Rajasthan

अशोक गहलोत ने गोविंद डोटासरा को लेकर अपने तरकश से निकाला नया तीर, शांति धारीवाल ने की हौसला अफजाई

Last Updated:August 04, 2026, 14:09 IST

Ashok Gehlot Vs Govind Singh Dotasra : राजस्थान कांग्रेस में पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और पूर्व सीएम अशोक गहलोत के बीच चल रही जुबानी जंग थमने का नाम नहीं ले रही है. डोटासरा के ‘व्यक्तिगत ब्रॉडिंग’ वाले बयान बाद अब गहलोत ने भी नया बयान देकर सियासी हलचल मचा दी है. गहलोत ने विपक्ष के आरोपों के बहाने डोटासरा को उन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की याद दिला दी है. जानें गहलोत ने क्या कहा? राजस्थान : अशोक गहलोत ने गोविंद डोटासरा को लेकर अपने तरकश से निकाला नया तीरZoomअशोक गहलोत और गोविंद सिंह डोटासरा के बची चल रही जुबानी जंग के बीच शांति धारीवाल के बयान ने भी खासा हलचल मचा रखी है.

जयपुर. राजस्थान कांग्रेस में पूर्व सीएम अशोक गहलोत और पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा को लेकर चल रहा घमासान जारी है. डोटासरा की ओर से हाल ही में पूर्व सीएम अशोक गहलोत का नाम लिए बिना उनको टारगेट कर दिए गए ‘व्यक्तिगत ब्रॉडिंग’ के बयान के बाद अब गहलोत का बड़ा बयान सामने आया है. गहलोत ने भी विपक्ष के आरोपों की आड़ लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को भ्रष्टाचार के आरोपों की याद दिलाने की कोशिश की है. इसे डोटासरा के बयान का पलटवार माना जा रहा है. गहलोत का यह बयान सोशल मीडिया में छाया हुआ है.

गहलोत ने कहा जब डोटासरा शिक्षा मंत्री थे तब जयपुर में शिक्षकों के एक कार्यक्रम में उन्होंने मंच से पूछ लिया कि क्या तबादलों में पैसे लिए जाते हैं? क्या शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार है? तब किसी ने कहा हां, पैसे लिए जाते हैं. गहलोत ने कहा कि उस समय डोटासरा ने खड़े होकर पूछा था कि बताइए मैंने या मेरे किसी स्टाफ ने कोई पैसा लिया तो किसी ने भी सहमति नहीं जताई. गहलोत बोले मैं जानता हूं कि डोटासरा ने एक रुपया नहीं लिया. लेकिन लेकिन विपक्ष तब से डोटासरा को बदनाम कर रहा है. गहलोत ने कहा कि सरकार चाहे बीजेपी की हो या कांग्रेस की. कोई भी शिक्षा मंत्री बन जाए. शिक्षा विभाग में ट्रांसफर पोस्टिंग में भ्रष्टाचार होता ही होता है. यह राजस्थान ही नहीं बल्कि देश के सभी राज्यों का हाल है.

सीएम का फैसला हाईकमान करता हैगहलोत ने कार्यकर्ताओं की ओर से चौथी बार सीएम के नारों पर कहा कि जनता और कार्यकर्ता नारे लगाती है यह उनकी भावना है. मैं उनको कैसे रोक सकता हूं. अशोक गहलोत ने आगे कहा कि हालांकि मुझे संकोच होता है. डोटासरा के सामने भी मेरे जिंदाबाद के नारे लगते हैं. तब भी मुझे संकोच होता है. लेकिन कार्यकर्ताओं की भावना है तो क्या कर सकते हैं. सीएम के फैसले को लेकर गहलोत ने कहा कि इसका फैसला तो हाईकमान करता है. हाईकमान बाकायदा इसके लिए सर्वे करवाता है. विधायकों की राय पूछी जाती है. जनता के मिजाज का पता लगाया जाता है. तमाम तरह का फीडबैक सामने आने के बाद हाईकमान सीएम का फैसला लेता है. गहलोत बोले विपक्ष के लोग जान बूझकर कांग्रेस को लड़ाना चाहते हैं और हमारे पीसीसी चीफ को बदनाम करना चाहते हैं.

धारीवाल बोले-कांग्रेस में दो आलाकमान हैं
वहीं अशोक गहलोत के करीबी वरिष्ठ कांग्रेसी नेता शांति धारीवाल ने आलाकमान के मुद्दे को लेकर एक बार फिर कहा कि वे अपने पुराने बयान पर कायम हैं. धारीवाल का कहना है कि कांग्रेस का हमारा दिल्ली का आलाकमान अलग है. वह सबसे बड़ा आलाकमान है. लेकिन राजस्थान में तो अशोक गहलोत ही कांग्रेस का आलाकमान हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि प्रदेश का कोई भी कार्यकर्ता जयपुर जाते ही पहले गहलोत के बंगले पर जाता है बताइए इसका क्या कारण है?About the AuthorSandeep Rathore

संदीप राठौड़ वर्तमान में न्यूज18 इंडिया में क्लस्टर हेड राजस्थान (डिजिटल) पद पर कार्यरत हैं। राजनीति, क्राइम और सामाजिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग में रूचि रखने वाले संदीप को पत्रकारिता का ढाई दशक से ज्यादा का अनुभव…

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Location :

Jaipur,Jaipur,Rajasthan

First Published :

August 04, 2026, 14:09 IST

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