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ट्रंप का डर या कोई और वजह? 30 सालों की सबसे बड़ी सेना भर्ती कर रहा कनाडा

Last Updated:May 10, 2026, 16:37 IST

अप्रैल के अंत में कनाडाई सेना ने घोषणा की कि उसने पिछले साल 7 हजार से अधिक नए सदस्यों को जोड़ा है. कनाडा ने वेतन बढ़ाया है. नए उपकरण खरीदने का वादा किया है. मौजूदा बेस को अपग्रेड किया है.ट्रंप का डर या कोई और वजह? 30 सालों की सबसे बड़ी सेना भर्ती कर रहा कनाडाZoom

कनाडा ने इस साल 30 सालों में अपनी सबसे बड़ी सेना भर्ती की है. कनाडा उस पुरानी कर्मियों की कमी को दूर कर सकती है जिसने देश की सेना को परेशान कर रखा था. पिछले दो सालों में इसपर काम किया जा रहा था. सेना भर्ती में उछाल तब आया है जब दुनिया बड़े युद्ध और भू-राजनीतिक तनावों से गुजर रहा है.

नाटो में चल रही हलचल के बाद, कनाडा अब सेना पर अरबों डॉलर खर्च कर रहा है. इसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कनाडा को “51वां राज्य” वाले के बयान से जोड़कर भी देखा जा रहा है. कनाडा में बहुत से लोगों ने ट्रंप की टिप्पणी को कनाडा की की संप्रभुता के लिए खतरे के रूप में देखा था.

नौकरियां कम होने पर बढ़ रहा दबाव

हालांकि अमेरिका के साथ भरोसे की कमी ही भर्ती बढ़ाने का एकमात्र कारण नहीं हैं. बीते कुछ सालों में कनाडा की युवा बेरोजगारी दर काफी बढ़ी है. प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने नौकरी की सुरक्षा का वादा किया था. प्रधानमंत्री ने सैन्य कर्मियों के वेतन में एक पीढ़ी की सबसे बड़ी वृद्धि की घोषणा की थी. इससे वेतन बढ़ा है. इसके पीछे का एक कारण ये भी हैं.

दो साल पहले कनाडा में सेना की भर्ती की स्थिति काफी खराब थी. देश के पूर्व रक्षा मंत्री ने इसे लेकर चेतावनी भी दी थी कि अब देश सशस्त्र बल “डेथ स्पाइरल” यानी गिरावट का अंतहीन चक्र की ओर बढ़ रहा है, अब चीजें बदल गई हैं. अब कनाडाई सेना की भर्ती बड़े स्तर पर की जा रही है.

1985 के बाद पहली इतनी बड़ी भर्ती

पिछले साल पदभार संभालने के बाद से कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने सेना को अपनी सरकार का केंद्र बिंदु बनाया है. उन्होंने अक्सर कनाडाई सेना के तेजी से आधुनिकीकरण और विस्तार की अपनी योजना को आगे बढ़ाया है. इस साल मार्च में कनाडा ने घोषणा की कि उसने 1980 के दशक के बाद पहली बार अपनी जीडीपी का 2 प्रतिशत रक्षा पर खर्च करने के नाटो लक्ष्य को हासिल कर लिया है. कनाडाई प्रधानमंत्री 2035 तक रक्षा पर सकल घरेलू उत्पाद का 5 प्रतिशत तक खर्च करने के नाटो के संकल्प में भी शामिल हुए हैं.

कनाडा ने वेतन बढ़ाया है. नए उपकरण खरीदने का वादा किया है. मौजूदा बेस को अपग्रेड किया है.आर्कटिक में नए बुनियादी ढांचे का निर्माण किया गया है. इससे 2 प्रतिशत का मील का पत्थर हासिल किया है.

अभी भी काफी पीछे है कनाडा

हालांकि भर्ती में वृद्धि के बावजूद विश्लेषकों का कहना है कि कनाडा की सेना अभी भी अपने सहयोगियों से काफी पीछे है. पिछले साल ट्रंप ने कनाडा को नाटो के “कम भुगतान करने वालों” में से एक के रूप में अलग किया था. जून में पत्रकारों से कहा था, “कनाडा कहता है कि जब संयुक्त राज्य अमेरिका मुफ्त में हमारी रक्षा करेगा तो हमें भुगतान क्यों करना चाहिए?” नाटो की पिछले साल जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, 2 प्रतिशत के लक्ष्य तक पहुँचने के बाद भी यह देश अभी भी सबसे कम भुगतान करने वाले नाटो सदस्यों में से एक है.

कनाडा के रक्षा मंत्री डेविड मैकगुइंटी ने कहा कि उनका मानना ​​है कि देश तय समय से पहले अपने भर्ती लक्ष्यों को प्राप्त कर सकता है. इसमें सकारात्मक संकेत यह है कि ‘एट्रिशन रेट’ यानी सेना छोड़ने वाले सदस्यों की संख्या में भी मामूली गिरावट आई है. इसे 2024 में पूर्व रक्षा मंत्री बिल ब्लेयर ने “डेथ स्पाइरल” बताया था.

अप्रैल के अंत में कनाडाई सेना ने घोषणा की कि उसने पिछले साल 7 हजार से अधिक नए सदस्यों का नामांकन किया है. यह तीन दशकों में भर्ती की सबसे बड़ी संख्या है. यह आंकड़ा उन लोगों की कुल संख्या का एक छोटा हिस्सा है जिन्होंने सेना में शामिल होने में रुचि दिखाई है.

About the Authorसज्जन कुमार दड़बीSenior Sub Editor

मैं इस समय App टीम का हिस्सा हूं. App पर आप आसानी से अपनी मनपसंद खबरें पढ़ सकते हैं. मुझे खबरें लिखने का 4 साल से अधिक का अनुभव है और फिलहाल अभी सीनियर सब एडिटर के पद पर हूं. इससे पहले इनशॉर्ट्स औ…और पढ़ें

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