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Home Remedies for Pigmentation: चेहरे के झुर्रियां-झाइयों से हैं परेशान, तो यहां डॉक्टर से जानिए इसका सही इलाज जो लाएगा निखार

आजकल चेहरे पर झाइयां, पिगमेंटेशन, असमान स्किन टोन और ऑयली स्किन की समस्या काफी आम हो गई है. खासकर महिलाओं में चेहरे पर भूरे या काले धब्बे और तितली जैसे पैटर्न में पिगमेंटेशन दिखाई देने लगता है. कई बार लोग इसे केवल धूप या स्किन केयर की कमी से जोड़कर देखते हैं, लेकिन इसके पीछे हार्मोनल बदलाव भी एक बड़ी वजह हो सकते हैं. वहीं, स्किन एक्सपर्ट डॉक्टर रिद्धि पांडेय ने Local18 से बातचीत में चेहरे पर होने वाली झाइयों और पिगमेंटेशन की समस्या के कारणों और इससे बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि समय रहते समस्या पर ध्यान दिया जाए, तो स्किन की स्थिति को काफी हद तक बेहतर किया जा सकता है.

महिलाओं में दिख रही झाइयों की समस्या

डॉक्टर रिद्धि पांडेय ने बताया कि आजकल झाइयां यानी मेलाज्मा की समस्या काफी सामान्य हो गई है. सामान्य भाषा में इसे छाइयां भी कहा जाता है. उन्होंने बताया कि क्लिनिक में आने वाली महिलाओं और लड़कियों में बड़ी संख्या ऐसी होती है, जिन्हें चेहरे पर पिगमेंटेशन या असमान रंगत की शिकायत रहती है. उन्होंने बताया कि चेहरे पर झाइयां पड़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं. इनमें हार्मोनल असंतुलन एक प्रमुख वजह है. यही कारण है कि जब कोई महिला मेलाज्मा की समस्या लेकर आती है, तो डॉक्टर उसके पीरियड्स और अन्य हार्मोनल समस्याओं के बारे में भी जानकारी लेते हैं.

हार्मोनल बदलाव से भी बढ़ सकता है पिगमेंटेशन

डॉक्टर ने बताया कि कई मामलों में हार्मोनल असंतुलन के साथ दूसरी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं. कुछ महिलाओं में पीसीओएस जैसी स्थितियां भी हो सकती हैं, ऐसे में केवल चेहरे पर ऊपर से कोई क्रीम या पैक लगाने के बजाय समस्या के मूल कारण पर ध्यान देना जरूरी हो जाता है. उन्होंने कहा कि झाइयों का इलाज व्यक्ति की स्किन कंडीशन, पिगमेंटेशन की गंभीरता और समस्या कितनी पुरानी है, इस पर निर्भर करता है. इसलिए हर व्यक्ति के लिए एक जैसा ट्रीटमेंट सही नहीं हो सकता.

घरेलू फेस पैक से चेहरे पर आ सकता है निखार

डॉक्टर रिद्धि पांडेय ने बताया कि स्किन की देखभाल में कुछ घरेलू उपाय भी मददगार हो सकते हैं. घरेलू फेस पैक का इस्तेमाल त्वचा की ऑयलीनेस कम करने और चेहरे को फ्रेश व ग्लोइंग लुक देने में मदद कर सकता है. हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर चेहरे पर लंबे समय से झाइयां या गहरा पिगमेंटेशन है, तो केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है. स्किन पर किसी भी तरह का घरेलू पैक लगाने से पहले यह देखना जरूरी है कि उसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री आपकी त्वचा के अनुकूल है या नहीं. संवेदनशील त्वचा पर गलत चीज लगाने से जलन, लालिमा या समस्या बढ़ भी सकती है.

पिगमेंटेशन बढ़ने पर दिख सकता है तितली जैसा पैटर्न

डॉक्टर ने बताया कि मेलाज्मा में कई बार चेहरे पर तितली जैसे पैटर्न में पिगमेंटेशन दिखाई देता है. शुरुआत में यह हल्का हो सकता है, लेकिन समय के साथ ध्यान न देने पर इसका रंग गहरा हो सकता है और प्रभावित हिस्सा बढ़ भी सकता है. उन्होंने बताया कि पिगमेंटेशन कितना गंभीर है, उसी आधार पर इलाज के सेशन की संख्या तय की जाती है. शुरुआती और हल्की समस्या में कम सेशन की जरूरत हो सकती है, जबकि ज्यादा गहरे पिगमेंटेशन में कई सेशन लग सकते हैं.

एक जैसा नहीं होता हर चेहरे का ट्रीटमेंट

डॉक्टर रिद्धि पांडेय ने कहा कि स्किन ट्रीटमेंट व्यक्ति की जरूरत के हिसाब से होना चाहिए. कई बार लोग बाहर से महंगे ट्रीटमेंट और अलग-अलग प्रोडक्ट इस्तेमाल करने के बाद भी संतुष्ट परिणाम नहीं पाते, ऐसे में सबसे जरूरी है कि समस्या का सही कारण पता लगाया जाए और उसी के अनुसार उपचार किया जाए. उन्होंने अपने उपचार के बारे में बताते हुए कहा कि उनके यहां होम्योपैथिक ट्रीटमेंट के साथ ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स और स्किन से जुड़े सेशन भी उपलब्ध कराए जाते हैं. उनका दावा है कि इससे मरीजों को धीरे-धीरे त्वचा में सुधार दिखाई देता है.

बर्थ मार्क और झाइयों में अंतर समझना जरूरी

इंटरव्यू के दौरान बर्थ मार्क को लेकर भी सवाल किया गया. डॉक्टर ने बताया कि जन्म से मौजूद निशान और बाद में विकसित होने वाली झाइयां या पिगमेंटेशन एक जैसी चीजें नहीं हैं. उन्होंने कहा कि बर्थ मार्क को लेकर कई तरह की मान्यताएं प्रचलित हैं, लेकिन हर बर्थ मार्क को हटाना जरूरी नहीं होता. अगर किसी निशान में बदलाव दिखाई दे या वह चिकित्सकीय रूप से चिंता का कारण बने, तो विशेषज्ञ से जांच कराना जरूरी है. वहीं, केवल सुंदरता के लिए किसी बर्थ मार्क को हटाने का फैसला डॉक्टर की सलाह के बाद ही लेना चाहिए.

इन बातों का रखें विशेष ध्यान

चेहरे पर झाइयां या पिगमेंटेशन दिखाई देने पर सबसे पहले उसके कारण को समझना जरूरी है. धूप से बचाव, नियमित स्किन केयर और त्वचा के अनुसार सही प्रोडक्ट का इस्तेमाल मददगार हो सकता है. अगर पिगमेंटेशन लगातार बढ़ रहा है, रंग बहुत गहरा हो रहा है या चेहरे पर असामान्य पैटर्न बन रहा है, तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है. घरेलू फेस पैक चेहरे को निखार देने में मदद कर सकता है, लेकिन गंभीर या लंबे समय से चली आ रही झाइयों के इलाज का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए.

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