मैं बच गया लेकिन सब चले गए; कावेरी नदी की तेज धारा में समा गया पूरा परिवार, एक-दूसरे को बचाने में गई 5 जान

मांड्या. कर्नाटक के मांड्या जिले में स्थित लोकप्रिय पर्यटन स्थल मुथाठी में हुए दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के चार सदस्यों समेत पांच लोगों की मौत हो गई. इस हादसे के इकलौते जीवित बचे रवि ने गुरुवार को घटना की भयावह कहानी सुनाते हुए बताया कि कैसे कुछ ही मिनटों में उनका पूरा परिवार कावेरी नदी की तेज धारा में समा गया. बुधवार शाम हुए इस हादसे में विजयम्मा (50), श्वेता (38), चैत्रा (20), प्रियंका (28) और परिवार के चालक तथा करीबी मित्र महेश की मौत हो गई. सभी बेंगलुरु के बयादरहल्ली इलाके के निवासी थे.
रवि ने मीडिया से बातचीत में बताया कि परिवार के सदस्य कब्बाला में आयोजित विवाहोपरांत भोज कार्यक्रम (बीगरा ऊटा) में शामिल होने गए थे. वापसी के दौरान उन्होंने मुथाठी स्थित कब्बालम्मा मंदिर और मुथाठीराया मंदिर के दर्शन करने का निर्णय लिया. रवि ने बताया, “मंदिर दर्शन के बाद हम नदी किनारे गए और पानी में खेल रहे थे. तभी मेरी बहन विजयम्मा का पैर फिसल गया और वह नदी में गिर गईं. उन्हें बचाने के लिए मेरी पत्नी श्वेता, बेटी चैत्रा और बहन की बेटी प्रियंका नदी में उतर गईं, लेकिन तेज बहाव में वे भी बह गईं.”
उन्होंने कहा कि परिवार के चालक और करीबी मित्र महेश भी तुरंत उन्हें बचाने के लिए नदी में कूद पड़े, लेकिन वह भी तेज धारा की चपेट में आ गए. रवि ने बताया, “मैं भी उन्हें बचाने के लिए नदी में उतरा, लेकिन मैं भी बहाव में फंस गया. मेरा संतुलन बिगड़ गया और मैं डूबने लगा. सौभाग्य से वहां मौजूद कुछ लोगों ने मुझे बाहर निकाल लिया, लेकिन बाकी सभी लोग कावेरी नदी में बह गए.” उन्होंने कहा कि पूरा हादसा कुछ ही मिनटों में घटित हो गया.
रवि के अनुसार, “बहन के नदी में गिरते ही पत्नी उन्हें बचाने दौड़ीं. फिर एक-एक कर अन्य लोग भी बचाव के लिए नदी में उतरते गए. मैंने अपना मोबाइल पास खड़े एक बच्चे को दिया और नदी में कूद पड़ा. मैं भी धारा में फंस गया था, लेकिन वहां मौजूद मछुआरों ने मुझे बचा लिया.”
घटना के बाद अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग की टीम ने अभियान चलाकर सभी पांच शवों को नदी से बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए मांड्या इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एमआईएमएस) अस्पताल भेजा.
मांड्या के उपायुक्त डॉ. कुमार ने गुरुवार को अस्पताल पहुंचकर मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और संवेदना व्यक्त की. उन्होंने पत्रकारों से कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बुधवार शाम करीब 4:30 बजे यह हादसा उस समय हुआ, जब परिवार के सदस्य कावेरी नदी के किनारे फोटो खिंचवा रहे थे.
उपायुक्त ने कहा, “जानकारी के मुताबिक एक व्यक्ति का पैर फिसलकर नदी में चला गया. उसे बचाने के प्रयास में अन्य सदस्य भी पानी में उतरे और तेज धारा में बह गए. यह बेहद दुखद घटना है. परिवार के सदस्य एक-दूसरे को बचाने की कोशिश में अपनी जान गंवा बैठे.” उन्होंने बताया कि मुथाठी क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं पहले भी होती रही हैं.
डॉ. कुमार ने कहा, “हर साल यहां चार से पांच ऐसे हादसे सामने आते हैं. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार पिछले वर्ष चार और उससे पहले पांच डूबने की घटनाएं दर्ज की गई थीं. औसतन हर साल पांच से छह लोग इस स्थान पर डूबने का शिकार होते हैं.”
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने पहले ही पुलिस विभाग के साथ बैठकें कर सुरक्षा उपायों पर चर्चा की है और पर्यटकों को सतर्क करने के लिए चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं. इस बीच एमआईएमएस अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा. वहीं, हादसे से कुछ समय पहले नदी में खेलते हुए मृतकों का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं.



