Health

Heart health : बच्चों की थाली में बढ़ रही ऐसी खतरनाक चीज, दिल के लिए जानलेवा, आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती?

Last Updated:August 19, 2026, 19:53 IST

Heart health tips : फास्ट फूड के खतरों के बारे में लोग धीरे-धीरे जागरूक हो रहे हैं. बच्चों के लिए ये सबसे ज्यादा घातक है. पिज्जा, बर्गर और नूडल्स बच्चों को भले ही स्वादिष्ट लगते हों, लेकिन इनका बार-बार सेवन सेहत के लिए जानलेवा है. अंबाला की होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. रजिता लोकल 18 से बताती हैं कि लोगों की दिनचर्या काफी बदल गई है. खान-पान पर ध्यान नहीं देना, फास्ट फूड का अधिक सेवन, तनाव और शारीरिक गतिविधि की कमी स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रही है. बच्चों के मामले में अभिभावकों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है.

अंबाला. आज के समय में बच्चों की थाली में घर के पौष्टिक खाने की जगह फास्ट फूड तेजी से अपनी जगह बनाता जा रहा है. पिज्जा, बर्गर, नूडल्स और तले हुए खाद्य पदार्थ बच्चों को भले ही स्वादिष्ट लगते हों, लेकिन इनका बार-बार सेवन सेहत के लिए नुकसानदायक है. बदलती जीवनशैली, खान-पान की अनियमितता, शारीरिक मेहनत की कमी और बढ़ता तनाव न केवल बड़ों बल्कि बच्चों की सेहत को भी प्रभावित कर रहा है. अंबाला शहर के नागरिक अस्पताल में कार्यरत होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. रजिता लोकल 18 से बताती हैं कि दिल से जुड़ी बीमारियों को लेकर अक्सर होम्योपैथिक विभाग में मरीज सलाह और उपचार के लिए आते रहते हैं. आजकल लोगों की दिनचर्या काफी बदल गई है. खान-पान पर ध्यान नहीं देना, फास्ट फूड का अधिक सेवन, तनाव और शारीरिक गतिविधि की कमी दिल के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकती है.

आदत बना लेना ठीक नहीं

डॉ. रजिता के अनुसार बच्चों को लगातार फास्ट फूड खिलाने के बजाय उनके भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, सलाद, दालें और दूसरे पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल करने चाहिए. फास्ट फूड का अधिक सेवन पेट से जुड़ी परेशानी, गैस, अपच और वजन बढ़ने जैसी समस्याओं को बढ़ा सकता है. बच्चों के विकास के लिए संतुलित आहार बेहद जरूरी है. स्वाद के लिए कभी-कभार बाहर का खाना अलग बात है, लेकिन इसे रोजमर्रा की आदत बना लेना ठीक नहीं है.

करें तो करें क्या

डॉ. रजिता बताती हैं कि आजकल तनाव और चिंता भी लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बनते जा रहे हैं. व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार नियमित रूप से पैदल चलना और व्यायाम करना चाहिए. सुबह या शाम के समय व्यायाम करना बेहतर आदत हो सकती है. अगर किसी व्यक्ति को लगातार असामान्य थकान रहती है या सामान्य काम करने पर भी सांस फूलने लगती है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. हालांकि ऐसे लक्षण कई अन्य कारणों से भी हो सकते हैं, इसलिए किसी भी गंभीर या लगातार बने रहने वाली परेशानी में चिकित्सक से जांच करवाना जरूरी है. बच्चों के मामले में अभिभावकों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है, क्योंकि बचपन में बनी खान-पान की आदतें आगे की जिंदगी पर भी असर डालती हैं.

About the AuthorPriyanshu Gupta

प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…

और पढ़ेंFirst Published :

August 19, 2026, 19:53 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj