Fridge Maintenance Tips | Fridge Maintenance Tips for Monsoon in Hindi | फ्रिज की आवाज कैसे बंद करें

Last Updated:June 27, 2026, 06:57 IST
Fridge Maintenance Tips for Monsoon: मानसून और उमस के मौसम में फ्रिज पर लोड बढ़ने से तेज आवाज और कम कूलिंग की समस्या होने लगती है. इसे ठीक करने के लिए सबसे पहले फ्रिज को समतल फर्श पर रखें या नीचे कार्डबोर्ड लगाकर उसकी लेवलिंग सही करें. फ्रिज को हमेशा दीवार से कम से कम 6 इंच दूर रखें ताकि वेंटिलेशन सही रहे. महीने में एक बार फ्रिज के पीछे लगी कंडेंसर कॉइल (काली जाली) की सफाई करें और फ्रीजर में मोटी बर्फ जमने पर डीफ्रॉस्ट बटन दबाएं. इसके अलावा कंप्रेसर के ढीले बोल्ट को तकनीशियन से कसवाने से फ्रिज बिना शोर किए बेहतरीन कूलिंग देने लगेगा.
मानसून के सीजन में फ्रिज की जरूरत और ज्यादा बढ़ जाती है. उमस और नमी के बीच खाने-पीने की चीजों को सुरक्षित रखने के लिए फ्रिज बेहद जरूरी हो जाता है. लेकिन इन दिनों फ्रिज से जुड़ी कई तरह की समस्याएं भी सामने आने लगती हैं, जैसे घर में अचानक फ्रिज की आवाज इतनी तेज हो जाना कि वह कमरे तक साफ सुनाई देने लगती है. कई बार फ्रिज में बर्फ ज्यादा जम जाती है या फ्रिज सही से कूलिंग नहीं करता है. ऐसे में कुछ आसान जांच और देसी तरीके बेहद कारगर साबित हो सकते हैं. इन साधारण घरेलू उपायों को अपनाते ही बिना एक भी रुपया खर्च किए फ्रिज की तेज आवाज पूरी तरह बंद हो सकती है और वह पहले की तरह शांत तरीके से काम करने लग सकता है.
मानसून के मौसम में फ्रिज पर लोड बढ़ जाता है, जिससे छोटी-छोटी लापरवाहियां भी बड़ी समस्या का रूप ले सकती हैं. सबसे पहले फ्रिज की लेवलिंग चेक करनी चाहिए. कई बार ऊबड़-खाबड़ फर्श या असमान जगह पर फ्रिज रखने से उसका संतुलन बिगड़ जाता है. जब कंप्रेसर पूरी ताकत से चलता है, तो असंतुलित फ्रिज हिलने लगता है और कंपन की आवाज ज्यादा सुनाई देती है. ऐसे में फ्रिज को हल्का सा हिलाकर देखना चाहिए कि वह कहीं डगमगा तो नहीं रहा है. यदि ऐसा हो, तो उसके नीचे कार्डबोर्ड, रबर या लकड़ी का टुकड़ा लगाकर संतुलन ठीक किया जा सकता है या फिर एक मजबूत ट्रॉली का उपयोग किया जा सकता है.
फ्रिज और दीवार के बीच पर्याप्त दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है. अक्सर जगह बचाने के चक्कर में लोग फ्रिज को दीवार से बिल्कुल सटाकर या चिपका कर रख देते हैं. इससे फ्रिज की हल्की कंपन दीवार से टकराकर ज्यादा शोर पैदा करती है. इतना ही नहीं, हवा का सही संचार (Ventilation) न होने से कंप्रेसर पर भी दबाव बढ़ता है. फ्रिज को दीवार से कम से कम छह इंच दूर रखना चाहिए ताकि पीछे की गर्म हवा आसानी से निकल सके. यदि फ्रिज किसी साइड से भी दीवार या फर्नीचर से टकरा रहा हो, तो उसे तुरंत सही पोजीशन में कर देना चाहिए.
Add as Preferred Source on Google
एक और बड़ी वजह फ्रिज के पीछे लगी काली जाली यानी कंडेंसर कॉइल का गंदा होना है. मानसून में नमी के कारण इस पर धूल और मिट्टी ज्यादा जमा होती है, जिससे जाली जाम हो सकती है. जब यह हिस्सा गंदा हो जाता है, तो कूलिंग सिस्टम को काम करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है और कंप्रेसर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. इसका परिणाम तेज आवाज और बिजली की अधिक खपत के रूप में सामने आता है. इससे बचने के लिए महीने में कम से कम एक बार फ्रिज को बंद करके पीछे की जाली को ब्रश या सूखे कपड़े से अच्छी तरह साफ करना चाहिए. इससे न केवल शोर कम होता है, बल्कि फ्रिज की उम्र भी बढ़ती है.
बारिश, गर्मी और उमस के बीच में एक और आम समस्या यह आती है कि फ्रीजर में जरूरत से ज्यादा बर्फ जम जाती है. जिन फ्रिज में मैनुअल डीफ्रॉस्ट सिस्टम होता है, उनमें समय-समय पर बर्फ हटाना बहुत जरूरी होता है. यदि फ्रीजर में मोटी बर्फ की परत जम जाए, तो अंदर लगा पंखा उस बर्फ से टकराकर तेज आवाज करने लगता है. कई बार लोग महीनों तक फ्रिज को डीफ्रॉस्ट नहीं करते, जिससे फ्रिज की कूलिंग भी प्रभावित होती है. ऐसे में फ्रिज के डीफ्रॉस्ट बटन को दबाना चाहिए या उसे कुछ घंटों के लिए बंद करके पूरी बर्फ को पिघला देना चाहिए. बर्फ हटने के बाद फ्रिज का पंखा टकराना बंद हो जाता है और वह फिर से सामान्य और शांत तरीके से काम करने लगता है.
इसके अलावा कंप्रेसर का ढीला होना भी शोर की वजह बन सकता है. कंप्रेसर रबर बुश पर टिका होता है और लंबे समय तक चलने के कारण उसके बोल्ट ढीले पड़ सकते हैं. जब ऐसा होता है, तो कंप्रेसर स्टार्ट या बंद होते समय लोहे के हिस्सों से टकराकर तेज आवाज करता है. फ्रिज को बंद करके सावधानी से जांच करनी चाहिए कि कंप्रेसर अपनी जगह मजबूती से फिट है या नहीं. यदि उसमें ढीलापन महसूस हो, तो तकनीशियन से उसे कसवा लेना बेहतर होता है. इन आसान देसी जुगाड़ और सावधानियों को अपनाकर गर्मी के मौसम में फ्रिज की आम समस्याओं से राहत पाई जा सकती है और अनावश्यक खर्च से भी बचा जा सकता है.
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



