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बच्चों से जुड़े यौन शोषण वाले कंटेंट पर Meta की सख्ती, सरकार के दबाव के बाद उठाया बड़ा कदम

सरकार की सख्ती के बाद सोशल मीडिया कंपनी Meta ने बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी गैरकानूनी कंटेंट यानी Child Sexual Abuse Material (CSAM) के खिलाफ कार्रवाई की है. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, प्लेटफॉर्म पर सामने आने वाली ऐसी गैरकानूनी कंटेंट को हटाने और उस पर जरूरी कदम उठाने की प्रक्रिया तेज की गई है.

सरकार का कहना है कि बच्चों से जुड़े यौन शोषण वाले कंटेंट को लेकर सोशल मीडिया कंपनियों की जिम्मेदारी काफी गंभीर है.

CSAM पर सरकार का सख्त रुख

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अगर बच्चों के यौन शोषण से जुड़ा गैरकानूनी कंटेंट मौजूद है, तो कंपनियां हर स्थिति में ‘सेफ हार्बर’ की सुरक्षा का दावा नहीं कर सकतीं. सेफ हार्बर के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को यूजर्स की ओर से पोस्ट किए गए कंटेंट के लिए कुछ कानूनी सुरक्षा मिलती है, बशर्ते वे तय नियमों और कानूनी जिम्मेदारियों का पालन करें.

हालांकि, किसी कंपनी ने कानून का उल्लंघन किया है या नहीं और उसे सेफ हार्बर की सुरक्षा मिलेगी या नहीं, इसका अंतिम फैसला अदालत ही करेगी. यानी सरकार की ओर से की गई कार्रवाई या उसके दावे को अंतिम न्यायिक फैसला नहीं माना जाएगा.

बार-बार सामने आने वाले कंटेंट पर भी नजर

सरकारी सूत्रों ने यह भी कहा है कि सोशल मीडिया कंपनियां ऐसे गैरकानूनी कंटेंट के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं, जो बार-बार प्लेटफॉर्म पर सामने आता है. सरकार का जोर इस बात पर है कि केवल एक बार कंटेंट हटाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि दोबारा उसी तरह की कंटेंट सामने आने से रोकने के लिए भी प्लेटफॉर्म को प्रभावी कदम उठाने होंगे.

CSAM को लेकर सरकार का रुख इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस तरह की कंटेंट सीधे बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों से जुड़ी है. ऐसे कंटेंट का प्रसार रोकना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की बड़ी जिम्मेदारी माना जाता है.

IT Act की धारा 69A का इस्तेमाल सीमित मामलों में

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि IT Act की धारा 69A के तहत की जा रही कार्रवाई नियमों के मुताबिक और सीमित मामलों में ही होती है. इस प्रावधान के तहत सरकार को कुछ परिस्थितियों में ऑनलाइन कंटेंट को ब्लॉक करने का अधिकार मिलता है.

सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस प्रावधान का इस्तेमाल तय कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है. ऐसे में सरकार की सख्ती के साथ सोशल मीडिया कंपनियों की जवाबदेही बढ़ना आने वाले समय में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर गैरकानूनी कंटेंट को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है.

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