Yoga: दवाओं के अलावा भी है उपाय, खांसी में राहत दे सकता है यह योगाभ्यास

Last Updated:August 29, 2026, 17:04 IST
Anulom Vilom Benefits: खांसी मौसम बदलने पर होने वाली बहुत ही कॉमन हेल्थ प्रॉब्लम है. हालांकि कुछ दिनों में अपने आप खांसी ठीक हो जाती है, लेकिन यदि आप इससे लंबे समय से परेशान हैं, और सभी घरेलू उपायों को करके थक गए हैं, तो अलोम-विलोम करना काफी मददगार साबित हो सकते हैं.
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मौसम में बदलाव के साथ सर्दी, खांसी और वायरल इंफेक्शन जैसी समस्याएं बढ़ना आम बात है. ऐसे समय में लोग अक्सर दवाओं और घरेलू नुस्खों का सहारा लेते हैं. हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ सरल योग और प्राणायाम तकनीकें भी शरीर को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभा सकती हैं. इन्हीं में से एक है अनुलोम-विलोम प्राणायाम. यह केवल श्वसन तंत्र को बेहतर बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है.
आज की व्यस्त जीवनशैली में तनाव, चिंता और एकाग्रता की कमी जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. ऐसे में नियमित रूप से कुछ मिनट अनुलोम-विलोम का अभ्यास करने से शरीर और मन दोनों को लाभ मिल सकता है. आयुष मंत्रालय भी समय-समय पर लोगों को योग और प्राणायाम को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह देता है. खासकर बदलते मौसम में यह अभ्यास स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने का एक आसान और प्राकृतिक तरीका हो सकता है.
अनुलोम-विलोम प्राणायाम के फायदेआयुष मंत्रालय के अनुसार, अनुलोम-विलोम प्राणायाम श्वसन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है. नियमित अभ्यास से सांस लेने की प्रक्रिया संतुलित होती है, जिससे खांसी और सांस से जुड़ी कुछ सामान्य परेशानियों में राहत मिल सकती है. इस दौरान धीरे-धीरे और गहरी सांस लेना महत्वपूर्ण माना जाता है.
अनुलोम-विलोम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह मन को शांत करने में मदद कर सकता है. नियमित अभ्यास से मानसिक तनाव कम हो सकता है और चिंता की भावना पर नियंत्रण पाने में सहायता मिल सकती है. इसके साथ ही यह एकाग्रता बढ़ाने और मानसिक ऊर्जा को बेहतर बनाने में भी उपयोगी माना जाता है.
कैसे करें अनुलोम-विलोम?इस प्राणायाम को करने के लिए आरामदायक स्थिति में बैठें. एक नथुने को बंद करके दूसरे नथुने से धीरे-धीरे सांस लें. फिर दूसरे नथुने से सांस छोड़ें और यही प्रक्रिया बारी-बारी से दोहराएं. अभ्यास के दौरान सांसों की गति धीमी और नियंत्रित रखने की कोशिश करें.
इन संकेतों को न करें नजरअंदाजआयुष मंत्रालय ने यह भी सलाह दी है कि मौसम बदलने पर स्वास्थ्य संबंधी गंभीर संकेतों को हल्के में नहीं लेना चाहिए. यदि तेज बुखार, सांस लेने में कठिनाई, लगातार उल्टी, अत्यधिक कमजोरी या शरीर में पानी की कमी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
स्वस्थ जीवनशैली भी है जरूरीमंत्रालय के अनुसार, केवल योग ही नहीं बल्कि संतुलित जीवनशैली भी अच्छे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है. रक्तचाप, ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल और वजन की नियमित निगरानी करने से हार्ट संबंधी जोखिमों की पहचान समय रहते की जा सकती है. योग, संतुलित आहार और नियमित स्वास्थ्य जांच को अपनाकर बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में कदम बढ़ाए जा सकते हैं.
About the Authorशारदा सिंहSenior Sub Editor
शारदा सिंह एक अनुभवी लाइफस्टाइल पत्रकार हैं, जिनके पास डिजिटल मीडिया और कंटेंट लेखन के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का अनुभव है. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से…
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New Delhi,Delhi
First Published :
August 29, 2026, 17:04 IST
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



