चपरासी के भरोसे चल रही थीं कक्षाएं, भड़के छात्र और ग्रामीण, स्कूल में ताला लगाकर प्रशासन के खिलाफ खोला मोर्चा

Last Updated:August 06, 2026, 20:05 IST
Luni School News: राजस्थान के लूणी स्थित एक सरकारी स्कूल में लंबे समय से शिक्षकों के कई पद खाली होने के कारण छात्रों और ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा. आरोप है कि शिक्षकों की गैरहाजिरी में स्कूल की व्यवस्था चपरासी के भरोसे चल रही थी, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई पर फर्क पड़ रहा है. नाराज़ छात्रों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर स्कूल के मेन गेट पर ताला लगा दिया और प्रदर्शन करते हुए शिक्षा विभाग से जल्द शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
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सरकारी स्कूल में लंबे समय से शिक्षकों के कई पद खाली होने के कारण छात्रों और ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा
जोधपुर (लूणी). जोधपुर जिले के लूणी क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत बालाजी नगर के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, अरणी नाड़ी (मंगल नगर) में लंबे समय से जारी शिक्षकों की कमी को लेकर गुरुवार को विद्यार्थियों, अभिभावकों और ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया. आक्रोशित ग्रामीणों और छात्रों ने शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया और अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए. प्रदर्शनकारियों ने विद्यालय की बदहाल शैक्षणिक व्यवस्था की पोल खोलते हुए बताया कि स्कूल में कला संकाय की 11वीं और 12वीं कक्षा में 30 से अधिक छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, लेकिन उन्हें पढ़ाने के लिए एक भी प्रथम श्रेणी शिक्षक तैनात नहीं है.
इतना ही नहीं, गणित जैसे विषय के द्वितीय श्रेणी शिक्षक का पद भी लंबे समय से खाली पड़ा है. स्थिति इस तरह से बुरी हो चुकी है कि विषय विशेषज्ञ अध्यापकों के अभाव में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (चपरासी) की मौजूदगी में बच्चों को बैठाकर कक्षाएं संचालित करनी पड़ रही हैं. ग्रामीणों ने इसे सीधे तौर पर मासूम बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करार दिया.
दो-दो मंत्रियों के क्षेत्र में भी शिक्षा व्यवस्था बदहालधरना-प्रदर्शन कर रहे लोगों ने स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लूणी विधानसभा क्षेत्र से राज्य सरकार में जोगाराम पटेल और जसवंत सिंह बिश्नोई जैसे दो-दो बड़े मंत्रियों का प्रतिनिधित्व होने के बावजूद इस विद्यालय की उपेक्षा की जा रही है. इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का गृह जिला होने के बाद भी यदि विद्यार्थियों को अपनी जायज मांगों और पढ़ाई के लिए स्कूल पर ताला लगाने पर मजबूर होना पड़े, तो यह शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर धब्बा है.
शीघ्र नियुक्ति न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनीग्रामीणों और विद्यार्थियों ने राज्य सरकार व शिक्षा विभाग से मांग की है कि राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अरणी नाड़ी में सभी रिक्त पदों पर अविलंब योग्य शिक्षकों की स्थायी भर्ती की जाए. प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही उनकी मांगों पर संज्ञान लेकर ठोस कदम नहीं उठाए, तो वे इस आंदोलन को और अधिक तीव्र करेंगे और सडकों पर उतरकर प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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Jodhpur,Rajasthan
First Published :
August 06, 2026, 20:05 IST



