CM भजनलाल को क्यों शहर-दर-शहर उतारना पड़ा मैदान में, जानिये इसके पीछे की पूरी कहानी?

Last Updated:September 09, 2026, 17:34 IST
CM Bhajanlal Sharma Jaipur Roadshow : सीएम भजनलाल शर्मा ने आज राजधानी जयपुर में रोड शो कर निकाय चुनाव के लिए वोट मांगे. सीएम शर्मा इससे पहले बीकानेर, उदयपुर और बीकानेर समेत कई अन्य शहरों में रोड शो कर चुके हैं. यह चुनाव केवल राजस्थान के लिए ही नहीं बल्कि पूरी बीजेपी के लिए बड़े अहम हैं. यह ढाई साल से राजस्थान की कमान संभाल रहे सीएम भजनलाल शर्मा का लिटमस टेस्ट होने के साथ ही सीजेपी के दिल्ली आंदोलन के बाद और उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद ‘जेन जी’ के मूड को भी बताने वाला भी साबित होगा. जयपुर मेें रोड शो करते सीएम भजनलाल शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़.
जयपुर. राजस्थान में ढाई साल के कार्यकाल के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल सरकार की सबसे बड़ी परीक्षा दो चरणों में हो रहे नगरीय निकाय चुनाव है. आज 162 निकायों में मतदान हो चल रहा है. उसके बाद बाकी 147 निकायों में मतदान 11 सितंबर को होगा. नतीजे 14 सितंबर को आएंगे. खास बात यह कि ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ की थीम पर भजनलाल सरकार सभी 309 निकायों के चुनाव एक साथ करवा रही है. ये चुनाव भजनलाल शर्मा की खुद की साख का भी लिटमस टेस्ट है. इसलिए भजनलाल शर्मा शहर-दर-शहर रोड शो कर खुद प्रचार की कमान संभाले हुए हैं.
ये चुनाव राजस्थान में भजनलाल सरकार ही नहीं बल्कि कॉकरोच जनता पार्टी (CHP) के आंदोलन के बाद और यूपी चुनाव से पहले बीजेपी के लिए भी अहम हैं. भजनलाल शर्मा ने इस चुनाव में ध्रुवीकरण का कार्ड भी खेला है. वे लव जिहाद से लेकर पलायन रोकने को उपलब्धि गिना रहे हैं. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आज जयपुर के परकोटे में रोड शो किया. शहर में 149 वार्डों में बीजेपी के पार्षद प्रत्याशियों के लिए खुद शर्मा ने वोट मांगे. खुद बीजेपी नेता और कार्यकर्ता मान रहे हैं कि ये चुनाव भजनलाल शर्मा के लिए खुद की और सरकार की परीक्षा है. एक तरह से सरकार के ढाई साल के विकास के कामों पर जनता का जनमत है.
शहरों में बीजेपी के पक्ष में धुवीकरण की कोशिश
जयपुर के परकोटे में हिंदु और मुस्लिम दोनों की आबादी है. ऐसे ही हालात जोधपुर समेत कुछ दूसरे शहरों के भी हैं. इसलिए हिंदुओं का पलायन और लव जिहाद जैसे मुद्दे जयपुर समेत कुछ अन्य शहरों में भी अक्सर सुनाई देते हैं. भजनलाल शर्मा भी पलायन और लव जिहाद का मुद्दा उठाकर शहरों में बीजेपी के पक्ष में धुवीकरण की कोशिश कर रहे हैं. शर्मा ने कहा कि उनकी सरकार डिस्टर्ब एरिया एक्ट बिल लेकर आई है. इससे जयपुर समेत अन्य शहरों में पलायन रुकेगा. पलायन के लिए मजबूर करने वालों को जेल जाना होगा. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकार में लव जिहाद होता था. उसे हमारी सरकार ने रोका है.
बीजेपी आलाकमान खुद इन चुनाव की मॉनिटरिंग कर रहा हैमुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अगुवाई में बीजेपी सरकार के ढाई साल के शासन में पहली बार शहरों की सरकार के चुनाव हो रहे हैं. इन चुनाव के नतीजों से जयपुर नगर समेत 10 निगम में मेयर चुने जाने हैं. 47 नगर परिषदों में सभापति और 252 नगर पालिकाओं में अध्यक्ष चुने जाएंगे. नगरीय निकाय चुनाव के बाद पंचायत चुनाव है. ऐसे में बीजेपी और कांग्रेस दोनों की कोशिश है कि नगरीय निकाय चुनाव जीते जिससे पंचायत चुनाव में फायदा मिल सके. बीजेपी आलाकमान खुद इन चुनाव की मॉनिटरिंग कर रहा है.
सभी सीनियर नेताओं को चुनाव में झौंक दिया
बीजेपी के राष्ठ्रीय संगठन महामंत्री बी एल संतोष ने खुद जयपुर में बैठक सभी सीनियर नेताओं को इन चुनाव में झौंक दिया. केंद्रीय प्रभारी और पर्यवेक्षक लगाए. एक तरफ बीजेपी हाईकमान सीजेपी के दिल्ली में आंदोलन के बाद इन चुनाव को पार्टी के लिए जनमत के रूप में देख रही है. दूसरी तरफ बतौर सीएम खुद मुख्यमंत्री के लिए भी यह बड़ी परीक्षा है. इन चुनाव के नतीजों का असर मुख्यमंत्री से लेकर मंत्रियों की साख पर पड़ेगा.About the Authorसंदीप राठौड़
संदीप राठौड़ वर्तमान में न्यूज18 इंडिया में क्लस्टर हेड राजस्थान (डिजिटल) पद पर कार्यरत हैं। राजनीति, क्राइम और सामाजिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग में रूचि रखने वाले संदीप को पत्रकारिता का ढाई दशक से ज्यादा का अनुभव…
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Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
September 09, 2026, 17:32 IST



