मिर्जापुर में बनवाने जा रहे हैं नया मकान तो रुकिए, नक्शा पास कराने से पहले जान लें ये वाटर हार्वेस्टिंग का नियम

मिर्जापुर: अगर आप भी घर या प्रतिष्ठान बनवाना चाह रहे हैं और प्राधिकरण से नक्शा पास कराना चाहते हैं तो यह खबर आपके लिए है. विंध्य विकास प्राधिकरण के द्वारा 2 जून से ही नियमों में बदलाव किया गया है. प्राधिकरण ने जल संचय को लेकर वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लागू किया है. ऐसे में इसे तीन कैटेगरी में विभाजित किया गया है. नक्शा पास कराते वक्त 75 हजार से 2.5 लाख रुपये तक जमा कराए जा रहे हैं. वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम इंस्टाल कर लिए जाने के बाद प्राधिकरण के द्वारा यह पैसा वापस कर दिया जाएगा. नगर मजिस्ट्रेट ने कहा कि जो भी नया घर बनवा रहे हैं, सभी नियमों का पालन करें, नक्शा पास कराएं और वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम जरूर इंस्टाल करें.
मकान बनाने से पहले जान लें नया नियम
विंध्य विकास प्राधिकरण के सचिव व नगर मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार ने लोकल18 से बताया कि जल संचयन के उद्देश्य से विंध्य विकास प्राधिकरण ने नया नियम लागू किया है. दो जून से वाटर हार्वेस्टिंग के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है. जो भी मकान या फिर व्यावसायिक प्रतिष्ठान बन रहे हैं, उन्हें अपने कैंपस में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना होगा.
300 वर्ग मीटर से ज्यादा क्षेत्रफल पर लागू होगा नियम
नगर मजिस्ट्रेट के मुताबिक इसके लिए तीन कैटेगरी बनाई गई हैं. इसमें 300 से 500 वर्ग मीटर, 500 से 1000 वर्ग मीटर और 1000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले भवन शामिल हैं. भवन के क्षेत्रफल के हिसाब से अलग-अलग रकम जमा कराई जा रही है.
नक्शा पास कराते समय जमा होंगे 75 हजार से 2.5 लाख
अधिकारी ने बताया कि 300 से 500 वर्ग मीटर क्षेत्रफल के लिए 75 हजार रुपये, 500 से 1000 वर्ग मीटर के लिए 1.5 लाख रुपये और 1000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल के लिए 2.5 लाख रुपये जमा कराए जा रहे हैं. यह रकम नक्शा पास कराते समय जमा करनी होगी.
वाटर हार्वेस्टिंग लगाते ही वापस मिलेगा पैसा
इस व्यवस्था की खास बात यह है कि भवन में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाने के बाद जमा की गई रकम वापस कर दी जाएगी. यानी प्राधिकरण के पास जमा होने वाली यह रकम सिस्टम लगाने की शर्त पूरी होने के बाद वापस मिल जाएगी. नियम लागू होने के बाद कई मकानों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया भी जा चुका है, जबकि कुछ भवनों में अभी सिस्टम नहीं लगाया गया है.
मिर्जापुर में भूजल स्तर बढ़ाने पर जोर
नगर मजिस्ट्रेट ने बताया कि यह नियम क्षेत्रफल के हिसाब से लागू किया जा रहा है. मिर्जापुर में पानी को लेकर पहले से कुछ इलाकों में समस्या रहती है. ऐसे में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लागू होने से बारिश के पानी को जमीन में पहुंचाने और भूजल स्तर बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है. इससे आने वाले समय में लोगों को पानी की सुविधा मिल सकती है.
नए भवनों के लिए जरूरी होगी वाटर हार्वेस्टिंग
अधिकारी के अनुसार यह नियम नए भवन और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बनवाने वालों के लिए लागू होगा. नक्शा पास कराने के समय निर्धारित रकम जमा करनी होगी और भवन में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना जरूरी होगा. प्राधिकरण का उद्देश्य भवन निर्माण के साथ-साथ जल संरक्षण को भी बढ़ावा देना है.



