Rajasthan

लूट के लिए बेरहमी से पहाड़ी से नीचे फेंका गया था संत सूरजदास को, फिर संतों की टोली में शामिल हो गया हत्यारा

झुंझुनूं. राजस्थान के झुंझुनूं जिले के गोठड़ा थाना इलाके के प्रसिद्ध लोहार्गल धाम स्थित बरखंडी बाबा मंदिर में संत सूरजदास जी महाराज की हत्या और लूट के मामले का पुलिस ने पांच दिन में खुलासा कर दिया. पुलिस ने वारदात के आरोप में 44 वर्षीय सुरेश कुमार पुत्र ग्यारसीलाल निवासी झाझम की ढाणी, तन पहाड़ीला को गिरफ्तार किया है. एएसपी झुंझुनूं देवेंद्र सिंह राजावत ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी लूट के इरादे से बरखंडी धाम पहुंचा था. उसने पहले मंदिर और वहां की स्थिति को समझा और बाद में संत के पास रुककर वारदात को अंजाम देने का मौका तलाशा.

उन्होंने बताया कि आरोपी ने संत सूरजदास को बाथरूम में बंद कर दिया था. संत कुंडी तोड़कर बाहर आए तो उन्होंने आरोपी का विरोध किया. इसी दौरान आरोपी ने कथित तौर पर उन्हें पीछे से धक्का दे दिया, जिससे संत पहाड़ी की गहरी खाई में जा गिरे और उनकी मौत हो गई. इसके बाद आरोपी ने मंदिर में रखी चढ़ावे की रकम लूट ली. वारदात के बाद भी आरोपी मौके से दूर नहीं गया, बल्कि संतों की बैठक में शामिल हुआ और ग्रामीणों के साथ घूमता रहा. पुलिस जांच में तकनीकी और मानवीय सूचनाओं को जोड़कर आरोपी तक पहुंची.

दो दिन पहले ही बरखंडी धाम पहुंचा था आरोपी

एएसपी झुंझुनूं देवेंद्र सिंह राजावत  ने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया कि सुरेश कुमार वारदात से पहले 23 सितंबर को भी बरखंडी धाम गया था. उस समय उसके साथ दो अन्य लोग थे. तीनों 24 सितंबर की सुबह पहाड़ी से नीचे उतरकर किरोड़ी धाम चले गए. इसके बाद 25 सितंबर को सुरेश कुमार दोबारा बरखंडी धाम की पहाड़ी पर पहुंचा. उस समय संत सूरजदास जी महाराज मंदिर में अकेले थे. आरोपी ने रात में वहीं भोजन किया और संत के पास ही रुक गया.

बाथरूम में बंद किया, विरोध करने पर खाई में धकेला

26 सितंबर की सुबह संत सूरजदास स्नान करने के लिए बाथरूम गए. पुलिस के मुताबिक इसी दौरान आरोपी ने बाहर से बाथरूम की कुंडी लगा दी. संत ने कुंडी तोड़कर बाहर आने के बाद आरोपी को तलाशना शुरू किया. इस दौरान दोनों के बीच विरोध हुआ. पुलिस का आरोप है कि सुरेश कुमार ने पीछे से संत को धक्का दे दिया. संत पहाड़ी की गहरी खाई में जा गिरे. इसके बाद आरोपी ने मंदिर परिसर में रखी चढ़ावे की रकम निकाल ली.

हत्या के बाद भी भीड़ में शामिल रहा आरोपी

इस हत्याकांड का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि वारदात के बाद आरोपी ने खुद को लोगों से अलग नहीं किया. संत की हत्या के बाद मंदिर में हुई संतों की बैठक में भी सुरेश कुमार शामिल रहा. इसके बाद वह ग्रामीणों के साथ भी घूमता रहा. पुलिस के मुताबिक ग्रामीणों और संत समाज के बीच रहकर आरोपी ने ऐसा व्यवहार किया कि किसी को उस पर तत्काल शक नहीं हुआ.

खाई से शव निकालने में करनी पड़ी मशक्कत

27 सितंबर को परिवादी शंकरलाल ने गोठड़ा थाने में रिपोर्ट दी कि बरखंडी बाबा मंदिर के संत सूरजदास जी महाराज 26 सितंबर की शाम से लापता हैं. मंदिर पहुंचे यात्रियों ने भी संत के वहां मौजूद नहीं होने की जानकारी दी थी. पुलिस ने तलाश शुरू की. एफएसएल, डॉग स्क्वॉड, साइबर टीम और एमओबी को मौके पर बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए. तलाशी के दौरान संत का शव बरखंडी की पहाड़ियों में गहरी खाई में मिला. दुर्गम स्थान होने के कारण शव को बाहर निकालने के लिए एसडीआरएफ जयपुर और जिला रेस्क्यू टीम की मदद ली गई. बाद में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया.

30 पुलिसकर्मियों की टीम ने जोड़े जांच के तार

मामले के खुलासे के लिए नवलगढ़ डीएसपी सुगन सिंह के नेतृत्व में करीब 30 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को लगाया गया था. गोठड़ा थाना प्रभारी प्रेमप्रकाश के साथ उदयपुरवाटी थाना प्रभारी रामपाल मीणा, नवलगढ़ थाना प्रभारी अजय सिंह और डीएसटी टीम के एसआई हेमराज सहित पुलिसकर्मियों ने जांच की. पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचना के आधार पर आरोपी की पहचान की. पूछताछ के बाद सुरेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया.

लूटी रकम की बरामदगी पर पूछताछ जारी

एएसपी झुंझुनूं देवेंद्र सिंह राजावत ने बताया कि आरोपी लूटी गई रकम के संबंध में अभी गुमराह कर रहा है. पुलिस उससे पूछताछ कर रकम बरामद करने का प्रयास कर रही है. साथ ही जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी को मंदिर में चढ़ावे की रकम की जानकारी कैसे मिली. पुलिस उसके संभावित आपराधिक रिकॉर्ड और वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है. संत सूरजदास महाराज की हत्या के बाद संत समाज और ग्रामीणों में आक्रोश था. आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन और रास्ता जाम भी किया गया था. पुलिस-प्रशासन से वार्ता में हत्याकांड के खुलासे के लिए सात दिन का समय दिया गया था. पुलिस का दावा है कि टीम ने दिन-रात काम करते हुए पांचवें दिन ही आरोपी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया.

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