नारी शक्ति वंदन अधिनियम को BJP बनाएगी हथियार, पंचायत-निकाय चुनाव में गांव-गुवाड़ तक पहुंचाया जाएगा सॉलिड मैसेज

Last Updated:April 23, 2026, 16:32 IST
Nari Shakti Vandan Adhiniyam : नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर मच रहे बवाल के बीच बीजेपी ने इसे अपना मजबूत हथियार बना लिया है. बीजेपी इस अधिनियम को लेकर अब जनता के बीच शहर से लेकर गांवों के गलियों तक जाएगी. इसके लिए सॉलिड रणनीति तैयार की गई है. राजस्थान में आने वाले समय में चूंकि पंचायत और निकाय चुनाव होने वाले हैं लिहाजा बीजेपी इसे उनमें बड़े हथियार के तौर पर इस्तेमाल करेगी. जानें क्या है बीजेपी की रणनीति.
अधिनियम को लेकर बीजेपी कांग्रेस और विपक्ष के खिलाफ आक्रामक मूड में आ गई है.
जयपुर. नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर भाजपा और कांग्रेस समेत विपक्ष में घमासान मचा हुआ है. नेताओं की बयानबाजी के बीच में भाजपा अब राजस्थान में राजधानी से लेकर जिला स्तर और बूथ लेवल तक अधिनियम अभियान को तेज करने जा रही है. पार्टी का लक्ष्य कि इस मुद्दे पर कांग्रेस के खिलाफ जनमत तैयार करना और महिलाओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करना है. बीजेपी ने इसके लिए विस्तृत रणनीति तैयार की है. यही नहीं केंद्र से मिले निर्देशों में भाजपा शासित राज्यों की विधानसभाओं से लेकर ग्राम पंचायत तक विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित कर राष्ट्रपति को भिजवाए जाना शामिल किया गया है.
नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर बीजेपी बूथ स्तर तक बड़ा जनसंपर्क अभियान चलाने जा रही है. इसके लिए पार्टी में संगठन स्तर पर व्यापक इंतजामों के साथ कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाई गई है. इसके लिए भाजपा ने सातों मोर्चा को विशेष जिम्मेदारी दी है कि वे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अलग-अलग कार्यक्रमों के जरिए महिलाओं तक सीधे पहुंच बनाएं. बीजेपी की कोशिश है कि महिलाओं के मुद्दे को जनआंदोलन का रूप देकर आगामी निकाय और पंचायत चुनावों में फायदा लिया जाए और इसे महिला सशक्तिकरण के बड़े कदम के तौर पर प्रस्तुत किया जाए.
बीजेपी ने यह बनाया है मेगा प्लानइसके तहत बड़े नेताओं के जिलावार दौरे, आक्रोश पदयात्राएं, महिला सम्मेलन और जनसभाएं आयोजित होने का सिलसिला शुरू हो गया है. इस कड़ी में 25 अप्रैल तक प्रदेश के सभी प्रशासनिक जिलों में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाएगी. उसके बाद 30 अप्रैल तक कांग्रेस और विपक्ष के खिलाफ महिलाओं की जन आक्रोश पदयात्राएं निकाली जाएंगी. वहीं विधानसभा से लेकर पंचायतों तक विशेष सत्र और बैठकें बुलाकर विपक्ष के खिलाफ महिला विरोधी मानसिकता का निंदा प्रस्ताव पारित कर राष्ट्रपति को भेजा जाएगा. इसके अलावा सोशल मीडिया पर प्रभावी रूप से अभियान चलाया जाएगा.
बीजेपी इस अभियान को जनआंदोलन का रूप देगीभाजपा की प्रदेश मंत्री एवं अभियान की मीडिया संयोजक एकता अग्रवाल ने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी में सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है. लेकिन कांग्रेस इसे लेकर जनता को गुमराह कर रही है. बीजेपी की ओर से इस भ्रम को खत्म करने और नारी शक्ति को कांग्रेस का असली चेहरा दिखाने के लिए अभियान को गति दी जा रही है. एकता अग्रवाल ने दावा किया कि बीजेपी इस अभियान को जनआंदोलन का रूप देगी और महिलाओं के अधिकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए आगामी चुनावों में इसे प्रमुख मुद्दा बनाएगी.
भाजपा कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष पर हमलावर हो गई हैबहरहाल नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर अब केंद्र से लेकर ग्राम पंचायत तक भाजपा कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष पर हमलावर हो गई है. वहीं विपक्ष भी अपनी बात जनता के समक्ष रख रहा है. अब देखना होगा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर पूरे देश में महिलाओं की राजनीति में भागीदारी का यह अधिनियम कब और कैसे लागू होता है?
About the AuthorSandeep Rathore
संदीप राठौड़ वर्तमान में न्यूज18 इंडिया में क्लस्टर हेड राजस्थान (डिजिटल) पद पर कार्यरत हैं। राजनीति, क्राइम और सामाजिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग में रूचि रखने वाले संदीप को पत्रकारिता का ढाई दशक से ज्यादा का अनुभव…और पढ़ें
न्यूजलेटर
अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज
खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में
सबमिट करें
Location :
Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
April 23, 2026, 16:32 IST



