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UGC Fake University List: कहीं आपकी डिग्री रद्दी तो नहीं? UGC की लिस्ट में कई यूनिवर्सिटी, पीएचडी तक में फर्जीवाड़ा

Last Updated:August 07, 2026, 11:40 IST

UGC Fake University List: स्टूडेेंट्स के भविष्य से खिलवाड़ रोकने के लिए यूजीसी ने सख्त कदम उठाया है. देशभर में 32 यूनिवर्सिटीज को फर्जी घोषित किया गया है. वहीं PhD में धांधली पर 5 विश्वविद्यालयों को 5 साल के लिए बैन कर दिया गया है. जानिए एडमिशन से पहले अपनी यूनिवर्सिटी और डिग्री की सही जांच कैसे करें.कहीं आपकी डिग्री रद्दी तो नहीं? PhD तक में चल रहा फर्जीवाड़ाZoomUGC Fake University List 2026: यूजीसी ने पीएचडी में भी फर्जीवाड़े की जानकारी दी है

नई दिल्ली (UGC Fake University List). अगर आप या आपके घर का कोई सदस्य यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने जा रहा है तो यह खबर आपके बेहद काम की है. आज-कल पढ़ाई के नाम पर जगह-जगह चमक-दमक वाले विज्ञापन दिखते हैं. कोई घर बैठे ऑनलाइन डिग्री का वादा करता है तो कोई बिना मेहनत PhD कराने की गांरटी देता है. लेकिन जरा रुकिए! एक छोटी सी लापरवाही आपकी सालों की मेहनत, पैसे और भविष्य.. तीनों को एक झटके में बर्बाद कर सकती है.

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी UGC ने स्टूडेंट्स को ऐसी धोखाधड़ी से बचाने के लिए पूरे देश में बड़ा अभियान छेड़ा है. एक तरफ जहां यूजीसी ने देश भर में चल रहीं 32 यूनिवर्सिटीज को फर्जी घोषित कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ PhD डिग्रियों में गड़बड़ी फैलाने वाले 5 बड़े विश्वविद्यालयों पर 5 साल का बैन ठोक दिया है. इतना ही नहीं, करीब 30 और संस्थान आयोग के रडार पर हैं. जानिए किन यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने से बचना चाहिए.

32 फर्जी यूनिवर्सिटीज की लिस्ट जारी, ऑनलाइन डिग्री वालों के लिए रेड अलर्ट

डिजिटल दौर में ऑनलाइन और डिस्टेंस एजुकेशन का क्रेज तेजी से बढ़ा है. इसी का फायदा उठाकर कई फर्जी संस्थान खुल गए हैं. UGC के मुताबिक, देश में 32 संस्थान कानून तोड़कर अवैध रूप से डिग्रियां बांट रहे हैं. इनके पास न तो मान्यता है और न ही अधिकार. अगर आप ऑनलाइन या डिस्टेंस कोर्स (ODL) कर रहे हैं तो केवल यूनिवर्सिटी का नाम देखना काफी नहीं है. उस कोर्स के लिए यूनिवर्सिटी के पास डिस्टेंस एजुकेशन ब्यूरो की मंजूरी भी होनी चाहिए. किसी एजेंट के झांसे में आने के बजाय deb.ugc.ac.in पर चेक करें.

PhD की फर्जीवाड़े पर स्ट्राइक: 5 यूनिवर्सिटी पर 5 साल का बैन
PhD की डिग्री में हो रही धांधली को रोकने के लिए UGC ने 2016 से 2025 के बीच बांटी गई डिग्रियों की गहन जांच शुरू की है. अब तक 92 विश्वविद्यालयों की जांच पूरी हो चुकी है. इनमें से नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले 5 विश्वविद्यालयों पर 5 साल के लिए नया PhD कराने पर रोक लगा दी गई है. बैन झेलने वाले संस्थानों में राजस्थान की 4 और यूपी की 1 यूनिवर्सिटी शामिल है:

ओपीजेएस यूनिवर्सिटी (चूरू, राजस्थान)
सनराइज यूनिवर्सिटी (अलवर, राजस्थान)
सिंघानिया यूनिवर्सिटी (झुंझुनू, राजस्थान)
जेजेटीयू यूनिवर्सिटी (झुंझुनू, राजस्थान)
मोनाड यूनिवर्सिटी (हापुड़, उत्तर प्रदेश)

इन यूनिवर्सिटीज में बैन पीरियड के दौरान लिया गया एडमिशन अवैध माना जाएगा. इसके अलावा 30 और संस्थान अभी जांच के घेरे में हैं.

प्रोफेशनल कोर्स में एडमिशन से पहले इन बातों का रखें ध्यान

अगर आप इंजीनियरिंग, लॉ, मैनेजमेंट या टीचिंग जैसे प्रोफेशनल कोर्सेज में एडमिशन ले रहे हैं तो UGC के साथ-साथ संबंधित रेगुलेटरी बॉडी का अप्रूवल होना भी जरूरी है:

इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट: AICTE की मंजूरी
टीचर ट्रेनिंग (B.Ed/D.El.Ed): NCTE की अनुमति
कानून (Law): Bar Council of India (BCI) की मान्यता

3 स्टेप्स में खुद चेक करें यूनिवर्सिटी असली है या नकली

ऑफिशियल साइट खोलें: यूजीसी की वेबसाइट (ugc.gov.in) पर जाएं.
यूनिवर्सिटी लिस्ट देखें: ‘Universities’ सेक्शन में जाकर चेक करें कि संस्थान सेंट्रल, स्टेट, डीम्ड या प्राइवेट की मान्यता प्राप्त सूची में है या नहीं.
फर्जी लिस्ट जांचें: होमपेज पर दिए गए ‘Fake Universities’ टैब पर क्लिक करके 32 अवैध संस्थानों के नाम मिला लें.

फर्जी संस्थान या यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेकर आपका भविष्य बर्बाद हो सकता है. इसलिए कहीं भी दाखिले से पहले हर डिटेल अच्छी तरह से चेक कर लें.

About the AuthorDeepali PorwalSenior Sub Editor

Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is kno…

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August 07, 2026, 11:40 IST

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