Anti rabies vaccine| ARV dose| dog bite| कुत्ता काटने के कितने घंटे के अंदर वैक्सीन लगवानी चाहिए? कितनी डोज हैं जरूरी, ये 5 सवाल में जानें गाइडलाइंस

Anti Rabies Vaccine: कुत्ते के काटने पर एंटी रेबीज की वैक्सीन लगवाई जाती है लेकिन कई बार लोग या तो वैक्सीन की सभी खुराक लेना भूल जाते हैं या डोज सही समय पर नहीं ले पाते और गैप हो जाता है. जिससे कई मामलों में इसके भयंकर परिणाम देखने को मिलते हैं. मरीज को रेबीज हो जाता है और 100 फीसदी जानलेवा इस रोग के चलते मरीज की मौत बेहद कष्टदायक होती है. हालांकि अगर लोगों को सही जानकारी हो तो यह भूल होने की संभावना कम होती है और इस बेहद खतरनाक बीमारी से भी बचा जा सकता है.
नेशनल रेबीज कंट्रोल प्रोग्राम (NRCP) की गाइडलाइंस कहती हैं कि कुत्ते के काटने के बाद एंटी रेबीज वैक्सीन (ARV) जितनी जल्दी लगवा सकते हैं उतना बेहतर होता है. इसमें देरी करने से रेबीज का खतरा बढ़ता जाता है. वैक्सीन की शुरुआत कुत्ते के काटने के दिन से ही शुरू करनी चाहिए. रेबीज 100% घातक है लेकिन पूरी तरह रोकी जा सकने वाली बीमारी है.
गाइडलाइंस कहती हैं कि कुत्ता काटने के बाद पहले घाव की साबुन और बहते पानी से तुरंत सफाई (Wound Washing) करें. 15 मिनट तक साबुन और बहते पानी से धोने के बाद कोई एंटीसेप्टिक क्रीम लगा सकते हैं और फिर उसके बाद अगला काम वैक्सीनेशन सेंटर तक जाने का करें, ताकि जल्दी से जल्दी वैक्सीन मिल सके.
सबसे खास बाता है कि चाहे गर्भवती महिलाएं हों, बच्चे हों या किसी बीमारी से जूझ रहे कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग हों, सभी को पूरी डोज लेना जरूरी है. आइए यहां जानते हैं वैक्सीन से जुड़े प्रमुख सवालों के जवाब..
कुत्ता काटने के कितने घंटे के अंदर वैक्सीन लगवानी चाहिए?
कुत्ता काट जाए तो तुरंत वैक्सीन लगवाना जरूरी है. जितनी जल्दी एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाई जाती है, बचाव का रास्ता उतना ही मजबूत होता है. अगर किसी वजह से लेट होता भी है तो रेबीज से बचने के लिए जरूरी है कि 24 घंटे के अंदर वैक्सीन लगवा ली जाए.
वैक्सीन की कितनी डोज जरूरी हैं?अगर कुत्ते ने काटा है तो एंटी रेबीज की 4-5 डोज लगाते हैं. वहीं अगर हल्की खरोंच है या कुत्ते के नाखून के निशान हैं तो डॉक्टर इस डोज को 3 भी कर सकते हैं. हालांकि वैक्सीन की कितनी डोज लेनी हैं इसका फैसला खुद नहीं करना है. कुत्ते के काटने पर वैक्सीन लगवाने जरूर जाना है.
ये वैक्सीन कहां लगाई जाती है?नेशनल रेबीज कंट्रोल प्रोग्राम के अनुसार एंटी रेबीज वैक्सीन बाजू में लगाई जाती है. यह वैक्सीन दो तरह से लगती है इंट्राडर्मल (ID) और इंट्रामस्कुलर (IM). हालांकि भारत में पसंदीदा और ज्यादा इस्तेमाल होने वाला सस्ता और प्रभावी तरीका इंट्राडर्मल है.
यह वैक्सीन कब-कब लगती है?
इंट्राडर्मल वैक्सीन की आमतौर पर 4 डोज दी जाती हैं और 8 इंजेक्शन दिए जाते हैं. ये वैक्सीन 0 दिन, तीसरे दिन, 7वें दिन और 28वें दिन पर लगती है. जबकि इंट्रामस्कुलर (IM) इन दिनों के अलावा एक डोज 14वें दिन भी दी जाती है और इसकी कुल 5 डोज दी जाती हैं.
क्या वैक्सीन लेने के बाद रेबीज नहीं होता?केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार डॉक्टर भी कहते हैं कि अगर कुत्ते ने कितना भी भयंकर रूप से काटा हो, लेकिन मरीज से तय समय पर और पूरे शेड्यूल के अनुसार रेबीज की वैक्सीन ली हैं तो उसे रेबीज नहीं होता है और उसका 100 फीसदी बचाव होता है.
क्या वैक्सीन की खुराक छोड़ देने या गैप कर देने का नुकसान होता है?वैक्सीन का पूरा कोर्स करना जरूरी है. बिना गैप किए वैक्सीन लेनी जरूरी है ताकि रेबीज के खतरे को दूर किया जा सके. सभी टीके नहीं लिए जाते तो रेबीज का खतरा हो सकता है.
कुत्ता काट ले तो यहां लें सलाहयह रेबीज हेल्पलाइन 0120-6025400 नंबर है. अगर कुत्ते ने काटा है तो इस नंबर पर कॉल करके भी जानकारी ली जा सकती है. याद रखें कि छोटी सी लापरवाही भी जानलेवा हो सकती है. घाव धोने और वैक्सीन शुरू करने में बिल्कुल देरी न करें.



