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Last Updated:December 08, 2025, 16:48 IST
स्टानिस्लाव और अन्हेलिना ने जोधपुर में हिंदू रीति-रिवाजों से शादी कर दो देशों और संस्कृतियों के प्रेम को वैदिक परंपराओं के संगम में बदल दिया, जोधपुर में यह कहानी चर्चा में है.
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जोधपुर. कभी-कभी कुछ प्रेम कहानियाँ इतनी अनोखी होती हैं कि वे किसी फिल्म की कहानी जैसी लगती हैं, लेकिन जोधपुर में शुरू हुई यह प्रेम कहानी पूरी तरह वास्तविक है. यह दो दिलों, दो देशों और दो संस्कृतियों का सुंदर संगम है. रशियन कपल स्टानिस्लाव, उम्र 72 वर्ष, और अन्हेलिना, उम्र 27 वर्ष, पिछले चार साल से लिव-इन रिलेशनशिप में एक-दूसरे के साथ रह रहे थे. उम्र का फर्क कभी उनके प्यार के बीच नहीं आया क्योंकि उनके रिश्ते की नींव केवल भरोसे, सम्मान और सच्चे प्रेम पर टिकी थी. भारतीय संस्कृति को दूर से देखकर जिस खिंचाव को दोनों ने महसूस किया, उसी खिंचाव ने उन्हें हजारों किलोमीटर दूर जोधपुर तक ला दिया. उन्होंने तय किया कि अगर शादी करनी है तो हिंदू रीति-रिवाजों से ही करनी है क्योंकि यही परंपरा उनके दिल को सबसे ज्यादा छू गई थी.
स्टानिस्लाव और अन्हेलिना की प्रेम कहानी रूस में शुरू हुई, जहाँ वे करीब तीन से चार साल लिव-इन रिलेशनशिप में रहे. इसी दौरान भारत की एक यात्रा ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी. भारत आकर उन्होंने यहाँ की संस्कृति, परंपराओं और वैदिक रीति-रिवाजों को करीब से देखा, जिसने दोनों को गहराई से प्रभावित किया. भारतीय परंपराओं के प्रति इसी आकर्षण ने उन्हें यह सोचने पर मजबूर किया कि अपने प्रेम को हिंदू संस्कारों के साथ एक नई पहचान देंगे. इसी सोच ने उन्हें जोधपुर तक पहुंचा दिया, जहाँ उन्होंने 18 सितंबर को वैदिक परंपराओं और राजस्थानी रीति-रिवाजों के साथ अपने रिश्ते को औपचारिक रूप दिया.
परदे पर देखे सपने, जोधपुर में हुए सचअन्हेलिना को भारतीय फिल्मों का बचपन से ही शौक था. बॉलीवुड की कहानियाँ, रंग-बिरंगे परिधान और शादी के गीत उनकी पसंद का हिस्सा रहे थे. फिल्मों में दिखाई जाने वाली भव्य भारतीय शादियाँ उनके लिए हमेशा एक सपना थीं. यह सपना स्टानिस्लाव ने उनके लिए सच कर दिखाया. चार साल की रिलेशनशिप के दौरान ही दोनों ने तय कर लिया था कि विवाह होगा तो भारतीय परंपराओं के अनुसार ही होगा. उन्होंने तीन अलग-अलग देशों में समारोह करने का विचार भी किया, लेकिन भारतीय रस्मों से उनका लगाव इतना गहरा था कि अंत में उन्होंने पूरा आयोजन भारत में ही करने का निर्णय लिया. जयपुर, उदयपुर और जोधपुर में जगहें देखने के बाद उन्होंने दिल्ली की एक ट्रैवल कंपनी से संपर्क किया, जिसने ठीक वैसी ही शादी की तैयारी की जैसी अन्हेलिना फिल्मों में देखा करती थीं.
जहाँ रस्मों ने रची दो दिलों की अनोखी कहानीजोधपुर पहुँचकर दोनों ने भारतीय रस्मों को जिस उत्साह और सम्मान से अपनाया, उसने सभी का दिल जीत लिया. 18 सितंबर को हुई शादी में हल्दी की खुशबू, ढोल-नगाड़ों की धुन और मारवाड़ी परिधानों की शान ने माहौल को पूरी तरह पारंपरिक बना दिया. स्टानिस्लाव शेरवानी और पगड़ी में राजस्थानी ठाठ में नजर आए, वहीं अन्हेलिना पारंपरिक मारवाड़ी वेशभूषा में किसी लोककथा की नायिका जैसी दिखीं. वैदिक मंत्रों के बीच फेरे लेते समय दोनों की आँखों में जो भावनाएँ थीं, वे यह बताने के लिए काफी थीं कि यह सिर्फ एक विवाह नहीं बल्कि दो संस्कृतियों का पवित्र संगम था. उनकी यह सच्ची प्रेम कहानी अब जोधपुर में चर्चा का विषय बन चुकी है.
About the AuthorAnand Pandey
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
Location :
Jodhpur,Rajasthan
First Published :
December 08, 2025, 16:48 IST
homerajasthan
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