान में ब्याह-शादी, धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में बनने वाले खाने पर अब खाद्य सुरक्षा विभाग की कड़ी नजर रहेगी. सूबे की भजनलाल सरकार ने नई SOP जारी कर बड़े आयोजनों की जानकारी पहले खाद्य सुरक्षा विभाग को देना अनिवार्य कर दिया है. सरकार के इस फैसले से हलवाई और कैटरिंग कारोबार से जुड़े लोग उखड़ गए और वे विरोध पर उतर आए हैं. उनका कहना है कि यह व्यवस्था व्यवहारिक नहीं है. इससे छोटे कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी और कारोबार करने में बड़ी परेशानियां आएंगी.

राजस्थान के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय की नई SOP के तहत शादी, धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों में भोजन परोसने से पहले आयोजक या कैटरर को कार्यक्रम की तारीख, स्थान, आयोजक का नाम, कैटरर का FSSAI लाइसेंस नंबर, मेहमानों की संख्या और भोजन कहां तैयार होगा जैसी जानकारी विभाग को देनी होगी. इससे केवल वैध FSSAI लाइसेंसधारक ही भोजन बना सकेंगे.

क्या है नई SOP में?राजस्थान में सरकार ने शादी-ब्याह और बड़े आयोजनों को लेकर अब सख्ती का रुख अख्तियार कर लिया है. अब बिना FSSAI लाइसेंस भोजन परोसने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी. राजस्थान सरकार ने इसको लेकर नई गाइड लाइन (SOP) जारी कर दी है. खाद्य सुरक्षा आयुक्तालय इसकी मॉनिटरिंग करेगा. सरकार की ओर से यह कदम विवाह, सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, राजकीय एवं अन्य सार्वजनिक आयोजनों में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है. नई SOP के तहत आयोजन स्थल, आयोजक, हलवाई, कैटरर और भोजन सेवा प्रदाताओं के लिए कई महत्वपूर्ण नियम तय किए गए हैं.

वैध FSSAI लाइसेंसधारक ही बड़े आयोजनों में भोजन बना सकेंगेइससे अब केवल वैध FSSAI लाइसेंसधारक ही बड़े आयोजनों में भोजन बना सकेंगे. नई गाइडलाइन के तहत प्रत्येक हलवाई, कैटर्स, फूड कैटरिंग सर्विस प्रोवाइडर और अन्य खाद्य व्यवसाय संचालकों के पास वैध FSSAI लाइसेंस या पंजीकरण होना अनिवार्य कर दिया गया है. बिना लाइसेंस इस तरह का कार्य करते पाए जाने पर सर्विस प्रदाता के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

क्या करना होगा– बड़े आयोजन से पहले इसकी निगरानी करने वाली नोडल एजेंसी खाद्य सुरक्षा आयुक्तालय को पूरी जानकारी देनी होगी.– कार्यक्रम की तिथि एवं समय,आयोजन स्थल का पूरा पता, आयोजक का नाम और मोबाइल नंबर उपलब्ध कराना होगा.– भोजन तैयार करने वाले हलवाई या कैटरर का नाम और उसका FSSAI लाइसेंस/पंजीकरण नंबर देना होगा.– अनुमानित लाभार्थियों/अतिथियों की संख्या बतानी होगी.– भोजन ऑन-साइट या ऑफ-साइट तैयार होगा इसकी जानकारी देनी होगी.– भोजन परोसने की व्यवस्था का विवरण भी बताना होगा कि वह कैसी रहेगी.– एसओपी में मैरिज गार्डन, होटल और बैंक्वेट हॉल की जिम्मेदारी भी तय की गई है.

एसओपी का उद्देश्य भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है
नई व्यवस्था के मुताबिक सभी हलवाई, कैटरर और फूड सर्विस ऑपरेटर के लिए वैध FSSAI लाइसेंस अनिवार्य होगा. मैरिज गार्डन, बैंक्वेट हॉल, होटल, धर्मशाला और फार्म हाउस संचालकों को भी केवल लाइसेंसधारी कैटर्स से ही भोजन तैयार कराने और लाइसेंस की जानकारी प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं. खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग के संयुक्त सचिव डॉ विजय प्रकाश शर्मा ने बताया कि इस SOP का उद्देश्य बड़े आयोजनों में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है. इसके तहत जोखिम आधारित निरीक्षण, खाद्य नमूनों की जांच और नियमों के उल्लंघन पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत कार्रवाई की जाएगी.

छोटे और मध्यम कैटरर्स के लिए काम करना और मुश्किल हो जाएगावहीं ऑल इंडिया टेंट डेकोरेटर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष रवि जिंदल का कहना है कि यह आदेश हलवाइयों को परेशान करने वाला है. उनका आरोप है कि इससे विभागीय नियंत्रण और बढ़ेगा जबकि छोटे और मध्यम कैटरर्स के लिए काम करना और मुश्किल हो जाएगा. अगर सरकार ने इस आदेश पर दोबारा विचार नहीं किया तो प्रदेशभर के हलवाइयों की बैठक बुलाकर विरोध की रणनीति बनाई जाएगी. अब देखना होगा कि खाद्य सुरक्षा के नाम पर लागू की गई यह नई व्यवस्था लोगों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने में कितनी कारगर साबित होती है या फिर हलवाई और कैटरिंग कारोबार से जुड़े लोगों के विरोध के बाद सरकार इसमें कोई बदलाव करती है.

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