Dragon Fruit Health Benefits: उमस भरे मौसम में रोज खाएं ड्रैगन फ्रूट? जानें फायदे और सावधानियां

Last Updated:August 29, 2026, 16:45 IST
मिर्जापुर: ड्रैगन फ्रूट अपने अनोखे रंग और स्वाद के कारण तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. इसमें विटामिन C, आयरन और पोटेशियम समेत कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जिसकी वजह से इसे संतुलित डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है. खासकर गर्मी और उमस के मौसम में इसके सेवन को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ जाती है. हालांकि, किडनी की बीमारी जैसी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों को इसका सेवन डॉक्टर की सलाह से करना चाहिए.
मिर्जापुर: ड्रैगन फ्रूट अपने अलग रंग-रूप और स्वाद के कारण लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. भारत में अब इसकी खेती भी बढ़ रही है और उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में किसान बड़े स्तर पर इसकी पैदावार कर रहे हैं. पोषक तत्वों से भरपूर इस फल को संतुलित डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है, लेकिन हर व्यक्ति के लिए इसकी मात्रा एक जैसी नहीं होनी चाहिए.
डाइटीशियन डॉ. ज्योति सिंह के मुताबिक, ड्रैगन फ्रूट में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं. इसमें पोटेशियम, विटामिन C, आयरन और पानी की मात्रा होती है. खासकर गर्मी और उमस के मौसम में इसे डाइट में शामिल किया जा सकता है. हालांकि, किसी भी फल का सेवन व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य और डाइट पर निर्भर करता है.
उमस वाले मौसम में पसीना अधिक निकलने से शरीर से पानी और कुछ इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है. ड्रैगन फ्रूट में पोटेशियम समेत कुछ इलेक्ट्रोलाइट्स पाए जाते हैं. संतुलित डाइट और पर्याप्त पानी के साथ इसका सेवन शरीर के सामान्य इलेक्ट्रोलाइट संतुलन को बनाए रखने में योगदान दे सकता है. हालांकि, डिहाइड्रेशन की स्थिति में केवल ड्रैगन फ्रूट या किसी एक फल पर निर्भर नहीं रहना चाहिए. पर्याप्त पानी और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह जरूरी है.
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ड्रैगन फ्रूट में विटामिन C पाया जाता है, जो सामान्य इम्यून सिस्टम के कामकाज में भूमिका निभाता है. इसमें आयरन भी मौजूद होता है. हालांकि, एनीमिया के इलाज के लिए केवल ड्रैगन फ्रूट को पर्याप्त नहीं माना जा सकता. आयरन की कमी होने पर डॉक्टर की सलाह और संतुलित आहार जरूरी है. डॉ. ज्योति के मुताबिक, बच्चों और बुजुर्गों की डाइट में भी इसे शामिल किया जा सकता है, लेकिन मात्रा उनकी व्यक्तिगत जरूरत और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार तय होनी चाहिए.
ड्रैगन फ्रूट में पोटेशियम पाया जाता है. किडनी की बीमारी वाले लोगों को पोटेशियम की मात्रा को लेकर विशेष सावधानी बरतनी पड़ सकती है, क्योंकि कुछ किडनी मरीजों में शरीर से अतिरिक्त पोटेशियम बाहर निकालने की क्षमता प्रभावित हो सकती है. इसलिए ऐसे लोगों को डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह के बिना ज्यादा मात्रा में इसका सेवन नहीं करना चाहिए.
गर्भवती महिलाओं के लिए भी किसी एक फल को पूरी तरह प्रतिबंधित मानने के बजाय व्यक्तिगत स्वास्थ्य और डाइट के अनुसार सलाह लेना बेहतर है. अगर गर्भावस्था के दौरान कोई विशेष स्वास्थ्य समस्या या आहार संबंधी प्रतिबंध हैं तो डॉक्टर से परामर्श करें.
ड्रैगन फ्रूट को सीधे काटकर खाया जा सकता है. इसे फ्रूट सलाद, स्मूदी या अन्य हेल्दी डिश में भी शामिल किया जा सकता है. फल खाते समय मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है और इसे संतुलित आहार का हिस्सा ही मानना चाहिए. डॉ. ज्योति सिंह के मुताबिक, उमस भरे मौसम में अगर ड्रैगन फ्रूट आसानी से उपलब्ध है तो इसे डाइट में शामिल किया जा सकता है. लेकिन किडनी की बीमारी या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे लोगों को अपनी डाइट में बदलाव करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए.
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August 29, 2026, 16:45 IST



