भारत झुकेगा नहीं! रूस से खरीद डाला रिकॉर्ड कच्चा तेल, ना-ना करते रह गए ट्रंप, आंकड़ों से अमेरिका भी हैरान

Last Updated:June 20, 2026, 11:31 IST
Russian Crude Import : भारत का रूस से कच्चा तेल आयात जून में आल टाइम हाई पहुंच गया है. ईरान संकट के बीच भारत ने लगातार रूसी तेल खरीदने पर जोर दिया है. आंकड़े बताते हैं कि जून में तो यह आल टाइम हाई पहुंच गया है. इसी साल फरवरी में भारत का रूसी तेल आयात गिरकर 10 लाख बैरल के आसपास पहुंच गया था, जो जून में ढाई गुना ज्यादा दिख रहा है.रूसी तेल खरीदने के मामले में भारत ने रिकॉर्ड बना दिया है.
नई दिल्ली. डोनाल्ड ट्रंप जबसे सत्ता में आए हैं, भारत को लेकर उनका एकमात्र एजेंडा रहा है कि हम रूस के साथ कारोबार बंद कर दें . इसके लिए ट्रंप ने टैरिफ लगाया, पेनाल्टी लगाई और अन्य तरीकों से भी दबाव बनाया. लेकिन, भारत ने अभी तक रूस से कच्चे तेल की खरीद को बंद नहीं किया, उल्टा और बढ़ा दिया है. जून के आंकड़े बताते हैं कि भारत की क्रूड खरीद रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच चुकी है.
दरअसल, ईरान संकट शुरू होने के बाद भारत ने रूस से अपनी तेल खरीद को और बढ़ा दिया है. यही वजह है कि जून का आंकड़ा आल टाइम हाई पर पहुंच गया है. पिछले दिनों अमेरिका ने रूसी तेल खरीदने को लेकर छूट भी दी है, जिससे भारत को शिपमेंट बढ़ाने का मौका मिल गया. एक्सपर्ट का भी मानना है कि भारतीय रिफाइनरियों के लिए रूसी तेल आगे भी ईंधन का सबसे बड़ा सोर्स बना रहेगा.
जून में कितनी तेल खरीदजून में अभी तक भारत ने रूस से रिकॉर्ड तेल खरीदता है, जो 26 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गया. यह जून में खरीदे गए देश के कुल तेल रिकॉर्ड का 53.5 फीसदी रहा है. कमोडिटी मार्केट एनालिस्ट केप्लर ने बताया कि भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल आज भी रूस से ही खरीद रहा है. केप्लर ने बताया कि भारत की तेल खरीद 23.5 लाख बैरल प्रतिदिन से ज्यादा रहती है तो यह रिकॉर्ड लेवल होगा. इससे पहले एक महीने में सबसे ज्यादा तेल खरीदने का रिकॉर्ड मई, 2023 में 22 लाख बैरल प्रतिदिन का रहा था.
डिस्काउंट ने बढ़ाई तेल खरीदकेप्लर के रिफाइनिंग मैनेजर सुमित रितोलिया ने बताया कि भारत का तेल आया जून में काफी मजबूत बना रहा, जो रूस की ओर से दिए गए डिस्काउंट और रिफाइनरी की डिमांड के कारण दिखा है. भले ही आगे अमेरिका का प्रतिबंध लागू रहे अथवा नहीं, लेकिन भारत का रूस से क्रूड आयात हमेशा बेहतर बना रहेगा. भले ही यह खरीद रिकॉर्ड हाई लेवल पर न हो, लेकिन भारत में रूसी तेल की खरीद अच्छे -खासे लेवल पर जारी रहेगी.
मार्च से भारत ने बदली रणनीतिभारत ने अपनी तेल रणनीति में बदलाव मार्च से शुरू किया, जब ईरान और अमेरिका एक-दूसरे से लड़ रहे थे और होर्मुज बंद होने की वजह से ग्लोबल सप्लाई पर गंभीर असर पड़ा था. इससे क्रूड लदे जहाजों का किराया भी काफी बढ़ गया था, तब भारत ने रूसी तेल खरीदकर अपने आयात लक्ष्यों को पूरा किया है. गल्फ से आयात कम होने के बाद भारत ने वेनेजुएला और उत्तरी अमेरिका से क्रूड मंगाना शुरू कर दिया, लेकिन सबसे ज्यादा आयात रूस से ही होता रहा है.
कब से बढ़ रही रूसी तेल की खरीद
नवंबर 2025 में 18.4 लाख बैरल तेल प्रतिदिन की खरीद रूस से की गई थी.
दिसंबर में यह आंकड़ा 12.4 लाख बैरल प्रतिदिन रहा था.
जनवरी, 2026 में यह घटकर 10.9 लाख बैरल पहुंच गया .
फरवरी में और भी कम होकर 10.4 लाख बैरल प्रतिदिन रहा.
मार्च में दोगुना बढ़कर 19.9 लाख बैरल प्रतिदिन पहुंच गया.
अप्रैल में 15.7 लाख बैरल प्रतिदिन की तेल खरीद की गई है.
मई, 2026 में भारत की रूसी तेल खरीद 19.1 लाख बैरल रही.
जून में यह आंकड़ा 26.6 लाख बैरल प्रतिदिन पहुंच गया है.
About the AuthorPramod Kumar Tiwari
प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
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