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शेयर मार्केट में मुनाफे का झांसा! 1000 में बेचा बैंक खाता, म्यूल अकाउंट से ठगी, पुलिस के हत्थे चढ़े दो ठग

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शेयर मार्केट में मुनाफे का झांसा! म्यूल अकाउंट से ठगी, पुलिस के हत्थे चढ़े ठग

Last Updated:May 03, 2026, 18:43 IST

Pratapgarh Share Market Fraud Case: प्रतापगढ़ के अरनोद थाना क्षेत्र में शेयर मार्केट निवेश के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है. पुलिस ने ऑपरेशन म्यूल हंटर के तहत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया. आरोपी बैंक खाते किराए पर देकर ठगी की रकम निकालते थे. महाराष्ट्र के पीड़ित की शिकायत पर मामला सामने आया. जांच में पता चला कि आरोपी म्यूल अकाउंट के जरिए पैसे ट्रांसफर कर एटीएम से निकालते थे. पुलिस ने मोबाइल और बैंक दस्तावेज जब्त किए हैं और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है.

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शेयर मार्केट में मुनाफे का झांसा! म्यूल अकाउंट से ठगी, पुलिस के हत्थे चढ़े ठग Zoom: प्रतापगढ़ के अरनोद थाना क्षेत्र में शेयर मार्केट निवेश के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा

प्रतापगढ़: शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. अरनोद थाना पुलिस ने ऑपरेशन म्यूल हंटर के तहत दो प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार कर साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश किया है. पुलिस के अनुसार, आरोपी बैंक खाते किराए पर देकर ठगी की रकम प्राप्त करने और एटीएम से निकासी का काम करते थे. महाराष्ट्र के एक पीड़ित की शिकायत पर यह पूरा मामला सामने आया.

अरनोद थाना प्रभारी ने बताया कि साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर महाराष्ट्र निवासी पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे शेयर मार्केट में उच्च लाभ का लालच देकर ऑनलाइन ठगी की गई. ठगों ने उसके बैंक खाते से लाखों रुपये निकाल लिए. शिकायत मिलते ही अरनोद पुलिस की टीम ने तुरंत जांच शुरू की और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर दो स्थानीय आरोपियों को ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया.

न्यायिक हिरासत में भेजे गए गिरफ्तार आरोपी

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान एक युवक (जिसने अपना बैंक खाता 1000 रुपये कमीशन पर बेचा) और दूसरे युवक (जो शेयर मार्केट निवेश का झांसा देकर लोगों को फंसाता था) के रूप में हुई है. दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते किराए पर देते थे. खाते के साथ वे एटीएम कार्ड, पासबुक और सिम कार्ड भी सौंप देते थे. ठगी की रकम इन खातों में ट्रांसफर होने के बाद आरोपी एटीएम से पैसे निकालकर ठग गिरोह को सौंप देते थे. इस तरह वे म्यूल (मध्यस्थ) का काम कर रहे थे, जिसे साइबर क्राइम की भाषा में म्यूल अकाउंट कहा जाता है.

पुलिस ने जब्त किए सबूत

छापेमारी के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से 2 मोबाइल फोन और बैंक डायरी बरामद की है. इनमें कई संदिग्ध लेन-देन के विवरण मिले हैं. पुलिस का मानना है कि यह गिरोह केवल प्रतापगढ़ तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य राज्यों में भी सक्रिय हो सकता है. एक आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने महज 1000 रुपये कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता दूसरे आरोपी को सौंप दिया था. दूसरा आरोपी सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए लोगों को शेयर मार्केट, क्रिप्टोकरेंसी और उच्च रिटर्न वाले निवेश प्लान का लालच देकर फंसाता था.

ऑपरेशन म्यूल हंटर के तहत मिली सफलता

अरनोद पुलिस द्वारा चलाए गए ऑपरेशन म्यूल हंटर को जिले में साइबर अपराध पर अंकुश लगाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. पुलिस अधीक्षक ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटल युग में साइबर ठगी के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं. आम नागरिकों को शेयर मार्केट या किसी भी प्रकार के निवेश से पहले SEBI पंजीकृत ब्रोकर या अधिकृत प्लेटफॉर्म की जांच अवश्य करनी चाहिए. जांच के दौरान पता चला है कि आरोपी कई अन्य व्यक्तियों के बैंक खाते भी संचालित कर रहे थे. अरनोद पुलिस अब पूरे गिरोह की तह तक पहुंचने के लिए तकनीकी और वित्तीय जांच तेज कर रही है. इस मामले में आईटी एक्ट, धोखाधड़ी और बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है.

About the Authordeep ranjan

दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें

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