पाकिस्तान बॉर्डर पर उगेगा हरियाली का जंगल, बाड़मेर में लगेंगे 34 लाख पौधे, हर पौधे की होगी जियो टैगिंग

बाड़मेर. जहां कभी दूर-दूर तक सिर्फ रेत के धोरों का साम्राज्य नजर आता था, वहीं अब बाड़मेर में हरियाली की नई कहानी लिखी जा रही है. ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान के तहत इस साल जिले में 34 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है. खास बात यह है कि लगाए जाने वाले हर पौधे की जियो टैगिंग होगी ताकि उसकी निगरानी की जा सके.
जहां बाड़मेर की कभी दूर-दूर तक सिर्फ रेत के धोरों, बबूल की झाड़ियों और बंजर जमीन की पहचान रही है. वहीं अब बाड़मेर में हरियाली की नई इबारत लिखी जा रही है. ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान के तहत जिले में इस वर्ष 34 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है. प्रशासन, वन विभाग, ग्राम पंचायत, सामाजिक संस्थाएं और आमजन मिलकर इस महाअभियान को सफल बनाने में जुटे हुए है.
प्रत्येक पौधे की होगी जीयो टैगिंग, जीवित दर बढ़ेगी
इस अभियान की सबसे खास बात यह है कि लगाए जाने वाले प्रत्येक पौधे की जियो टैगिंग की जाएगी. यानी पौधा किस स्थान पर लगाया गया है? उसकी स्थिति क्या है और उसकी देखभाल हो रही है या नहीं, इसकी जानकारी डिजिटल माध्यम से दर्ज रहेगी. बाड़मेर सहायक वन सरंक्षक छोटूसिंह भाटी के मुताबिक इससे पौधारोपण केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि उसकी वास्तविक निगरानी भी रहेगी.
प्राथमिकता के आधार पर लगाए जाएंगे ये पौधे
जियो टैगिंग से पौधों के जीवित रहने की दर बढ़ाने में मदद मिलेगी. बाड़मेर की भौगोलिक परिस्थितियों और कम वर्षा को देखते हुए अभियान में ऐसे पौधे लगाए जाएंगे जो कम पानी में भी आसानी से विकसित हो सकते है. इनमें खेजड़ी, रोहिड़ा, नीम, कुमट, शीशम, बेर, पीपल और करंज जैसे पौधे शामिल हैं.
ग्रामीण एवं पंचायतीराज विभाग लगाएगा 13.76 लाख पौधे
34 लाख पौधों के अभियान में सबसे बड़ी जिम्मेदारी ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग को दी गई है, जिसे 13.76 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य मिला है. इसके बाद शिक्षा विभाग 9.69 लाख और वन विभाग 6.43 लाख पौधे लगाएगा. वहीं स्वायत्त शासन विभाग को 61 हजार, नगरीय विकास एवं आवासन विभाग को एक लाख, उद्यानिकी विभाग को 30 हजार तथा सार्वजनिक निर्माण विभाग को 27,500 पौधे लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है.



