Chittorgarh News: प्रमोशन से 25 दिन पहले थम गई सांसे, असम में ड्यूटी के दौरान चित्तौड़गढ़ के जवान का निधन

Last Updated:October 09, 2026, 12:06 IST
Chittorgarh News: चित्तौड़गढ़ के गंगरार क्षेत्र के सूरत सिंह जी का खेड़ा गांव निवासी हवलदार जितेंद्र सिंह चौहान का असम में ड्यूटी के दौरान निधन हो गया. भारतीय सेना में 22 साल से अधिक समय तक देश सेवा करने वाले जितेंद्र सिंह 1 नवंबर को नायब सूबेदार बनने वाले थे, लेकिन प्रमोशन से 25 दिन पहले ही उनका निधन हो गया. गांव में तिरंगा यात्रा निकालकर उन्हें सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई.भारतीय सेना के आरटी हवलदार जितेंद्र सिंह चौहान का ड्यूटी के दौरान निधन
चित्तौड़गढ़. जिले के गंगरार तहसील अंतर्गत सूरत सिंह जी का खेड़ा गांव के रहने वाले भारतीय सेना के आरटी हवलदार जितेंद्र सिंह चौहान का असम में ड्यूटी के दौरान निधन हो गया. उनके निधन की खबर मिलते ही गांव और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर छा गई. अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई देने के लिए ग्रामीणों और युवाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को जब गांव लाया गया, तो भारत माता की जय और जितेंद्र सिंह अमर रहें के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा.
जितेंद्र सिंह चौहान भारतीय सेना की 629 साटा बैटरी यूनिट में तैनात थे. ड्यूटी के दौरान अचानक उनके शरीर में ऑक्सीजन का स्तर कम हो गया, जिसके बाद उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उनका निधन हो गया. गुरुवार को असम में आवश्यक आधिकारिक औपचारिकताएं और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके पार्थिव शरीर को राजस्थान के लिए रवाना किया. नसीराबाद छावनी से सेना की विशेष टीम पार्थिव शरीर को लेकर चित्तौड़गढ़ जिला चिकित्सालय पहुंची. इसके बाद पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव सूरत सिंह जी का खेड़ा ले जाया गया.
तिरंगा यात्रा निकालकर दी अंतिम विदाई
अपने गांव के वीर जवान के पार्थिव शरीर के पहुंचने पर ग्रामीणों और युवाओं ने पूरे मार्ग में विशाल तिरंगा यात्रा निकाली. हाथों में तिरंगा लिए लोगों ने भारत माता की जय और जितेंद्र सिंह अमर रहें के नारे लगाकर अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि दी. माहौल गमगीन हो गया और हर आंख नम नजर आई. इसके बाद सेना की टुकड़ी ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया. सैन्य जवानों ने शस्त्र झुकाकर और बिगुल की धुन के साथ उन्हें अंतिम सलामी दी. देश की सेवा में अपना जीवन समर्पित करने वाले जितेंद्र सिंह चौहान को नम आंखों से विदाई दी गई.
22 साल से ज्यादा समय तक की देश सेवा
जितेंद्र सिंह चौहान जून 2004 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे, उन्होंने अपने 22 साल और 4 महीने के सेवाकाल में देश की विभिन्न कठिन सीमाओं और दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं दी. अपने लंबे सैन्य करियर के दौरान उन्होंने कर्तव्य और देश सेवा को सर्वोपरि रखा. जितेंद्र सिंह के निधन का सबसे दुखद पहलू यह रहा कि आगामी 1 नवंबर को उनका प्रमोशन होने वाला था. वह हवलदार से पदोन्नत होकर नायब सूबेदार बनने वाले थे. परिवार और परिचितों के लिए यह उपलब्धि खुशी का अवसर बनने वाली थी, लेकिन प्रमोशन से महज 25 दिन पहले ही उनकी जिंदगी का सफर थम गया.
युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिए करते थे प्रेरित
गांव के लोगों और परिचितों के अनुसार, जितेंद्र सिंह जब भी छुट्टी पर गांव आते थे, तो स्थानीय युवाओं को शारीरिक तैयारी करने और भारतीय सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करने के लिए प्रेरित करते थे. उनका निधन न केवल परिवार, बल्कि उन युवाओं के लिए भी बड़ी क्षति है, जिन्हें वह सेना में जाने के लिए प्रोत्साहित करते थे. उनके जाने से सूरत सिंह जी का खेड़ा गांव और आसपास का पूरा क्षेत्र शोक में डूबा हुआ है. देश सेवा के प्रति उनका समर्पण और युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने की उनकी भावना हमेशा याद की जाएगी.
About the Authorमोनाली पाल
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
और पढ़ेंLocation :
Chittaurgarh,Rajasthan
First Published :
October 09, 2026, 12:06 IST



