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बेटियों का वॉलेट: सिर्फ 600 रुपये जमा करने पर मिलेंगे 1.10 लाख, SBI योजना में मिल रहा 8% ब्याज

हर माता-पिता चाहते हैं कि उनकी बेटी का भविष्य सुरक्षित हो और पढ़ाई या शादी जैसे बड़े खर्चों के समय पैसों की चिंता न करनी पड़े. इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए केंद्र और राज्य सरकारों के साथ-साथ कई बैंक भी बेटियों के लिए खास बचत योजनाएं चलाते हैं. इन योजनाओं का मकसद छोटी-छोटी बचत के जरिए भविष्य के लिए बड़ा फंड तैयार करना है, ताकि जरूरत के समय आर्थिक मदद मिल सके.

इसी तरह देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की SBI हर घर लखपति योजना भी लोगों का ध्यान खींच रही है. इस योजना में नियमित निवेश करके समय के साथ बड़ा फंड बनाया जा सकता है. अगर सही तरीके से निवेश किया जाए, तो मैच्योरिटी पर लाखों रुपये तक की रकम मिल सकती है. यही वजह है कि कई परिवार इस योजना को बेटियों के भविष्य के लिए एक बेहतर बचत ऑप्शन के रूप में देख रहे हैं.

एसबीआई हर घर लखपति योजना क्या है?

यह स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की एक खास बचत योजना है, जिसमें आप हर महीने थोड़ी-थोड़ी रकम जमा करके अंत में एक लाख रुपये या उससे ज्यादा का फंड हासिल कर सकते हैं. इसमें तीन साल से लेकर दस साल तक का समय चुन सकते हैं. अकाउंट एक व्यक्ति अकेले या दो लोगों के नाम से खुल सकता है. दस साल से ऊपर के बच्चे भी खुद खाता खोल सकते हैं, बशर्ते वे साइन कर सकें. छोटे बच्चे के लिए माता-पिता या अभिभावक अकाउंट खोल सकते हैं. हर महीने की किस्त आपकी चुनी हुई अवधि और टारगेट के हिसाब से तय होती है.

इस योजना में आप कभी-कभी किस्त का आधा हिस्सा भी जमा कर सकते हैं. आगे की किस्तें पहले भी भर सकते हैं, लेकिन इससे अंतिम रकम नहीं बढ़ती. मैच्योरिटी पर पैसा अंतिम किस्त के एक महीने बाद या अवधि पूरी होने के बाद मिलता है. टैक्स के नियम सामान्य इनकम टैक्स के अनुसार लागू होते हैं. यह योजना उन लोगों के लिए अच्छी है जो छोटी बचत से बड़ा फंड बनाना चाहते हैं.

कितना इंटरेस्ट मिलेगा?

इस योजना में मिलने वाली ब्याज दर निवेश की अवधि और निवेशक की कैटेगरी के अनुसार अलग-अलग होती है. सामान्य ग्राहकों को 3 और 4 साल की अवधि पर 6.55% ब्याज मिलता है, जबकि 5 से 10 साल की अवधि के लिए 6.30% ब्याज दिया जाता है. वहीं, वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) को इसी अवधि के लिए 6.80% से 7.05% तक ब्याज का फायदा मिलता है.

एसबीआई के स्टाफ और स्टाफ वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य ग्राहकों की तुलना में अधिक ब्याज मिलता है. स्टाफ को 7.30% से 7.55% और स्टाफ वरिष्ठ नागरिकों को 7.80% से 8.05% तक ब्याज दिया जाता है. हालांकि, बैंक ने साफ किया है कि मासिक किस्त की गणना मौजूदा ब्याज दरों के आधार पर की जाती है. भविष्य में अगर ब्याज दरों में बदलाव होता है, तो मासिक निवेश की राशि और मैच्योरिटी वैल्यू पर भी इसका असर पड़ सकता है.

300 रुपये जमा करने पर मिलेंगे 1 लाख रुपये

अगर आप सिर्फ हर महीने 600 रुपये मंथली जमा करते हैं तो 8 फीसदी रिटर्न के हिसाब से आपको 10 सालों में 1,10,168 रुपये का फंड मिलेगा. इसमें निवेश की गई रकम 72,000 रुपये होगी और उसपर 38,000 रुपये का इंटरेस्ट रहेगा. साथ ही कुल वैल्यू 1.10 लाख रुपये होगी.

1 लाख के लिए कितना निवेश?

अगर आप अपनी बेटी के लिए 1 लाख रुपये का फंड बनाना चाहते हैं, तो हर महीने कितनी रकम जमा करनी होगी, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि आपने कितने साल की अवधि चुनी है. जैसे- 3 साल में 1 लाख रुपये का फंड बनाने के लिए हर महीने करीब 2,510 रुपये, 5 साल के लिए 1,420 रुपये और 10 साल के लिए करीब 610 रुपये जमा करने होंगे. यानी जितनी लंबी अवधि चुनेंगे, हर महीने उतनी ही कम रकम जमा करनी पड़ेगी.

अगर आपका टारगेट 2 लाख, 3 लाख या 4 लाख रुपये का फंड तैयार करना है, तो उसी हिसाब से हर महीने की जमा राशि भी बढ़ जाएगी. यानी जितनी बड़ी मैच्योरिटी राशि चुनेंगे, उतना ज्यादा मंथली निवेश करना होगा. निवेशक अपनी जरूरत और बजट के अनुसार मैच्योरिटी अमाउंट और निवेश की अवधि का चुनाव कर सकते हैं.

समय से पहले पैसा निकालने के नियम

अगर किसी वजह से आपको मैच्योरिटी से पहले इस योजना से पैसा निकालना पड़ता है, तो इसकी सुविधा उपलब्ध है. हालांकि, समय से पहले खाता बंद करने पर बैंक कुछ पेनल्टी (जुर्माना) काटता है. यानी आपको तय ब्याज से थोड़ा कम रिटर्न मिलेगा.

अगर जमा राशि 5 लाख रुपये तक है, तो समय से पहले निकासी पर 0.50% की पेनल्टी लगेगी. वहीं, 5 लाख रुपये से अधिक की जमा पर 1% की पेनल्टी देनी होगी. समय से पहले निकासी पर मिलने वाला ब्याज पेनल्टी घटाने के बाद तय किया जाएगा. साथ ही, अगर जमा राशि 7 दिन से पहले निकाल ली जाती है, तो उस पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा.

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