‘मैं ये कामुख गाना नहीं गा सकती’, जब रेखा भारद्वाज ने ठुकरा दिया था ‘नमक इश्क का’, पति ने मनाया हुआ सुपरहिट

Last Updated:June 20, 2026, 11:29 IST
हिंदी सिनेमा के सबसे यादगार गीतों में शामिल ‘नमक इश्क का’ आज भी संगीत प्रेमियों की जुबान पर है. साल 2006 में रिलीज हुई फिल्म ‘ओमकारा’ का यह गीत रेखा भारद्वाज के करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ था. हालांकि, दिलचस्प बात यह है कि जिस गाने ने उन्हें घर-घर पहचान दिलाई, उसे गाने के लिए वह शुरुआत में तैयार ही नहीं थीं.‘नमक इश्क का’ रेखा भारद्वाज के करियर का पहले बोल्ड गाना था.
नई दिल्ली. बॉलीवुड में ‘चोली के पीछे क्या है’, ‘बीड़ी जलाई ले’, ‘शीला की जवानी’ और ‘मुन्नी बदनाम हुई’ जैसे कई बोल्ड गाने आए, जिन्होंने रिलीज होते ही तहलका मचा दिया. लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक ऐसा भी सुपरहिट गीत था, जिसे गाने से उसकी सिंगर खुद हिचक रही थीं? उन्हें लगता था कि यह उनकी अब तक की बनाई गई इमेज से बिल्कुल अलग है और इसे गाना उनके लिए आसान नहीं होगा. साल 2006 में रिलीज हुई फिल्म ‘ओमकारा’ का गीत ‘नमक इश्क का’ वहीं गाना है. हालांकि, ये गाना रेखा भारद्वाज के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बना. शुरुआत में उन्होंने साफ मना कर दिया था, लेकिन एक खास शख्स ने उन पर भरोसा जताया और उन्हें मनाने में जुट गया. आखिरकार उन्होंने गाना रिकॉर्ड किया और रिलीज के बाद वह संगीत प्रेमियों की प्लेलिस्ट का हिस्सा बन गया. अब सालों बाद रेखा ने इस गाने के पीछे की कहानी को शेयर किया है.
हाल ही में समाचार एजेंसी ‘पीटीआई’ को दिए एक इंटरव्यू में रेखा भारद्वाज ने इस सुपरहिट गीत से जुड़ा दिलचस्प किस्सा साझा किया. रेखा भारद्वाज ने बताया कि जब ‘ओमकारा’ के गानों पर काम चल रहा था, तब निर्देशक और संगीतकार विशाल भारद्वाज लगातार नई धुनें तैयार कर रहे थे. समय कम होने के कारण वह अकसर गाने की शुरुआती लाइनें रेखा को सुनाते और उनकी राय लेते थे.
‘वाह! इसे रिकॉर्ड कर लूं’
उन्होंने उस मजेदार पल को भी याद किया जब विशाल ने पहली बार उनसे यह धुन गवाई थी. रेखा ने आगे कहा कि विशाल भारद्वाज अकसर अपने नए गानों को उनसे गवाते थे ताकि उन्हें धुन और प्रस्तुति का बेहतर अंदाजा मिल सके. इसी दौरान उन्होंने ‘नमक इश्क का’ भी गाया. इस गाने के लिए भी उन्होंने मुझसे गाने को कहा और मैंने इसे स्वाभाविक रूप से गा दिया. गाते-गाते इसमें कुछ हाई नोट्स अपने आप जुड़ गए, जो विशाल ने पहले कंपोज नहीं किए थे. इसे सुनकर विशाल चौंक गए और बोले ‘वाह!’. उनके पास उस समय एक मोटोरोला का फ्लिप फोन था. उन्होंने तुरंत कहा, ‘मुझे इसे रिकॉर्ड कर लेने दो, नहीं तो तुम भी भूल जाओगी और मैं भी भूल जाऊंगा.’
‘मैं ये कामुख गाना नहीं गा सकती’
रेखा ने बातचीत में आगे कहा कि इस गाने से पहले तक, मैं ज्यादातर भावुक, उदासी भरे और रूहानी गाने ही गाती थी. क्योंकि मुझे लगता था कि मैं सिर्फ इसी तरह के गाने गाने के काबिल हूं. मेरे लिए इस तरह का थोड़ा बोल्ड और ‘राउची’ (कामुख) गाना गाना एक बड़ी चुनौती थी. बाद में मैंने विशाल से कह भी दिया था कि मैं यह गाना नहीं गा सकती, यह बहुत मुश्किल गाना है. अगर आप इसके ग्राफ को देखें तो यह लगातार बदलता रहता है.
पति ने मनाया, हुआ सुपरहिट
भले ही रेखा इस गाने को लेकर हिचकिचा रही थीं, लेकिन उनके पति और संगीतकार विशाल भारद्वाज को पूरा भरोसा था कि यह गाना सिर्फ रेखा ही गा सकती हैं. उन्होंने रेखा को समझाया और आखिरकार उन्हें इस गीत को रिकॉर्ड करने के लिए मना लिया. नतीजा यह रहा कि रिलीज के बाद ‘नमक इश्क का’ जबरदस्त हिट साबित हुआ और रेखा भारद्वाज के करियर का सबसे चर्चित गीत बन गया.
20 साल पूरे करने जा रही ओमकारा’
आपको बता दें कि फिल्म ‘ओमकारा’ विलियम शेक्सपियर के नाटक ‘ओथेलो’ से इंस्पायर्ड है. यह विशाल भारद्वाज की शेक्सपियर ट्रिलोजी की दूसरी फिल्म थी, जिसमें अजय देवगन, सैफ अली खान, करीना कपूर, विवेक ओबेरॉय और कोंकणा सेन शर्मा जैसे सितारे मुख्य भूमिकाओं में थे. इस फिल्म में ‘नमक इश्क का’ के अलावा ‘बीड़ी जलइले’ भी एक बहुत बड़ा चार्टबस्टर गाना था. दिलचस्प बात यह भी है कि जुलाई 2026 में ‘ओमकारा’ अपनी रिलीज के 20 साल पूरे करने जा रही है.
About the AuthorShikha Pandey
शिखा पाण्डेय पिछले 15 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में एक्टिव हैं. शिखा दिसंबर 2019 से न्यूज 18 हिंदी के साथ हैं और बतौर चीफ सब एडिटर के पद काम कर रही हैं. पिछले 6 सालों से वह एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर रही …और पढ़ें
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