भीषण गर्मी में फसलें खतरे में… क्या ये छोटे उपाय बचा सकते हैं किसानों की मेहनत

Last Updated:April 28, 2026, 16:13 IST
भीलवाड़ा में बढ़ती गर्मी से फसलों को खतरा, कृषि विभाग के डॉ शंकर सिंह ने सुबह सिंचाई, मिट्टी की नमी और ग्रीन नेट से पौधों को बचाने की सलाह दी. कृषि विभाग के कृषि एवं परियोजना निदेशक आत्मा डॉ शंकर सिंह राठौड़ ने बताया कि वर्तमान समय में भीषण गर्मी का दौर चल रहा है. ऐसे में नर्सरी के पौधों और सब्जियों की फसलों की सही देखरेख बेहद जरूरी है.
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भीलवाड़ा. भीलवाड़ा जिले में लगातार बढ़ रही गर्मी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. तेज धूप, लू और पानी की कमी का सीधा असर फसलों और नर्सरी के पौधों पर पड़ रहा है. ऐसे हालात में अगर समय रहते सही देखभाल नहीं की जाए, तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. कृषि विभाग का कहना है कि इस मौसम में सिंचाई का सही समय, छाया की व्यवस्था और मिट्टी की नमी बनाए रखना बेहद जरूरी हो जाता है. छोटे-छोटे उपाय अपनाकर किसान अपनी फसलों को झुलसने से बचा सकते हैं और नर्सरी के पौधों का विकास भी सुरक्षित रख सकते हैं. जागरूकता और सही तकनीक के संतुलन से इस कठिन मौसम में भी अच्छी पैदावार हासिल की जा सकती है.
कृषि विभाग के कृषि एवं परियोजना निदेशक आत्मा डॉ शंकर सिंह राठौड़ ने बताया कि वर्तमान समय में भीषण गर्मी का दौर चल रहा है. ऐसे में नर्सरी के पौधों और सब्जियों की फसलों की सही देखरेख बेहद जरूरी है. यदि समय पर ध्यान नहीं दिया गया, तो फसल और पौधों को काफी नुकसान हो सकता है. उन्होंने बताया कि कुछ आसान तरीकों को अपनाकर किसान अपनी फसलों को सुरक्षित रख सकते हैं.
सिंचाई का सही समय जरूरीपौधों को गर्मी से बचाने के लिए सिंचाई का समय सबसे अहम होता है. किसानों को सलाह दी गई है कि वे सुबह के समय सिंचाई करें. सुबह पानी देने से नमी जड़ों तक पहुंचती है और दिनभर मिट्टी में बनी रहती है, जिससे पौधे तेज गर्मी को सहन कर पाते हैं. अगर दोपहर में सिंचाई की जाती है, तो पानी तेजी से वाष्पित हो जाता है और जड़ों को पूरा लाभ नहीं मिल पाता. वहीं देर रात को सिंचाई करने से मिट्टी लंबे समय तक गीली रहती है, जिससे फसलों में नमी अधिक हो जाती है और नुकसान होने की आशंका बढ़ जाती है.
छाया और सुरक्षा के उपायडॉ शंकर सिंह राठौड़ ने बताया कि गर्मी से बचाव के लिए किसान ग्रीन नेट या पॉलीथिन से पौधों को ढक सकते हैं. इससे सूर्य की सीधी किरणें पौधों पर नहीं पड़तीं और वे सूखने से बच जाते हैं. इस तरीके से पौधों की उम्र भी बढ़ती है और उनका विकास बेहतर होता है. सही समय पर सिंचाई और उचित सुरक्षा उपाय अपनाकर किसान इस गर्मी में भी अपनी फसल को सुरक्षित रख सकते हैं.
About the AuthorAnand Pandey
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें
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Location :
Bhilwara,Bhilwara,Rajasthan
First Published :
April 28, 2026, 16:13 IST



