2019 में कांवड़ियों पर हुआ था पथराव, इस बार ड्रोन से निगरानी और 1400 जवानों के पहरे में निकली यात्रा

Last Updated:August 10, 2026, 22:04 IST
Tonk Kanwar Yatra : मालपुरा में 1300 कांवड़ियों की यात्रा कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण संपन्न हुई. 1400 पुलिस जवान, CCTV और ड्रोन से निगरानी की गई. मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने कानून व्यवस्था की तारीफ की. अजमेर रेंज आईजी डॉ. रवि, जिला कलेक्टर टीना डाबी और एसपी रोशन मीणा खुद मौके पर व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे. प्रशासन की कोशिश थी कि संवेदनशील माने जाने वाले इस रास्ते से यात्रा बिना किसी विवाद के निकल जाए.मालपुरा में कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण संपन्न हुई कांवड़ यात्रा.
मालपुरा. टोंक जिले के मालपुरा में सोमवार को कांवड़ यात्रा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई. करीब 2 किलोमीटर लंबे अतिसंवेदनशील इलाके से जब 1300 कांवड़िए गुजरे तो पूरे रास्ते में पुलिस का कड़ा पहरा रहा. चप्पे-चप्पे पर जवान तैनात थे, गलियों को बैरिकेडिंग लगाकर बंद कर दिया गया था और आसमान से ड्रोन के जरिए भी निगरानी की जा रही थी. प्रशासन के लिए यह यात्रा काफी अहम मानी जा रही थी, क्योंकि इसी रास्ते पर साल 2019 में कांवड़ यात्रा के दौरान पथराव की घटना हुई थी.
मालपुरा का दूदू-छाण स्टेट हाईवे का करीब 2 किलोमीटर का हिस्सा इस यात्रा के दौरान सबसे ज्यादा संवेदनशील रहा. प्रशासन ने पहले से ही पूरे इलाके में सुरक्षा के इंतजाम कर दिए थे. रास्ते से जुड़ी गलियों में बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें सील कर दिया गया. कई जगह घरों के बाहर भी पुलिस के जवान तैनात किए गए थे. इस इलाके में बिना पास के किसी को प्रवेश नहीं दिया गया. सिर्फ पासधारी कांवड़िए और पुलिसकर्मी ही इस रास्ते से गुजर सके. सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने के लिए 50 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे. इसके साथ ही 5 ड्रोन भी लगातार इलाके के ऊपर उड़ते रहे.
1400 पुलिस जवानों की तैनातीकांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण तरीके से पूरा कराने के लिए करीब 1400 पुलिस जवानों को तैनात किया गया था. अजमेर रेंज आईजी डॉ. रवि, जिला कलेक्टर टीना डाबी और एसपी रोशन मीणा खुद मौके पर व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे. प्रशासन की कोशिश थी कि संवेदनशील माने जाने वाले इस रास्ते से यात्रा बिना किसी विवाद के निकल जाए. चिलचिलाती धूप के बीच कांवड़िए करीब 2 किलोमीटर का यह रास्ता तय करते हुए आगे बढ़े. पूरे रास्ते में सुरक्षा इतनी कड़ी रही कि आम लोगों की आवाजाही भी सीमित कर दी गई थी.
ट्रक स्टैंड पहुंचते ही बदला माहौलजैसे ही कांवड़ यात्रा संवेदनशील इलाके को पार कर ट्रक स्टैंड पहुंची, वहां सुरक्षा का माहौल धीरे-धीरे उत्सव में बदल गया. यहां हजारों की संख्या में लोग कांवड़ियों के स्वागत के लिए मौजूद रहे. कांवड़ियों पर फूलों की बारिश की गई और जोरदार तरीके से उनका स्वागत किया गया. इसके बाद कांवड़िए कृषि मंडी स्थित शिवालय पहुंचे. यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी में भगवान शिव का जलाभिषेक किया गया. यात्रा के शांतिपूर्ण तरीके से निकलने के बाद प्रशासन और स्थानीय लोगों ने भी राहत की सांस ली.
मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने की कानून व्यवस्था की तारीफकांवड़ यात्रा के दौरान कैबिनेट मंत्री कन्हैयालाल चौधरी भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने यात्रा के दौरान की गई सुरक्षा व्यवस्था और कानून व्यवस्था की तारीफ की. हालांकि, इसी दौरान उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर सियासी हमला भी बोला. मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय 5 साल तक यह पारंपरिक यात्रा बंद रही. उन्होंने आरोप लगाया कि जब-जब कांग्रेस सत्ता में आती है, सनातन को नुकसान पहुंचाने का काम करती है. उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार में श्रद्धालु पूरी सुरक्षा के साथ अपनी परंपरा निभा रहे हैं.
2019 की घटना के बाद संवेदनशील रहा है इलाकामालपुरा में कांवड़ यात्रा का यह रास्ता साल 2019 की घटना के बाद से संवेदनशील माना जाता रहा है. उस समय कांवड़ यात्रा के दौरान इसी इलाके में पथराव हुआ था. इसके बाद से हर बार यात्रा के दौरान पुलिस और प्रशासन के सामने सुरक्षा बड़ी चुनौती रही है. इस बार प्रशासन ने पहले से ही व्यापक तैयारी की. रास्ते की गलियों को बंद करने से लेकर सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी तक कई स्तरों पर सुरक्षा रखी गई. पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी भी लगातार बनी रही.
इस बार बिना किसी विवाद के पूरी हुई यात्राकरीब 1300 कांवड़ियों की यह यात्रा 1400 पुलिस जवानों की सुरक्षा के बीच बिना किसी बड़ी घटना के पूरी हो गई. संवेदनशील इलाके से शांतिपूर्ण तरीके से यात्रा निकलने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली. वहीं, स्थानीय लोगों के लिए भी यह राहत की बात रही कि सालों से संवेदनशील माने जा रहे रास्ते पर इस बार यात्रा बिना किसी विवाद के गुजर गई. मालपुरा में इस कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था प्रशासन के लिए साख का सवाल भी बनी हुई थी. यात्रा के सफल आयोजन के बाद अब प्रशासन इसे अपनी बड़ी कामयाबी के तौर पर देख रहा है. वहीं, यात्रा के बाद इस पूरे मामले को लेकर सियासी बयानबाजी भी शुरू हो गई है.
About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…
August 10, 2026, 22:04 IST



