Breast Cancer Symptoms: ब्रेस्ट में बिना दर्द की गांठ को न करें नजरअंदाज, डॉक्टर ने बताया कब हो सकता है कैंसर का खतरा

फरीदाबाद: ब्रेस्ट में गांठ महसूस होते ही हर महिला के मन में सबसे पहला सवाल आता है कि कहीं यह कैंसर तो नहीं है. खासकर जब गांठ में दर्द न हो, तो कई महिलाएं इसे सामान्य समझकर जांच नहीं करवाती हैं. लेकिन ब्रेस्ट में दर्द न होना हमेशा खतरे से बाहर होने का संकेत नहीं है. ब्रेस्ट में होने वाली हर गांठ कैंसर नहीं होती है, लेकिन नई गांठ या ब्रेस्ट में आए किसी भी बदलाव को नजरअंदाज करना ठीक नहीं है. समय पर जांच होने से बीमारी की सही वजह का पता लगाया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर इलाज भी जल्दी शुरू किया जा सकता है.
बिना दर्द वाली गांठ की सच्चाई
Local18 से बातचीत में फरीदाबाद अमृता अस्पताल की वरिष्ठ सलाहकार और सहायक प्रोफेसर, स्तन रोग विभाग, सामान्य शल्य चिकित्सा की डॉक्टर शिवेता रजदान बताती हैं कि ब्रेस्ट में गांठ होना सिर्फ कैंसर का लक्षण नहीं है. ब्रेस्ट में कई तरह की गांठ हो सकती हैं. कुछ गांठ कैंसर की हो सकती हैं और कुछ बिल्कुल सामान्य भी हो सकती हैं. जिस गांठ में दर्द नहीं हो रहा है, वह भी कैंसर की गांठ हो सकती है. इसके अलावा पानी की गांठ और फाइब्रोएडीनोमा जैसी गांठ भी हो सकती हैं, जो कम उम्र की महिलाओं में काफी आम हैं.
छोटी गांठ को भी बिल्कुल नजरअंदाज न करें
डॉक्टर शिवेता रजदान बताती हैं कि कैंसर की गांठ भी शुरुआत में छोटी ही होती है. अगर कोई गांठ महसूस हुई है और दो से तीन सप्ताह में वह खत्म नहीं हो रही है या उसका आकार बढ़ रहा है, तो इंतजार नहीं करना चाहिए. ऐसी स्थिति में तुरंत ब्रेस्ट कैंसर विशेषज्ञ से मिलकर जांच करवानी चाहिए. डॉक्टर बताती हैं कि शुरुआत में बीमारी की पहचान होने पर इलाज के बेहतर विकल्प मिल सकते हैं. इसलिए छोटी गांठ समझकर उसे टालना सही नहीं है.
गांठ के अलावा ये संकेत भी दिख सकते हैं
डॉक्टर शिवेता रजदान बताती हैं कि ब्रेस्ट कैंसर का सबसे बड़ा लक्षण गांठ होना है. इसके अलावा निप्पल से खून या किसी तरह का पानी आना भी ध्यान देने वाला संकेत है. निप्पल का अंदर की तरफ खिंचना या पहले की तुलना में उसकी स्थिति बदलना भी सामान्य नहीं माना जाना चाहिए. ब्रेस्ट की त्वचा में अचानक बदलाव आना, ब्रेस्ट का आकार बदलना, लाल होना या बार बार संक्रमण जैसा दिखना भी जांच की जरूरत का संकेत हो सकता है.
कम उम्र में भी हो सकता है ब्रेस्ट कैंसर
डॉक्टर शिवेता रजदान बताती हैं कि ब्रेस्ट कैंसर सिर्फ अधिक उम्र की महिलाओं में ही नहीं होता है. कम उम्र में भी इसके मामले सामने आ सकते हैं. बीस, बाईस और तीस साल की उम्र में भी ब्रेस्ट कैंसर देखा जाता है, हालांकि कम उम्र में इसके मामले कम होते हैं. डॉक्टर बताती हैं कि जिन महिलाओं के परिवार में मां, मौसी या नानी को ब्रेस्ट कैंसर रहा है, उन्हें ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है. अगर परिवार में एक या दो से ज्यादा लोगों को ब्रेस्ट कैंसर या अंडाशय का कैंसर रहा है, तो डॉक्टर की सलाह से तीस साल की उम्र से जांच करवानी चाहिए.
हर महीने खुद भी ब्रेस्ट की जांच करें
डॉक्टर शिवेता रजदान बताती हैं कि महिलाओं को अपने ब्रेस्ट में होने वाले बदलावों पर ध्यान देना चाहिए. पीरियड्स खत्म होने के चार से पांच दिन बाद खुद ब्रेस्ट की जांच की जा सकती है. अगर इस दौरान कोई नई गांठ, आकार में बदलाव या दूसरी परेशानी महसूस हो, तो उसे टालना नहीं चाहिए. डॉक्टर बताती हैं कि कोई भी गांठ अगर पीरियड्स के बाद भी बनी रहती है, तो डॉक्टर से मिलकर उसकी जांच करवाना जरूरी है.
दर्द को कैंसर की पहचान न मानें
डॉक्टर शिवेता रजदान बताती हैं कि बहुत से लोग मानते हैं कि कैंसर की गांठ में दर्द जरूर होगा, जबकि ऐसा नहीं है. अस्सी से नब्बे प्रतिशत ब्रेस्ट कैंसर की गांठ में दर्द नहीं होता है. अगर कैंसर की गांठ में दर्द होने लगा है, तो कई बार यह बीमारी के आगे बढ़ने का संकेत हो सकता है. ऐसी स्थिति में कैंसर नसों या मांसपेशियों तक पहुंचने की वजह से दर्द हो सकता है. इसलिए ब्रेस्ट में किसी भी तरह की गांठ महसूस होने पर दर्द का इंतजार करने के बजाय समय पर डॉक्टर से जांच करवाना सबसे जरूरी है.



