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Famous Tempel: कोटा के ये 5 अनोखे मंदिर, कहीं रजिस्टर में लिखते हैं मनोकामना तो कहीं होती है अनोखी पूजा

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कोटा घूमने जाएं तो इन 5 मंदिरों को न भूलें, इतिहास और आस्था का दिखेगा संगम

Last Updated:September 08, 2026, 07:58 IST

Kota Famous Tempel: कोटा सिर्फ शिक्षा और कोचिंग के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी प्राचीन धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत के लिए भी खास पहचान रखता है. शहर और आसपास के इलाकों में ऐसे कई अनोखे धार्मिक स्थल हैं, जिनसे जुड़ी मान्यताएं और परंपराएं श्रद्धालुओं को आकर्षित करती हैं. चंद्रेशल मठ अपनी प्राचीन पत्थर की स्थापत्य कला और नदी किनारे शांत वातावरण के लिए खास है. कैथून का विभीषण मंदिर अपनी अनोखी मान्यता के कारण चर्चा में रहता है. अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित रामेश्वर महादेव मंदिर प्राकृतिक गुफा और झरने के लिए जाना जाता है. चंबल किनारे गोदावरी धाम हनुमान मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. वहीं गणेश पाल मंदिर में भक्त अपनी मनोकामनाएं रजिस्टर में लिखते हैं. ये सभी स्थल कोटा के धार्मिक पर्यटन को अलग पहचान देते हैं.

कोटा का प्राचीन चंद्रेशल मठ अपनी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पहचान के लिए खास है. चंद्रेशल नदी के किनारे स्थित यह मठ पत्थरों से बनी प्राचीन स्थापत्य कला का सुंदर उदाहरण है. यहां पुराने मंदिर, समाधियां और पत्थर की नक्काशी देखने को मिलती है. शांत प्राकृतिक वातावरण और नदी किनारे का दृश्य इसे श्रद्धालुओं के साथ इतिहास और विरासत में रुचि रखने वाले लोगों के लिए भी आकर्षक बनाता है.

कोटा के कैथून कस्बे में स्थित विभीषण मंदिर अपनी तरह का अनोखा धार्मिक स्थल है, जहां रावण के भाई विभीषण की पूजा की जाती है. मंदिर से जुड़ी मान्यताएं रामायण काल से जुड़ी है और इसे करीब 5000 वर्षकोटा के कैथून में है. दुनिया का अनोखा विभीषण मंदिर कोटा के कैथून में है. मंदिर में स्थापित विभीषण की प्रतिमा की खास मान्यता है कि वह धीरे-धीरे जमीन में धंसती जा रही है. यहां हर साल होली के अवसर पर पांच दिवसीय विभीषण मेला भी लगता है.

अरावली पर्वत श्रृंखलाओं के बीच प्रकृति की गोद में स्थित रामेश्वर महादेव मंदिर आस्था और प्राकृतिक सुंदरता का अनोखा संगम है. करीब 108 सीढ़ियां चढ़ने के बाद श्रद्धालु झरने के किनारे प्राकृतिक गुफा में विराजमान स्वयंभू शिवलिंग के दर्शन करते हैं. मान्यता है कि गुफा के एक छेद से कभी-कभी सांप भगवान शिव की पूजा करने आता है. जिन श्रद्धालुओं को इसके दर्शन होते हैं, उन्हें बेहद भाग्यशाली माना जाता है.

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गोदावरी धाम हनुमान मंदिर चंबल नदी के तट पर एक प्राचीन एवं चमत्कारी मंदिर है. इस मंदिर में जागृत हनुमान प्रतिमा है, जहां श्रद्धालु प्रेत बाधा, मानसिक कष्टों से मुक्ति की कामना लेकर आते हैं. दक्षिण भारतीय शैली में निर्मित यह मंदिर अपनी अनूठी वास्तुकला के कारण भी आकर्षण का केंद्र है. यहां मंगलवार और शनिवार को विशेष आरती का आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल होते हैं.

कोटा के बूंदी रोड स्थित मनोकामना सिद्ध गणेश मंदिर यानी गणेश पाल मंदिर करीब 800 से 900 साल पुराना बताया जाता है. मंदिर की सबसे खास परंपरा यहां रखे अलग-अलग रजिस्टर हैं, जिनमें भक्त शादी, नौकरी, नया घर और व्यापार जैसी मनोकामनाएं लिखते हैं. मनोकामना पूरी होने पर भक्त दोबारा मंदिर पहुंचकर रजिस्टर में टिक लगाते हैं और भगवान गणेश का आभार जताते हैं.

First Published :

September 08, 2026, 07:58 IST

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