Rajasthan

Barmer Ration Scam | अंत्योदय योजना में फर्जीवाड़ा

Last Updated:September 16, 2026, 06:09 IST

Barmer Ration Scam: बाड़मेर जिले में गरीबों के हक के गेहूं पर डाका डालने का बड़ा मामला सामने आया है. रसद विभाग की जांच में 438 ऐसे परिवार मिले हैं जिन्होंने श्रेणी बदलकर गलत तरीके से अंत्योदय योजना का लाभ उठाया. सबसे ज्यादा 113 परिवार फागलिया ब्लॉक से हैं. जिला रसद अधिकारी अश्विनी गुर्जर ने सभी को नोटिस जारी कर 7 दिन में दस्तावेज मांगे हैं. अपात्र साबित होने पर 32 रुपये प्रति किलो की दर से गेंहू की वसूली होगी और एफआईआर भी दर्ज करवाई जाएगी.

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बाड़मेर. राजस्थान के बाड़मेर जिले में गरीबों के हक के गेहूं पर डाका डालने का एक बड़ा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (एनएफएसए) के तहत मिलने वाले राशन में भारी गड़बड़ी पकड़ी गई है. जिले में ऐसे 438 परिवारों को चिन्हित किया गया है, जिन्होंने कथित तौर पर फर्जी तरीके से अपनी श्रेणी बदलवाकर अंत्योदय योजना का लाभ उठाया है. अंत्योदय योजना मुख्य रूप से समाज के सबसे गरीब तबके के लिए होती है, लेकिन इन परिवारों ने गलत तरीके से गरीबों के निवाले पर सेंधमारी की है.

बाड़मेर जिला रसद विभाग की ओर से हाल ही में अंत्योदय कार्ड धारकों की विस्तृत जांच शुरू की गई थी. इस जांच का मुख्य उद्देश्य उन लोगों की पहचान करना था जो अपात्र होने के बावजूद योजना का लाभ ले रहे हैं. जांच रिपोर्ट में जो आंकड़े सामने आए, उसने विभाग के अधिकारियों को भी हैरान कर दिया. जिले भर में कुल 438 परिवार ऐसे पाए गए हैं, जिन्होंने गलत तरीके से श्रेणी परिवर्तन करवाकर अंत्योदय योजना के तहत गेहूं उठाया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने तुरंत कार्यवाही शुरू कर दी है.

फागलिया और सेड़वा में मिले सबसे ज्यादा फर्जीवाड़ेरसद विभाग की विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, फर्जीवाड़े का सबसे बड़ा केंद्र फागलिया ब्लॉक रहा है. यहां सर्वाधिक 113 परिवारों ने गरीबों का राशन उठाया है. इसके अलावा सेड़वा में 77 और चौहटन में 72 परिवार जांच के दायरे में आए हैं. अन्य ब्लॉकों की बात करें तो आडेल में 52, बाड़मेर शहर में 22, बाड़मेर ग्रामीण में 12, बायतु में 15, धोरीमन्ना में 6, गडरारोड़ में 15, रामसर में 18 और शिव ब्लॉक में 17 परिवारों ने अंत्योदय योजना के तहत फर्जी तरीके से गेहूं प्राप्त किया है.

7 दिन का अल्टीमेटम, दर्ज होगी एफआईआरइस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद जिला प्रशासन और रसद विभाग पूरी तरह से एक्शन मोड में है. बाड़मेर के जिला रसद अधिकारी अश्विनी गुर्जर ने बताया कि सभी 438 चिन्हित परिवारों को रसद विभाग की ओर से नोटिस जारी कर दिए गए हैं. इन सभी को 7 दिन के भीतर अपने सही दस्तावेज प्रस्तुत करने की सख्त हिदायत दी गई है. अगर निर्धारित समय सीमा के भीतर ये परिवार सही दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाते हैं या जांच में कोई अनियमितता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी.

32 रुपये प्रति किलो के हिसाब से होगी वसूलीअपात्र परिवारों के खिलाफ सिर्फ कानूनी कार्यवाही ही नहीं होगी, बल्कि उनसे अब तक उठाए गए गेहूं की पूरी कीमत भी वसूली जाएगी. रसद अधिकारी अश्विनी गुर्जर के मुताबिक, जिन परिवारों ने गलत तरीके से गेहूं उठाया है, उनसे 32 रुपये प्रति किलो के हिसाब से गेंहू की वसूली की जाएगी. गरीबों का हक छीनने वालों पर रसद विभाग के इस सख्त एक्शन से पूरे जिले में हड़कंप मच गया है. प्रशासन ने यह साफ कर दिया है कि सरकारी योजनाओं का गलत फायदा उठाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.

गरीबों का हक मारना एक गंभीर अपराधसरकारी योजनाएं उन लोगों के लिए बनाई जाती हैं जो समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं. अंत्योदय योजना का उद्देश्य ऐसे परिवारों को भुखमरी से बचाना है जो दो वक्त की रोटी का इंतजाम भी मुश्किल से कर पाते हैं. ऐसे में संपन्न या अपात्र लोगों द्वारा इस योजना का लाभ लेना न केवल एक कानूनी अपराध है, बल्कि यह एक बड़ा नैतिक अपराध भी है. रसद विभाग की यह कार्यवाही इस बात का संकेत है कि अब गरीबों का निवाला छीनने वालों की खैर नहीं है.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…

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Barmer,Barmer,Rajasthan

First Published :

September 16, 2026, 06:09 IST

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