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India US Military Drill Tarang : कल मोदी-ट्रंप की बात, आज बॉर्डर पर भारत-अमेरिका के फाइटर जेट्स, पाकिस्तान में कैसे मचा हड़कंप?

इस्लामाबाद: इस वक्त बॉर्डर पर घमासान मचा हुआ है. पाकिस्तान में हड़कंप इस बात का है कि भारत-अमेरिका के फाइटर जेट्स की गूंज बॉर्डर पर सुनाई दे रही है और इसी से पाकिस्तान की हालत खराब है. कल ही पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप में बात हुई. और आज भारत और अमेरिका के फाइटर जेट्स गरजने लगे जिससे पाकिस्तान में हड़कंप मच गया. पहले ही ऑपरेशन सिंदूर पार्ट 2 के खौफ से डरे मुनीर शहबाज को नींद नहीं आ रही है. क्योंकि भारत और अमेरिका ही नहीं पाकिस्तान बॉर्डर पर 8 देशों के फाइटर जेट्स और मॉर्डन वॉरफेयर में माहिर 80 से ज्यादा एयरक्राफ्ट्स दहाड़ रहे हैं. डेढ़ हजार से ज्यादा सैनिक युद्ध की तैयारी में जुटे हैं.

भारत-अमेरिका ने कैसे बढ़ाईं पाकिस्तान की धड़कनें?

मुनीर और शहबाज की धड़कनें इसलिए भी बढ़ी हुई हैं. क्योंकि इधर भारत के बॉर्डर पर युद्ध की तैयारी हो रही है. उधर घर में चौतरफा हो रही पिटाई से हड़बड़ाए मुनीर और शहबाज ने इस बार वो गलती कर दी है कि तालिबान ने पेशावर में अफगान झंडा फहराने का प्लान तैयार कर लिया है.

राजस्थान के जोधपुर में पाकिस्तान बॉर्डर के पास भारतीय वायु सेना के स्वदेशी फाइटर जेट तेजस और अमेरिका के सबसे आधुनिक और दुनिया के सबसे घातक माने जाने वाले F-35 फाइटर जेट की जुगलबंदी की हैं. तेजस और F-35 फाइटर जेट ने जोधपुर में चल रही तरंग शक्ति वॉर ड्रिल में पहली बार एक साथ उड़ान भरी.

अमेरिका के 6 सबसे एडवांस्ड F-35 फाइटर जेट इस वॉर ड्रिल में शामिल होने जोधपुर पहुंचे हैं. जिनकी तस्वीरें खुद भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने शेयर की. अमेरिका से 200 से ज्यादा वायु सैनिक भी वॉर ड्रिल के लिए जोधपुर पहुंचे हैं.

अमेरिका के F35 फाइटर जेट का वॉर ड्रिल के लिए भारत पहुंचना इसलिए भी अहम है. क्योंकि अमेरिका ने अब तक सिर्फ चुनिंदा देशों को ही अपने ये फाइटर जेट बेचे हैं. और NATO में अपने सहयोगी तुर्की के F35 देने से इसलिए मना कर दिया. क्योंकि उसके पास रूस से मिला S400 एयर डिफेंस सिस्टम है.

रूस के S400 एयर डिफेंस सिस्टम भारत के पास भी है. लेकिन ये मोदी के नए भारत का जलवा है कि इसके बावजूद भी अमेरिका.. भारत को अपने सबसे ताकतवर F35 बेचने में इंटरेस्ट दिखा रहा है.

सिर्फ अमेरिका नहीं भारत में फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, UAE, श्रीलंका और बांग्लादेश भी

पाकिस्तान में हड़कंप इसलिए भी मचा हुआ है. क्योंकि इधर उसके बॉर्डर पर भारत और अमेरिका के फाइटर जेटर गरज रहे हैं. और इस सबके बीच भारतीय सेना..अमेरिका की सेना को आकाश एयर डिफेंस सिस्टम की ट्रेनिंग दे रही है. उसकी ताकत दिखा रही है. जिसने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान की भारत हमले की हर कोशिश को धुआं धुआं कर दिया था.

राजस्थान के जोधपुर में चल रही ‘तरंग शक्ति’ वॉर ड्रिल में भारत और अमेरिका समेत दुनिया के 8 देशों की वायु सेनाएं अपना दम दिखा रही हैँ. वहीं 32 से ज्यादा देश इस वॉरड्रिल को देखने के लिए ऑब्जर्वर के तौर पर शामिल हुए हैं. ‘पावर इन पार्टनशिप’ थीम पर चल रही ये वॉर ड्रिल 12 अक्टूबर तक चलेगी. जिसमें भारत, अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, UAE, श्रीलंका और बांग्लादेश की वायु सेना अपने सबसे आधुनिक और घातक विमानों के साथ हिस्सा ले रही हैं. तरंग शक्ति वॉर ड्रिल में भारत और अमेरिका समेत दूसरे देशों के 30 फाइटर जेट पहुंचे हैं.

भारतीय वायु सेना के तेजस, सुखोई, मिराज 2000, मिग-29 और जगुआर जैसे फाइटर जेट दम दिखा रहे हैं.
अमेरिकी वायुसेना के 6 सबसे एडवांस्ड F-35A फाइटर जेट भी पहली बार भारत में किसी वॉरड्रिल में उड़ान भर रहे हैं.
फ्रांस ने भी अपने 6 सबसे मॉर्डन राफेल फाइटर जेट्स को वॉर ड्रिल के लिए भेजा है.
इसके अलावा UAE की वायुसेना के भी F-16 फाइटर जेट्स वॉर ड्रिल का हिस्सा बने हैं.

पाकिस्तान बॉर्डर पर दहाड़ेंगे 7 एयरक्राफ्ट

फाइटर जेट्स ही नहीं युद्ध के वक्त काम आने वाले दूसरे एयरक्राफ्ट भी पाकिस्तान बॉर्डर के पास चल रही वॉर ड्रिल में अपना लोहा मनवाने के लिए पहुंचे हैं और भारतीय वायुसेना के साथ मिलकर दुनिया के दिखा रहे हैं कि कैसे बैटल ग्राउंड में जरूरत पड़ने पर हवा में ईंधन भरा जाता है. कैसे दुश्मन के हर कदम पर नजर रखी जाती है. तरंग शक्ति वॉर ड्रिल में कई एयरक्राफ्ट अपना दम दिखा रहे हैं.

अमेरिका का KC-135 एयरक्राफ्ट है, जो हवा में ईंधन भर सकता है.
फ्रांस ने A330 MRTT एयरक्राफ्ट भी वॉर ड्रिल के लिए पहुंचा है. जो हवा में ईंधन भरने वाला मल्टी रोल टैंकर ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट है.
जर्मनी का A-400M सैन्य ट्रांसपोर्ट विमान भी वॉर ड्रिल में शामिल है. जो युद्ध के वक्त सैनिकों और दूसरे सैन्य सामान को ले जाने का काम करता है.
ऑस्ट्रेलिया का C-130 सैन्य ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और KC-30A मल्टी रोल टैंकर ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट भी तरंग शक्ति के लिए पहुंचे हैं.
UAE की वायुसेना का ग्लोबल 6000 एयरक्राफ्ट भी वॉरड्रिल का हिस्सा है. जो लंबी दूरी तक उड़ान भरते हुए दुश्मन की हरकतों पर निगरानी रखने का काम करता है.
श्रीलंका ने का निगरानी विमान किंग एयर 350 भी वॉरड्रिल में अपना दम दिखाने पहुंचा है.
बांग्लादेश का C-130J सैन्य ट्रांसपोर्ट विमान भी तरंग शक्ति में शामिल है.

भारत समेत दुनिया के 8 देशों की वायु सेनाओं के ये एयरक्राफ्ट 12 अक्टूबर तक अलग अलग हवाई अभियानों को अंजाम देंगे. इस वॉर ड्रिल का मकसद वायु सेनाओं के बीच मॉर्डन तकनीक की अदला बदली करना और एक दूसरे के साथ मिलकर किसी भी इमरजेंसी से निपटने की क्षमता को बढ़ाना है. वॉर ड्रिल के दौरान दिन और रात में होने वाले हवाई हमलों और एयर टू एयर रिफ्यूलिंग जैसे कठिन ऑपरेशन्स में महारत हासिल करना है.

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